Telegram पर बैन के बीच सामने आया BGP Hijacking का मामला, CEO Pavel Durov ने लगाया बड़ा आरोप
Telegram पर रोक लगाने के बाद कंपनी के संस्थापक और CEO Pavel Durov ने एक बड़ा दावा किया है. उनका कहना है कि Telegram की सेवाओं को प्रभावित करने के लिए BGP Hijacking नाम की तकनीक का इस्तेमाल किया गया. BGP यानी Border Gateway Protocol इंटरनेट का एक महत्वपूर्ण सिस्टम है. यह तय करता है कि दुनिया भर में इंटरनेट ट्रैफिक किस रास्ते से किसी वेबसाइट या ऐप तक पहुंचेगा.
What is BGP Hijacking: Telegram एक बार फिर चर्चा में है. भारत सरकार द्वारा कुछ समय के लिए Telegram पर रोक लगाने के बाद कंपनी के संस्थापक और CEO Pavel Durov ने एक बड़ा दावा किया है. उनका कहना है कि Telegram की सेवाओं को प्रभावित करने के लिए BGP Hijacking नाम की तकनीक का इस्तेमाल किया गया. Durov के मुताबिक इसका असर केवल भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि UAE जैसे देशों के कुछ यूजर्स को भी Telegram इस्तेमाल करने में परेशानी हुई.
उन्होंने इसे एक तरह का “Competitive warfare” बताया है. इस पूरे मामले के बाद BGP Hijacking शब्द तेजी से चर्चा में आ गया है. कई लोग जानना चाहते हैं कि आखिर यह तकनीक क्या है और इससे किसी वेबसाइट या ऐप पर क्या असर पड़ सकता है. वहीं दूसरी तरफ Telegram पर अस्थायी रोक लगाने की वजह भी सामने आई है, जो NEET परीक्षा से जुड़ी बताई जा रही है.
क्या है BGP?
BGP यानी Border Gateway Protocol इंटरनेट का एक महत्वपूर्ण सिस्टम है. यह तय करता है कि दुनिया भर में इंटरनेट ट्रैफिक किस रास्ते से किसी वेबसाइट या ऐप तक पहुंचेगा. आसान भाषा में समझें तो यह इंटरनेट का ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम है, जो डेटा को सही जगह तक पहुंचाने का काम करता है.
क्या होता है BGP Hijacking?
जब कोई नेटवर्क गलत जानकारी देकर खुद को किसी वेबसाइट या ऐप तक पहुंचने का सबसे अच्छा रास्ता बताने लगता है, तो उसे BGP Hijacking कहा जाता है. इससे इंटरनेट ट्रैफिक गलत दिशा में चला जाता है. कई बार इससे वेबसाइट या ऐप तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है या सेवा पूरी तरह प्रभावित हो सकती है.
इसे ऐसे समझ सकते हैं जैसे किसी शहर में एक सड़क गलत बोर्ड लगाकर लोगों को अपनी ओर मोड़ दे. लोग असली रास्ते की बजाय गलत रास्ते पर चले जाएं और अपने गंतव्य तक न पहुंच पाएं.
Telegram ने क्या आरोप लगाया?
Pavel Durov का दावा है कि एक नेटवर्क ने Telegram के IP एड्रेस से जुड़ी गलत जानकारी इंटरनेट सिस्टम को भेजी. अगर दूसरे नेटवर्क इस जानकारी को सही मान लेते हैं, तो Telegram की ओर जाने वाला ट्रैफिक दूसरी दिशा में चला जाता है. इसी वजह से कुछ देशों में Telegram की सेवाएं प्रभावित हुईं.
भारत में Telegram पर क्यों लगी रोक?
मंगलवार को केंद्र सरकार के IT मंत्रालय ने Telegram को 22 जून तक ब्लॉक करने का आदेश दिया. यह फैसला National Testing Agency यानी NTA की सिफारिश पर लिया गया था. NTA का आरोप है कि Telegram पर कई चैनल NEET परीक्षा के कथित लीक पेपर बेचने का दावा कर रहे थे. इन चैनलों पर छात्रों और उनके परिवारों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक मांगे जा रहे थे.
सरकार ने Telegram को 30 जून तक अपने मैसेज एडिट फीचर को बंद करने का निर्देश भी दिया है. NTA का कहना है कि इस फीचर की मदद से कोई व्यक्ति पुराने मैसेज में बाद में बदलाव कर सकता है और नई PDF या फाइल जोड़ सकता है, जबकि मैसेज का पुराना समय ही दिखाई देता है. इससे गलत जानकारी फैलाने की आशंका बढ़ जाती है.
क्या है पूरा मामला?
फिलहाल Telegram और सरकार के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. एक तरफ Telegram BGP Hijacking का आरोप लगा रहा है, तो दूसरी तरफ सरकार और NTA परीक्षा से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं को लेकर सख्त कदम उठा रहे हैं. आने वाले दिनों में इस मामले पर और जानकारी सामने आ सकती है.
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