कहीं साइबर ठग के फोन में लॉगिन तो नहीं है आपका WhatsApp! ऐसे करें चेक, इन 3 स्टेप में हैक होने से बचाएं

डिजिटल युग में व्हाट्सएप हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बन चुका है, लेकिन साइबर अपराधी इसे ठगी का प्रमुख हथियार बना रहे हैं. हाल के महीनों में व्हाट्सएप हैकिंग के मामले तेजी से बढ़े हैं, जहां फर्जी कॉल्स, ओटीपी चोरी, कॉल फॉरवर्डिंग और घोस्ट पेयरिंग जैसी तकनीकों से अपराधी अकाउंट पर कब्जा कर लाखों रुपये की ठगी कर रहे हैं. थोड़ी सी सतर्कता और सही सेटिंग्स से अपना अकाउंट सुरक्षित रखा जा सकता है.

डिजिटल दुनिया में व्हाट्सएप जैसे ऐप्स हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन इसी के साथ साइबर अपराधियों की नजरें भी इन पर टिकी हुई हैं. हाल के महीनों में व्हाट्सएप हैकिंग के जरिए ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं, जहां हैकर्स यूजर्स के अकाउंट पर कब्जा करके उनके संपर्कों से पैसे ऐंठते हैं या बैंक अकाउंट खाली कर देते हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में अकेले तमिलनाडु में ऐसे 3,000 से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं, जबकि पूरे भारत में व्हाट्सएप हर महीने औसतन 98 लाख भारतीय अकाउंट्स को स्कैम और पॉलिसी उल्लंघन के लिए ब्लॉक कर रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सतर्कता से इन ठगियों से बचा जा सकता है.

ठगी कैसे होती है?

साइबर अपराधी व्हाट्सएप अकाउंट हैक करने के लिए मुख्य रूप से सोशल इंजीनियरिंग और तकनीकी कमजोरियों का फायदा उठाते हैं. यहां कुछ सामान्य तरीके हैं:

फर्जी कॉल्स और मैसेजेस: अपराधी खुद को डिलीवरी एजेंट, बैंक अधिकारी या व्हाट्सएप सपोर्ट बताकर फोन करते हैं. वे यूजर को एक ओटीपी (वन-टाइम पासवर्ड) शेयर करने या कोई लिंक क्लिक करने के लिए उकसाते हैं.

कॉल फॉरवर्डिंग का दुरुपयोग: हैकर्स यूजर के फोन पर कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिवेट कर देते हैं, जिससे बैंक ओटीपी उनके पास पहुंच जाते हैं. दिल्ली में एक स्कूल टीचर का केस इसका उदाहरण है, जहां व्हाट्सएप हैक के बाद कॉल फॉरवर्डिंग से 6.98 लाख रुपये बैंक से उड़ा लिए गए.

घोस्ट पेयरिंग वल्नरेबिलिटी: भारत की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In ने हाल ही में ‘घोस्ट पेयरिंग’ नाम की एक कमजोरी पर अलर्ट जारी किया है, जहां हैकर्स बिना पासवर्ड या सिम स्वैप के यूजर के अकाउंट को मिरर कर लेते हैं और मैसेजेस, फोटोज तक एक्सेस कर लेते हैं. एक बार अकाउंट हैक होने पर, अपराधी यूजर के नाम से दोस्तों-रिश्तेदारों को इमरजेंसी बताकर पैसे मांगते हैं या फर्जी लिंक्स भेजते हैं.

व्हाट्सएप अकाउंट कैसे बचाएं?

भारतीय साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के आधिकारिक हैंडल @CyberDost ने हाल ही में एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें तीन महत्वपूर्ण सेटिंग्स बताई गई हैं जो हैकिंग से बचाव कर सकती हैं. ये सेटिंग्स आसानी से चेक और एक्टिवेट की जा सकती हैं:

लिंक्ड डिवाइसेस चेक करें: व्हाट्सएप सेटिंग्स में जाकर ‘Linked Devices’ देखें. अगर कोई अज्ञात डिवाइस जुड़ा है, तो तुरंत लॉग आउट करें. इससे हैकर्स आपके अकाउंट को मिरर नहीं कर पाएंगे.

प्राइवेसी – एडवांस्ड सेटिंग्स: यहां ‘Block unknown accounts’ को ऑन करें, ‘Protect IP address in calls’ एक्टिवेट करें (जिससे कॉल्स में आपका आईपी छिपा रहे), और ‘Disable link previews’ चुनें (जिससे संदिग्ध लिंक्स के प्रीव्यू न दिखें). ये फीचर्स फिशिंग अटैक्स से बचाते हैं.

टू-स्टेप वेरिफिकेशन इनेबल करें: सेटिंग्स में जाकर 6-अंकीय PIN सेट करें. इससे हैकर्स ओटीपी मिलने पर भी अकाउंट एक्सेस नहीं कर पाएंगे.