मुकेश अंबानी का ऐलान, रिलायंस और Jio मिलकर 10 लाख करोड़ का करेंगी निवेश; घटाएंगे AI की लागत
मुकेश अंबानी ने भविष्यवाणी की कि 21वीं सदी में भारत दुनिया की सबसे बड़ी AI ताकतों में से एक बन जाएगा. कोई भी देश डेमोग्राफी, डेमोक्रेसी, डेवलपमेंट, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा जेनरेशन और AI हार्वेस्ट में भारत की मिली-जुली ताकत का मुकाबला नहीं कर पाएगा.
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने भारत के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बदलाव के केंद्र में Jio को लाने के लिए एक बड़ा रोडमैप बताया और ‘देश को इंटेलिजेंस के दौर से जोड़ने’ के बड़े ऐलान किए. अरबपति मुकेश अंबानी ने गुरुवार को अपने ग्रुप द्वारा 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की, साथ ही उन्होंने मोबाइल डेटा की तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में क्रांति लाने का वादा किया. नई दिल्ली में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में बोलते हुए, अंबानी ने कहा कि AI का सबसे अच्छा रूप अभी आना बाकी है और AI बहुत ज्यादा बहुतायत के युग की शुरुआत कर सकता है.
दोराहे पर खड़ी है दुनिया
उन्होंने कहा कि दुनिया AI को लेकर एक दोराहे पर खड़ी है, एक रास्ता दुर्लभ, महंगे AI और कंट्रोल्ड डेटा की ओर ले जाता है, जबकि दूसरा सस्ता और आसानी से मिलने वाला AI सुनिश्चित करता है.
10 लाख करोड़ के निवेश का ऐलान
उन्होंने कहा, ‘रिलायंस के साथ जियो इस साल से शुरू होकर अगले 7 साल में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा. यह कोई सट्टेबाजी वाला निवेश नहीं है.’ अंबानी ने कहा कि यह वैल्यूएशन का पीछा करने के लिए नहीं है. यह धैर्य और अनुशासन के साथ देश बनाने वाला कैपिटल है. उन्होंने कहा कि AI में सबसे बड़ी रुकावट टैलेंट की कमी नहीं, बल्कि कंप्यूट की ज्यादा लागत है. जियो इंटेलिजेंस भारत का सॉवरेन कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएगा.’ इसमें गीगावाट-स्केल डेटा सेंटर शामिल हैं.
इंटेलिजेंस से देश को जोड़ेंगे
Jio ने भारत को इंटरनेट के जमाने से जोड़ा और अब यह इसे इंटेलिजेंस के जमाने से जोड़ेगा. हम हर नागरिक, इकोनॉमी के हर सेक्टर और सोशल डेवलपमेंट के हर पहलू तक इंटेलिजेंस पहुंचाएंगे. Jio यह काम उसी भरोसे के साथ करेगा. उन्होंने कहा कि रिलायंस जियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की लागत को काफी कम कर देगा.
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में अपने भाषण के दौरान, अंबानी ने कहा, ‘आज, रिलायंस ग्रुप और जियो इंटेलिजेंस की ओर से मैं तीन घोषणाएं करना चाहता हूं. पहला, जियो ने भारत को इंटरनेट के दौर से जोड़ा. जियो अब भारत को इंटेलिजेंस के दौर से जोड़ेगा. हम हर नागरिक, अर्थव्यवस्था के हर सेक्टर, और सामाजिक विकास के हर पहलू और सरकार की हर सर्विस तक इंटेलिजेंस पहुंचाएंगे. जियो यह उसी भरोसे, क्वालिटी, स्केल और बहुत किफायती दाम पर करेगा जिसने कनेक्टिविटी को बदल दिया. भारत इंटेलिजेंस किराए पर नहीं ले सकता. इसलिए, हम इंटेलिजेंस की कीमत उतनी ही कम करेंगे जितनी हमने डेटा की कीमत कम की थी.’
दो अन्य अहम घोषणाएं
दूसरी घोषणा निवेश को लेकर थी. उन्होंने कहा कि जियो, रिलायंस के साथ मिलकर, इस साल से शुरू होकर अगले सात वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा.
तीसरी घोषणा में मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो के नेटवर्क के साथ गहराई से जुड़ी एज कंप्यूट लेयर, इंटेलिजेंस को रिस्पॉन्सिव, कम लेटेंसी वाला और भारतीयों के रहने, सीखने और काम करने की जगह के पास सस्ता बनाएगी.
अंबानी ने भविष्यवाणी की कि 21वीं सदी में भारत दुनिया की सबसे बड़ी AI ताकतों में से एक बन जाएगा. उन्होंने कहा कि कोई भी देश डेमोग्राफी, डेमोक्रेसी, डेवलपमेंट, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा जेनरेशन और AI हार्वेस्ट में भारत की मिली-जुली ताकत का मुकाबला नहीं कर पाएगा.
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