Gold-Silver Rate Today 31 Jan 2026: बजट से पहले सोने-चांदी में बड़ी गिरावट, सिल्वर 128126 रुपये हुई सस्ती, ये है क्रैश की वजह
1 फरवरी को संसद में पेश होने वाले बजट से ठीक पहले सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट आई है, जहां चांदी अपने रिकॉर्ड हाई से ₹1.28 लाख प्रति किलो सस्ती हो गई है और सोना भी ऑल-टाइम हाई से 16% से ज्यादा फिसल गया है. मुनाफावसूली समेत कुछ दूसरे कारणों से अंतरराष्ट्रीय व घरेलू बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली. साथ ही Budget 2026 में इंपोर्ट ड्यूटी कटौती की आशंका ने भी निवेशकों को सतर्क कर दिया है, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है.
Gold-Silver Rate Today: 1 फरवरी का संसद में बजट पेश होने वाला है. उसके ठीक एक दिन पहले ही रिकॉर्ड हाई पर चल रहे सोने-चांदी की कीमतों में शुक्रवार को जोरदार गिरावट देखने को मिली, जिससे कीमती धातुओं के बाजार में हड़कंप मच गया. अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX गोल्ड की कीमत 11% से ज्यादा टूट गया तो वहीं COMEX सिल्वर भी 31% से ज्यादा फिसल गई. भारतीय बुलियन मार्केट में देखें तो यहां भी कीमती धातुओं के रेट में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर अप्रैल फ्यूचर्स का गोल्ड अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 16.5% नीचे आ गया है. वहीं मार्च फ्यूचर्स की चांदी अपने ऑल टाइम हाई से 30.5% लुढ़क गई है.
जानकारों के मुताबिक शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) की ओर से मार्जिन बढ़ाए जाने से सोने-चांदी में जोरदार बिकवाली देखने को मिली. निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की. जिसके चलते गोल्ड और सिल्वर के रेट क्रैश हो गए. अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX गोल्ड की कीमत 11% से ज्यादा टूटकर 4,763.10 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई. यह अपने रिकॉर्ड हाई 5,625.16 डॉलर प्रति औंस से करीब 15% नीचे है. वहीं COMEX सिल्वर की कीमत अपने लाइफटाइम हाई 121.755 डॉलर प्रति औंस से करीब 31% से ज्यादा फिसल चुकी है.
भारत में भी भारी दबाव
घरेलू बाजार में MCX पर भी सोने-चांदी में भारी दबाव देखने को मिला. अप्रैल फ्यूचर्स का गोल्ड ₹1,50,849 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से ₹1,496 यानी करीब 1% की गिरावट है. वहीं यह अपने ऑल-टाइम हाई ₹1,80,779 से करीब 16.5% नीचे है. जबकि मार्च फ्यूचर्स की चांदी ₹2,91,922 प्रति किलो पर बंद हुई, जो अपने रिकॉर्ड हाई ₹4,20,048 से करीब 30.5% कम है. यानी चांदी अपने रिकॉर्ड हाई के मुकाबले ₹1,28,126 प्रति किलो सस्ती हो चुकी है.
क्यों फीकी हुई सोने-चांदी की चमक?
- जानकारों के मुताबिक CME ने कॉपर पर मार्जिन मनी 20% तक बढ़ा दी, जिससे सोना और चांदी पर भी मार्जिन बढ़ने की आशंका फैल गई. चूंकि ये दोनों धातुएं पहले से ही ओवरबॉट जोन में थीं, ऐसे में घबराहट में भारी बिकवाली शुरू हो गई.
- इसके अलावा अमेरिका में फेड चेयर को लेकर अनिश्चितता खत्म होने और डॉलर के मजबूत होने से भी सोने-चांदी पर दबाव बढ़ा है.
- निवेशक बजट में संभावित फैसलों (जैसे इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती) को लेकर सतर्क हैं. ऐसे में ग्लोबल मार्केट से आशंका की खबर को देखते हुए मुनाफावसूली की गई. जिससे सोने-चांदी के दाम औंधे मुंह गिर गए.
Budget 2026 से बढ़ सकती है हलचल
जानकारों का कहना है कि Union Budget 2026 पर खास निवेशकों की खास नजर है. क्योंकि बाजार में चर्चा है कि सरकार ज्वैलरी डिमांड बढ़ाने के लिए सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी घटा सकती है. अगर बजट में ऐसा ऐलान होता है, तो घरेलू बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में और गिरावट आ सकती है.
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US Fed और डॉलर का असर
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए फेड चेयर के चयन के बाद सख्त मौद्रिक नीति की आशंका बढ़ी है, जिससे अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ और ओवरबॉट सोना-चांदी बुरी तरह पिट गए. इसका असर गोल्ड और सिल्वर ETF तक पर देखने को मिल सकता है. इसके अलावा नए फेड चेयर के ऐलान के बाद पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता खत्म हो गई है. ब्याज दरों को लेकर स्पष्टता आने से सेफ-हेवन डिमांड कमजोर हुई और सोना-चांदी की तेजी थम गई है.
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