Gold में 46 साल की सबसे बड़ी गिरावट, ग्लोबल मार्केट में 12% तक टूटे भाव, आखिरी बार साल 1980 में मची थी हलचल
ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों में 46 साल की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली है, जहां महज दो ट्रेडिंग सेशन में गोल्ड करीब 12% टूटकर 5,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गया. अमेरिकी फेड चेयर की नियुक्ति से जुड़ी अनिश्चितता खत्म होने, डॉलर की तेज मजबूती समेत कुछ दूसरे कारणों के चलते सोने की कीमतों में जबरदस्त गिरावट आई है.
Gold Price Drop: घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमते बीते कुछ समय से सिर चढ़कर बोल रही थीं. इसने नए-नए रिकॉर्ड हाई भी बनाए हैं. मगर ग्लोबल मार्केट में शुक्रवार, 30 जनवरी को सोने की कीमतों में जोरदार गिरावट देखने को मिली. अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड करीब 12% तक टूट गया, जिसे 1980 के दशक की शुरुआत के बाद की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक माना जा रहा है.
शुक्रवार को सोने की कीमत 5,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे बंद हुई. जबकि इससे एक दिन पहले ही स्पॉट गोल्ड 5,600 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था. यानी सिर्फ दो ट्रेडिंग सेशन में सोना करीब 12% फिसल गया है. इस भारी गिरावट के पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर चिंताओं का कम होना और अमेरिकी डॉलर में तेज मजबूती बड़ी वजह रही.
फेड चेयरमैन की नियुक्ति से बदला माहौल
सोने की तेज रैली में गिरावट की एक बड़ी वजह मई में Jerome Powell का कार्यकाल खत्म होने के बाद अमेरिकी फेड की स्वतंत्रता कमजोर होने की आशंका है. Kevinको फेड चेयर के रूप में नामित किया गया, इससे बाजार का मूड पूरी तरह बदल गया. केविन को एक इन्फ्लेशन हॉक माना जाता है. उनकी नियुक्ति से यह डर कम हुआ कि फेड पूरी तरह व्हाइट हाउस के दबाव में काम करेगा.
डॉलर की वापसी से टूटा सोना
केविन वॉर्श की नियुक्ति के बाद अमेरिकी डॉलर में मई के बाद की सबसे बड़ी तेजी देखने को मिली. मजबूत डॉलर आमतौर पर सोना और चांदी के लिए नकारात्मक माना जाता है, क्योंकि इससे ब्याज दरें ऊंची रहने का संकेत मिलता है और बिना ब्याज वाली संपत्तियां जैसे बुलियन कम आकर्षक हो जाती हैं. इसी वजह से सोने में भारी बिकवाली देखने को मिली.
गोल्ड माइनिंग शेयर भी धड़ाम
सोने की कीमतों में आई इस गिरावट का असर गोल्ड माइनिंग कंपनियों के शेयरों पर भी पड़ा. वॉल स्ट्रीट में Newmont Corp, Barrick Mining Corp और Agnico Eagle Mines Ltd जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर 11% से 13% तक टूट गए.
मुनाफावसूली हावी
सोने का RSI 90 तक पहुंच गया है, जो बेहद ओवरबॉट जोन माना जाता है. आमतौर पर RSI 70 से ऊपर जाने पर एसेट को ओवरबॉट कहा जाता है. ऐसे में मुनाफावसूली का खतरा पहले से बना हुआ था. निवेशकों ने शुक्रवार को इसमें जमकर बिकवाली की जिससे सोने की कीमतें गिर गईं.
Goldman Sachs की राय
Goldman Sachs के मुताबिक सोने में हालिया तेजी शॉर्ट पोजिशन कवरिंग की वजह से भी आई थी. ऑप्शन सेलर्स ने बढ़ती कीमतों से बचाव के लिए ज्यादा खरीदारी की, जिससे कीमतों में स्क्वीज आया. लेकिन जैसे ही माहौल बदला, सोना उसी तेजी से नीचे आ गया.
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