पाकिस्तानी शेयर बाजार में ब्लडबाथ! एक दिन में 7200 अंक टूटा KSE-100; जानें क्यों आई भयंकर बिकवाली
पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में गुरुवार को भारी बिकवाली के चलते KSE-100 इंडेक्स करीब 4 फीसदी टूट गया और 1.71 लाख के स्तर पर बंद हुआ. बाजार में गिरावट की मुख्य वजह IMF की आगामी समीक्षा को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और कमजोर निवेशक भरोसा माना जा रहा है.
Pakistan Stock Market Crash IMF: पाकिस्तान का शेयर बाजार गुरुवार, 19 फरवरी को भारी गिरावट की चपेट में आ गया, जहां निवेशकों की तेज बिकवाली ने पूरे बाजार को हिला कर रख दिया. पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज (PSX) का प्रमुख सूचकांक KSE-100 दिनभर के कारोबार में बड़ी टूट के साथ बंद हुआ और हाल के समय का सबसे बड़ा इंट्राडे नुकसान दर्ज किया. इसे “ब्लडबाथ” जैसी स्थिति भी बताई जा रही है क्योंकि निवेशकों का भरोसा बाजार से कमजोर पड़ता दिख रहा है.
4 फीसदी तक टूटा KSE-100
सत्र के अंत में KSE-100 इंडेक्स 7,205 अंक (लगभग 4.03 फीसदी) गिरकर 1,71,647 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान गिरावट और भी गहरी रही. यह हाल के वर्षों में सबसे बड़े इंट्राडे गिरावटों में से एक मानी जा रही है. दिनभर में लगभग 22.9 करोड़ शेयरों का लेन-देन हुआ, जिसकी कुल वैल्यू करीब 22.16 अरब पाकिस्तानी रुपये रही. हालांकि भारी ट्रेडिंग के बावजूद बाजार में खरीदारी का समर्थन नहीं दिखा और अधिकांश सेक्टर लाल निशान में रहे.
अधिकांश कंपनियां लाल निशान में
शेयरों की चाल पर नजर डालें तो कुल 568 कंपनियों में कारोबार हुआ, जिनमें से केवल 32 कंपनियों के शेयर बढ़े, जबकि 384 कंपनियों में गिरावट दर्ज की गई. करीब 152 कंपनियों के शेयर भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ, जो बाजार में व्यापक कमजोरी का संकेत है.
क्या है गिरावट की वजह?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस गिरावट की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की आगामी समीक्षा को लेकर बढ़ती अनिश्चितता है. इस महीने के अंत में IMF की टीम पाकिस्तान के 7 अरब डॉलर के एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (EFF) कार्यक्रम की प्रगति का आकलन करेगी. बाजार को आशंका है कि अगर समीक्षा कठोर रही या शर्तों को लेकर तनाव बढ़ा, तो आर्थिक सहायता प्रभावित हो सकती है.
पहले से जारी है गिरावट का सिलसिला
निवेशकों का मनोबल पहले से ही कमजोर है और कई ट्रेडर्स संभावित सख्त आर्थिक सुधारों, राजकोषीय दबाव और बाहरी लोन से जुड़ी चुनौतियों को लेकर सतर्क बने हुए हैं. यही वजह है कि बाजार में जोखिम लेने की बजाय बिकवाली का दबाव ज्यादा दिख रहा है. गिरावट का यह दौर नया नहीं है. पिछले एक सप्ताह में KSE-100 इंडेक्स लगभग 4.9 फीसदी टूट चुका है, जबकि एक महीने में गिरावट 8.5 फीसदी से अधिक हो गई है. गुरुवार की गिरावट ने इस नकारात्मक रुझान को और तेज कर दिया है, जिससे अल्पकालिक निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है.
IMF समीक्षा पर टिकी है नजर
माना जा रहा है कि जब तक IMF समीक्षा का परिणाम स्पष्ट नहीं हो जाता और आर्थिक नीति को लेकर भरोसा नहीं बनता, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है. अगर समीक्षा सकारात्मक रही और वित्तीय सहायता जारी रहती है, तो बाजार में राहत की संभावना बन सकती है. लेकिन नकारात्मक संकेत मिलने पर बिकवाली और तेज हो सकती है. यानी पाकिस्तान का शेयर बाजार फिलहाल गहरे दबाव में है और निवेशक हाई रिस्क वाले माहौल का सामना कर रहे हैं. आने वाले दिनों में IMF समीक्षा का नतीजा बाजार की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है.
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