इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में महंगाई का दौर… मोबाइल-TV-लैपटॉप होंगे महंगे! AI की तेज रफ्तार ने बढ़ाए चिप के दाम
मोबाइल फोन, टीवी और लैपटॉप की कीमतें 4 से 8 फीसदी तक बढ़ सकती हैं. यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हो रही है, जब नवंबर और दिसंबर में ही कई प्रोडक्ट्स 3 से 21 फीसदी तक महंगे हो चुके हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है मेमोरी चिप्स की कीमतों में तेज उछाल. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग ने चिप्स की डिमांड बढ़ा दी है.
Prices of Electronics: अगर आप नया स्मार्टफोन, टीवी या लैपटॉप खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. आने वाले एक से दो महीनों में इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और बाजार से जुड़े जानकारों के मुताबिक मोबाइल फोन, टीवी और लैपटॉप की कीमतें 4 से 8 फीसदी तक बढ़ सकती हैं.
यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हो रही है, जब नवंबर और दिसंबर में ही कई प्रोडक्ट्स 3 से 21 फीसदी तक महंगे हो चुके हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है मेमोरी चिप्स की कीमतों में तेज उछाल. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग ने चिप्स की डिमांड बढ़ा दी है, जिससे सप्लाई दबाव में आ गई है. इसका सीधा असर आम ग्राहकों की जेब पर पड़ने वाला है.
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक मेमोरी चिप्स की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. मार्केट रिसर्च फर्म Counterpoint Research का कहना है कि मेमोरी मार्केट इस समय “हाइपर-बुल” फेज में है. पिछली तिमाही में चिप्स की कीमतें करीब 50 फीसदी बढ़ीं और मौजूदा तिमाही में इसमें 40 से 50 फीसदी की और तेजी आने की आशंका है. अप्रैल से जून के बीच भी कीमतें 20 फीसदी तक बढ़ सकती हैं.
स्मार्टफोन कंपनियों ने शुरू की कीमत बढ़ाना
Counterpoint के रिसर्च डायरेक्टर Tarun Pathak के मुताबिक कुछ स्मार्टफोन ब्रांड्स ने जनवरी में ही दाम बढ़ा दिए हैं. Vivo और Nothing जैसे ब्रांड्स ने अपने फोन्स की कीमतें ₹3,000 से ₹5,000 तक बढ़ाई हैं. Samsung जैसी कंपनियां सीधे दाम न बढ़ाकर कैशबैक और डिस्काउंट कम कर रही हैं. आने वाले समय में कंपनियां लागत बचाने के लिए डिस्प्ले या दूसरे फीचर्स में कटौती भी कर सकती हैं.
टीवी कंपनियों पर भी असर
मेमोरी चिप्स की कमी से टीवी बनाने वाली कंपनियां भी परेशान हैं. Kodak, Thomson और Blaupunkt ब्रांड के टीवी बेचने वाली कंपनी Super Plastronics के CEO Avneet Singh Marwah ने बताया कि उन्हें जरूरत के मुकाबले सिर्फ 10 फीसदी मेमोरी चिप्स मिल पा रही हैं. कंपनी ने नवंबर में 7 फीसदी, जनवरी में 10 फीसदी कीमत बढ़ाई है और फरवरी में 4 फीसदी और बढ़ोतरी की तैयारी है. आने वाली रिपब्लिक डे सेल में भी डिस्काउंट बेहद सीमित रहने की उम्मीद है.
लैपटॉप और रिटेल बाजार की हालत
रिटेल चेन का कहना है कि लैपटॉप पहले ही 5 से 8 फीसदी महंगे हो चुके हैं. Great Eastern Retail के डायरेक्टर Pulkit Baid के मुताबिक टीवी ब्रांड्स ने भी जल्द कीमत बढ़ाने के संकेत दिए हैं. इससे मांग पर तुरंत असर पड़ेगा.
मोबाइल बाजार में बड़ा झटका संभव
मोबाइल रिटेलर्स की संस्था All India Mobile Retailers Association के मुताबिक नवंबर-दिसंबर में मोबाइल फोन 3 से 21 फीसदी तक महंगे हुए हैं. संस्था का अनुमान है कि आने वाले महीनों में कुल बढ़ोतरी 30 फीसदी तक पहुंच सकती है. AIMRA के चेयरमैन Kailash Lakhyani ने कहा कि 2026 में मोबाइल की बिक्री 10 से 12 फीसदी तक घट सकती है. सबसे ज्यादा असर ₹20,000 से कम कीमत वाले फोन सेगमेंट पर पड़ेगा.
मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमतें अब सिर्फ कंपनियों की परेशानी नहीं रहीं, बल्कि आम ग्राहकों के लिए भी बड़ा झटका बनती जा रही हैं. अगर हालात ऐसे ही रहे, तो 2026 में मोबाइल, टीवी और लैपटॉप खरीदना और महंगा हो सकता है. ऐसे में ग्राहक फिलहाल इंतजार की रणनीति अपना रहे हैं.
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