क्या जल्द ही होने वाला है अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध? रिपोर्ट में दावा कई हफ्तों तक चल सकता है वॉर

एजेंसी ने बुधवार को इजराइल के पूर्व मिलिट्री इंटेलिजेंस चीफ अमोस याडलिन के हवाले से कहा कि टकराव की संभावना काफी बढ़ गई है. ओपन-सोर्स फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि F-22s, F-35s और F-16s समेत दर्जनों US फाइटर जेट, रीफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट के साथ मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहे हैं.

अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ा. Image Credit: Tv9 Bharatvarsh

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब काफी बन गया है. अमेरिका की न्यूज एजेंसी एक्सियोस बताया कि सीनियर अधिकारियों और एनालिस्ट ने चेतावनी दी है कि कुछ ही दिनों में बड़े पैमाने पर मिलिट्री टकराव शुरू हो सकता है और यह हफ्तों तक चल सकता है, भले ही डिप्लोमैटिक बातचीत जारी रहे. एजेंसी ने बुधवार को इजराइल के पूर्व मिलिट्री इंटेलिजेंस चीफ अमोस याडलिन के हवाले से कहा कि टकराव की संभावना काफी बढ़ गई है.

कैसे मिल रहे हैं संकेत?

अमेरिका और ईरान के बीच जिनेवा में न्यूक्लियर बातचीत के दूसरे राउंड के एक दिन बाद, उन्होंने चैनल 12 से कहा, ‘पिछले हफ्ते मैंने म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के लिए फ्लाइट ली. मैं इस वीकेंड (इजराइल से विदेश) फ्लाइट लेने के बारे में दो बार सोचूंगा.’ याडलिन ने कहा, ‘हम पहले से कहीं ज्यादा करीब हैं, लेकिन मैं आपको याद दिला दूं, कोई भी सुपरपावर कुछ ही दिनों में युद्ध में नहीं उतर जाता. एक डिप्लोमैटिक रास्ता है जिसे आजमाना होगा.’

सभी ऑप्शन मौजूद हैं

उन्होंने कहा कि हालांकि ‘कई लोग हमले का विरोध कर रहे हैं’ और ‘पेंटागन को यह साफ नहीं है कि वे इससे क्या हासिल करना चाहते हैं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति पक्के इरादे वाले लगते हैं.’ ‘यह बयान कि सभी ऑप्शन मौजूद हैं, एक भरोसेमंद मिलिट्री खतरे पर आधारित है, जो ईरान के तट और आसमान में तैयारियों के साथ आता है.’

एक्सियोस के मुताबिक, US अधिकारियों का मानना ​​है कि अगर मिलिट्री एक्शन शुरू होता है, तो यह लिमिटेड या सिंबॉलिक नहीं होगा, बल्कि यह एक लगातार, कई हफ्तों तक चलने वाला कैंपेन होगा. व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया कि आने वाले हफ्तों में स्ट्राइक की संभावना 90 फीसदी है.

लंबे समय तक चल सकता है युद्ध

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि यह ऑपरेशन शायद इजराइल के साथ मिलकर किया जाएगा और यह पिछले साल ईरानी फैसिलिटीज को टारगेट करने वाले इजराइली लीडरशिप वाले 12-दिन के बमबारी कैंपेन से बड़ा हो सकता है. इजराइली अधिकारियों ने संभावित दुश्मनी की तैयारी के भी संकेत दिए. दो अधिकारियों ने आउटलेट को बताया कि इजराइल ‘कुछ ही दिनों में’ युद्ध शुरू होने की तैयारी कर रहा है और एक ऐसे ऑपरेशन की वकालत कर रहा है जिससे ईरान के रूलिंग शासन को खतरा हो सकता है.

लिकुड के सांसद बोअज बिस्मथ, जो नेसेट की फॉरेन अफेयर्स और डिफेंस कमेटी के चेयरमैन हैं, ने कहा कि इजराइल ‘मुश्किल दिनों’ का सामना कर रहा है. उन्होंने कहा, ‘इजराइल का कोई भी नागरिक ऐसा नहीं है जो दिन में कई बार खुद से यह न पूछता हो कि ‘ईरान संघर्ष कब होगा.’ आगे कहा कि जनता और अधिकारी दोनों ही हालात के लिए तैयारी कर रहे हैं.

तेहरान प्रांत में लगी आग

ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने बताया कि युद्ध का नया खतरा तब महसूस हुआ जब बुधवार को तेहरान प्रांत के पारंद में आग लग गई, जिससे आसमान में घना धुआं फैल गया. सोशल मीडिया पर वीडियो में इलाके के ऊपर काले धुएं का एक बड़ा गुबार उठता हुआ दिखा. किसी के हताहत होने या किसी बड़े नुकसान की तुरंत कोई खबर नहीं थी. सरकारी मीडिया ने बाद में पारंद फायर डिपार्टमेंट के हवाले से कहा कि धुआं नदी के किनारे जल रहे सरकंडों की वजह से हुआ था. ऐसे में फायरफाइटर्स को तैनात किया गया और आग बुझाने की कोशिशें जारी थीं.

तनाव के बावजूद डिप्लोमैटिक कोशिशें जारी हैं

बढ़ती बयानबाजी के बावजूद, डिप्लोमैटिक कोशिशें जारी हैं. ईरान ने मंगलवार को जिनेवा में हुई बातचीत के बाद कहा कि दोनों पक्ष लड़ाई से बचने के मकसद से ‘गाइडिंग प्रिंसिपल्स’ पर सहमत हो गए हैं. हालांकि, US के वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस ने कहा कि तेहरान ने अभी तक वाशिंगटन की सभी रेड लाइन्स को नहीं माना है. उन्होंने फॉक्स न्यूज को बताया कि कुछ मामलों में बातचीत ‘अच्छी’ रही, लेकिन उन्होंने आगे कहा, ‘दूसरे तरीकों से, यह बहुत साफ था कि प्रेसिडेंट ने कुछ रेड लाइन तय की हैं जिन्हें ईरानी अभी तक मानने और उन पर काम करने को तैयार नहीं हैं.’

US एनर्जी सेक्रेटरी क्रिस राइट ने वॉशिंगटन के रुख को और मजबूत करते हुए चेतावनी दी कि US ईरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने से रोकने के लिए पक्का इरादा रखता है.

US का आर्मडा मिडिल-ईस्ट भेजा गया

ओपन-सोर्स फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि F-22s, F-35s और F-16s समेत दर्जनों US फाइटर जेट, रीफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट के साथ मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहे हैं. इस बीच, ईरानी मीडिया ने बताया कि ईरान और रूस ओमान सागर और उत्तरी हिंद महासागर में ज्वाइंट नेवल ड्रिल करेंगे, जबकि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज स्ट्रेट में एक्सरसाइज शुरू की है.

दोनों तरफ तेजी से मिलिट्री की बढ़ोतरी से यह डर और गहरा हो गया है कि यह इलाका एक बड़े युद्ध की कगार पर पहुंच सकता है, जिसके दूरगामी नतीजे हो सकते हैं.

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