संकट नहीं… AI बनेगा सॉफ्टवेयर सेक्टर का सपोर्ट सिस्टम, Anthropic के दावे से मचा कोहराम, जानें क्या कहती है HSBC रिपोर्ट?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर टेक जगत में बड़ी बहस छिड़ी है. निवेशकों को डर है कि कहीं एआई आईटी और सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री के लिए खतरा न बन जाए. हालिया बाजार गिरावट और एआई कंपनियों के दावों ने चिंता बढ़ा दी है. हालांकि, HSBC की नई रिपोर्ट इस बहस को नई दिशा देती नजर आ रही है.
AI vs Software: टेक दिग्गजों से लेकर टेक कंपनियों में निवेश करने वाले निवेशकों के बीच एक सवाल यक्ष प्रश्न की तरह खड़ा है. वह सवाल है-क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आईटी और सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री को झटका देगा? बीते कुछ कारोबारी दिनों में देश की आईटी कंपनियों के शेयरों ने लगभग 8 लाख करोड़ रुपये गंवा दिए हैं.
फरवरी महीने के पहले हफ्ते में एक ऐसी खबर आई, जिसने शेयर बाजार में कोहराम मचा दिया. यह खबर एआई कंपनी Anthropic से जुड़ी थी. कंपनी ने दावा किया कि उसने एक ऐसा एआई टूल विकसित किया है, जो कॉन्ट्रैक्ट रिव्यू करना, NDA (नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट) की जांच करना, कंप्लायंस वर्कफ्लो संभालना, लीगल ब्रीफ तैयार करना और स्टैंडर्ड जवाब देने जैसे काम कर सकता है. खबर सामने आते ही शेयर बाजार में निवेशकों के लगभग 2 लाख करोड़ रुपये डूब गए.
HSBC ने हाल ही में एक रिपोर्ट में बताया है कि क्या एआई सॉफ्टवेयर की जगह ले सकता है. HSBC ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, एआई सॉफ्टवेयर को खत्म नहीं करेगा, बल्कि उसके साथ मिलकर काम करेगा और कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा करेगा.
AI vs Software की बहस क्यों गलत है?
रिपोर्ट के अनुसार, एआई और सॉफ्टवेयर को एक-दूसरे का दुश्मन मानना सही नहीं है. एआई कुछ खास कामों में बहुत उपयोगी है, जैसे इमेज, वीडियो और कोड बनाना या चैटबॉट चलाना. लेकिन किसी बड़ी कंपनी में सिर्फ एआई से काम नहीं चलता. एआई डेटा और जानकारी तैयार करता है, लेकिन उसे संभालने, स्टोर करने, जांचने और इस्तेमाल करने का काम सॉफ्टवेयर करता है. यानी दोनों की अपनी-अपनी भूमिका है.
बड़ी कंपनियों पर असर कम
रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़े एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म में एआई एक हिस्से के रूप में काम करेगा. एआई डोमेन स्पेसिफिक यानी खास क्षेत्रों के कठिन कामों में मदद करेगा, जहां इंसानी सोच जैसी समझ की जरूरत होती है. लेकिन पूरी सिस्टम की कमान सॉफ्टवेयर के हाथ में ही रहेगी. इस तरह एआई को सॉफ्टवेयर सिस्टम के अंदर शामिल किया जाएगा, न कि उसकी जगह पर.
सॉफ्टवेयर कंपनियां के लिए AI है अवसर
कुछ निवेशकों का मानना है कि एआई खुद नया सॉफ्टवेयर बना सकता है और पुरानी कंपनियों को पीछे छोड़ सकता है. लेकिन रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा होना आसान नहीं है. स्टार्टअप कंपनियों के पास अनुभव और मजबूत नेटवर्क की कमी होती है. वहीं बड़ी एआई मॉडल बनाने वाली कंपनियां अपने मॉडल पर ज्यादा ध्यान देती हैं. रिपोर्ट कहती है कि मौजूदा सॉफ्टवेयर कंपनियां ही एआई का सही इस्तेमाल कर बेहतर सॉफ्टवेयर बना सकती हैं. उनके पास अनुभव, ग्राहकों का भरोसा और मजबूत टीम होती है.
सॉफ्टवेयर सेक्टर के लिए बड़ा अवसर
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सॉफ्टवेयर सेक्टर एआई का इस्तेमाल कर अपने बाजार (TAM) को बढ़ा सकता है. एआई के जरिए नए फीचर, तेज काम और बेहतर सेवाएं दी जा सकती हैं. इससे कंपनियों की प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी और मुनाफा भी. इस आधार पर कहा जा सकता है कि कि एआई सॉफ्टवेयर को खत्म नहीं करेगा, बल्कि उसे और ताकतवर बनाएगा.
Latest Stories
कहीं आपका वैलेंटाइन साइबर ठग तो नहीं, दिखे ये तीन लक्षण तो हो जाएं अलर्ट, चेतावनी जारी
भारतीय शेयर बाजार को 2 लाख करोड़ का दिया झटका, AI कंपनी Anthropic की वैल्यूएशन 34.2 लाख करोड़ पार
iOS 26.3 Update: एंड्रॉयड पर आसान स्विच, नई प्राइवेसी सेटिंग सहित मिलेंगे ये फीचर्स; जानें कैसे करें इंस्टॉल
