कहीं आपका वैलेंटाइन साइबर ठग तो नहीं, दिखे ये तीन लक्षण तो हो जाएं अलर्ट, चेतावनी जारी

वैलेंटाइन वीक के दौरान ऑनलाइन दोस्ती और रिश्तों का चलन तेजी से बढ़ जाता है, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी के मामले भी बढ़ते हैं. सोशल मीडिया और डेटिंग प्लेटफॉर्म पर कुछ संकेत ऐसे होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि सतर्कता और स्पष्ट सीमाएं ही डिजिटल रिश्तों में सबसे बड़ी सुरक्षा हैं.

Cyber Fraud Image Credit: AI/Canva

Valentines Day Cyber Fraud: वैलेंटाइन वीक के दौरान जहां एक ओर लोग अपने रिश्तों को खास बनाने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर साइबर ठग भी सक्रिय हो जाते हैं. सोशल मीडिया और डेटिंग प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती दोस्ती के बीच कई ऐसे संकेत सामने आते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऑनलाइन फ्रेंडशिप या रिलेशनशिप में कुछ व्यवहार स्पष्ट रूप से “रेड फ्लैग” होते हैं, जिन्हें पहचानना और समय रहते सतर्क होना बेहद जरूरी है.

बहुत जल्दी पर्सनल बातें करना

ऑनलाइन ठगी के मामलों में अक्सर देखा गया है कि सामने वाला व्यक्ति बेहद कम समय में निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश करता है. अजनबी लोगों से अचानक फ्रेंड रिक्वेस्ट आना और तुरंत व्यक्तिगत सवाल पूछना खतरे का संकेत हो सकता है. कई बार स्कैमर्स भावनात्मक जुड़ाव का नाटक कर भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं, ताकि बाद में उसका फायदा उठाया जा सके. विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी नए ऑनलाइन संपर्क के साथ धीरे-धीरे और सीमित जानकारी साझा करना ही सुरक्षित तरीका है.

पैसों की मांग और मुलाकात से बचना

ऑनलाइन रिश्तों में यदि कोई व्यक्ति अचानक पैसों की मांग करने लगे या किसी बहाने से आर्थिक मदद मांगे, तो यह गंभीर चेतावनी है. साइबर अपराधी अक्सर इमरजेंसी, गिफ्ट, टिकट या मेडिकल कारणों का हवाला देकर पैसे ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाते हैं. इसके अलावा, जो लोग लगातार वीडियो कॉल या आमने-सामने मिलने से बचते हैं, उनके इरादों पर भी सवाल उठता है. नकली या जनरल प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल करना भी फर्जी पहचान का संकेत हो सकता है.

दबाव बनाना खतरनाक संकेत

साइबर ठग अक्सर रिश्ते में जल्दबाजी दिखाते हैं और सामने वाले पर भावनात्मक दबाव बनाते हैं. “अभी फैसला करो”, “अगर मुझसे प्यार है तो मदद करो” जैसे संवाद मानसिक दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में घबराने या भावनाओं में बहने के बजाय सतर्क रहना जरूरी है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी तरह का दबाव महसूस होने पर बातचीत रोक दें और जरूरत पड़ने पर संबंधित प्लेटफॉर्म या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें.

ऑनलाइन दुनिया में दोस्ती और रिश्ते बनाना आज आम बात है, लेकिन सुरक्षा और सीमाएं तय करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. जागरूकता और सतर्कता ही साइबर ठगी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है.