पेंटागन और Anthropic में टकराव, बिना रोक टोक AI इस्तेमाल करना चाहती है अमेरिकी सेना, कंपनी की शर्तों पर बढ़ा विवाद

अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन और AI कंपनी Anthropic के बीच Claude AI मॉडल के सैन्य उपयोग को लेकर टकराव बढ़ गया है. पेंटागन कंपनी को सप्लाई चेन रिस्क घोषित करने पर विचार कर रहा है. विवाद इस बात पर है कि क्या सेना AI का उपयोग सभी कानूनी उद्देश्यों के लिए बिना शर्त कर सकती है. जबकि Anthropic कुछ मोरल बाउंड्रीज बनाए रखना चाहती है.

AI कंपनी Anthropic के बीच Claude AI मॉडल के सैन्य उपयोग को लेकर टकराव बढ़ गया है. Image Credit: money9live

Pentagon Anthropic: अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन और AI कंपनी Anthropic के बीच तनाव बढ़ गया है. पेंटागन कंपनी को सप्लाई चेन रिस्क घोषित करने पर विचार कर रहा है. यह कदम आम तौर पर विदेशी दुश्मन कंपनियों के खिलाफ उठाया जाता है. विवाद Claude AI मॉडल के सैन्य उपयोग की शर्तों को लेकर है. पेंटागन चाहता है कि उसे AI का इस्तेमाल सभी कानूनी सैन्य उद्देश्यों के लिए बिना रोक टोक करने की छूट मिले. जबकि कंपनी कुछ लिमिट बनाए रखना चाहती है. यह मामला अब तकनीक और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच बड़ी बहस बन गया है.

पेंटागन का सख्त रुख

पेंटागन का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की शर्त स्वीकार नहीं की जा सकती. रक्षा विभाग मानता है कि युद्ध और सैन्य योजना में लचीलापन जरूरी होता है. यदि किसी AI सिस्टम पर पहले से तय लिमिट होंगी तो वह सैन्य फैसले को प्रभावित कर सकती हैं. इसी कारण विभाग बिना शर्त उपयोग की मांग कर रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि रक्षा मंत्री इस मुद्दे पर अंतिम फैसला ले सकते हैं.

Claude की अहम भूमिका

Claude फिलहाल अमेरिकी सेना के क्लासिफाइड नेटवर्क में उपलब्ध एक प्रमुख AI मॉडल है. यह इसे अन्य कंपनियों से अलग और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है. पेंटागन अधिकारियों के अनुसार यह कई सरकारी कार्यों में प्रभावी साबित हुआ है. जनवरी में हुए एक स्पेशल अभियान में भी इसका उपयोग किया गया था. यही वजह है कि इसे तुरंत बदलना आसान नहीं होगा.

विवाद की असली वजह

मुख्य सवाल यह है कि क्या कोई AI कंपनी अपने मॉडल के उपयोग पर लिमिट तय कर सकती है. Anthropic चाहती है कि Claude का उपयोग मास सर्विलांस या ऐसे हथियारों के विकास में न हो जिनमें ह्यूमन कंट्रोल न हो. कंपनी का मानना है कि आधुनिक AI की ताकत को देखते हुए कुछ मोरल लिमिट जरूरी हैं. दूसरी ओर पेंटागन का कहना है कि यदि कोई काम कानून के दायरे में है तो उस पर अतिरिक्त शर्त नहीं होनी चाहिए.

ये भी पढ़ें- तारीक रहमान के शपथ ग्रहण में भारत को बुलावा, इन 13 देशों को भी मिला न्योता, PM मोदी के दौरे पर सस्पेंस

सिलिकन वैली के लिए संदेश

पेंटागन OpenAI, Google और xAI जैसी कंपनियों से भी बातचीत कर रहा है. रक्षा विभाग चाहता है कि सभी AI टूल्स का उपयोग सभी कानूनी सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जा सके. अभी तक किसी अन्य मॉडल को Claude जैसा स्थान क्लासिफाइड सिस्टम में नहीं मिला है. ऐसे में यह विवाद आगे और गहरा सकता है.