रूस-भारत- चीन ही नहीं, ट्रंप के विरोध में बन रहा एक और त्रिकोण; इंडिया की नाराजगी अमेरिका पर पड़ेगी भारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संरक्षणवादी नीतियों से उसके सहयोगी देश असहज हो रहे हैं. जापान ने अमेरिका यात्रा रद्द की, ऑस्ट्रेलिया ने टैरिफ की आलोचना की और भारत क्वाड की कमजोर होती भूमिका देख रहा है. इन हालात में भारत जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच नया त्रिपक्षीय सहयोग उभरने की संभावना है. यह गठजोड़ एंटी अमेरिका नहीं होगा बल्कि रणनीतिक लचीलापन और आपसी सहयोग का मंच बन सकता है.

India Japan Australia: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों ने वैश्विक कूटनीति में हलचल मचा दी है. उनकी संरक्षणवादी और सौदेबाजी वाली नीतियों से अमेरिका के पुराने सहयोगी असहज महसूस कर रहे हैं, जिसके चलते नए समीकरण उभरने लगे हैं. अमेरिका के खिलाफ रूस भारत और चीन के गठजोड़ के अलावा अब एक और त्रिकोण उभरता दिख रहा है, जिसमें भारत जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान और चीन यात्राएं भी खास महत्व रखती हैं. बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत जापान और ऑस्ट्रेलिया मिलकर नया त्रिपक्षीय सहयोग खड़ा कर सकते हैं. हाल के घटनाक्रम संकेत देते हैं कि अमेरिका के करीबी सहयोगी अब नए विकल्प तलाशने लगे हैं.
जापान ने अमेरिका यात्रा रद्द की
मोदी की जापान यात्रा से ठीक पहले जापान के व्यापार वार्ताकार रयोसेई अकाजावा ने अचानक अमेरिका का दौरा रद्द कर दिया. वह 550 अरब डॉलर के निवेश पैकेज को लेकर बातचीत करने वाले थे जो ट्रंप की टैरिफ नीति को आसान करने के लिए प्रस्तावित था. जापान ने पहले ही इस पैकेज पर ट्रंप के दावे को खारिज किया था. यह कदम मोदी की यात्रा से पहले एक महत्वपूर्ण संकेत माना गया.
ऑस्ट्रेलिया का चीन से नजदीकी
मोदी की यात्रा से दो दिन पहले ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने ट्रंप की टैरिफ नीति की आलोचना की. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया खुली अर्थव्यवस्था का समर्थन करता है और टैरिफ विकास में बाधा डालते हैं. ऑस्ट्रेलिया पर पहले ही 10 फीसदी टैरिफ लगाया जा चुका है और अब फार्मा प्रोडक्ट पर 250 फीसदी टैरिफ की आशंका जताई जा रही है. यही कारण है कि प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीजे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिल चुके हैं लेकिन अब तक ट्रंप से मुलाकात नहीं कर पाए हैं.
ये भी पढ़ें- Trump Tariffs on India: न रूसी तेल, न अमेरिकी दूध, भारत की इस बात से मुंह फुलाए बैठे हैं ट्रंप!
क्वाड की कमजोर होती भूमिका
क्वाड यानी भारत अमेरिका जापान और ऑस्ट्रेलिया का समूह चीन को बैलेंस करने के लिए बनाया गया था. लेकिन ट्रंप की द्विपक्षीय समझौतों और व्यक्तिगत रियायतों पर जोर देने की नीति ने क्वाड की सामूहिक ताकत को कमजोर कर दिया है. हालांकि इस साल नई दिल्ली में क्वाड शिखर सम्मेलन प्रस्तावित है लेकिन मौजूदा तनावों की वजह से उसकी सफलता पर सवाल खड़े हो गए हैं.
भारत- जापान- ऑस्ट्रेलिया का अलायंस
इन तीनों देशों को ट्रंप की आक्रामक आर्थिक नीतियों का सीधा असर झेलना पड़ा है. यही साझा अनुभव उन्हें एक दूसरे के करीब ला सकता है. यह नया त्रिकोण किसी एंटी अमेरिका मोर्चे जैसा नहीं होगा बल्कि रणनीतिक लचीलापन और आपसी सहयोग का आधार बन सकता है. बदलते हालात में भारत जापान और ऑस्ट्रेलिया एक दूसरे के लिए भरोसेमंद साझेदार बन सकते हैं.
Latest Stories

टैरिफ पर घर में घिरे ट्रंप, कोर्ट ने टैक्स के फैसले को बताया अवैध, सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

Trump Tariffs on India: न रूसी तेल, न अमेरिकी दूध, भारत की इस बात से मुंह फुलाए बैठे हैं ट्रंप!

Xi Jinping का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ‘सीक्रेट लेटर’, भारत-चीन के सुधरने लगे संबंध; एक चिट्ठी ने बिगाड़ा ट्रंप का खेल: रिपोर्ट
