Reliance Power का शेयर कब पहुंचेगा 60 रुपये के पार? कंपनी ने दी सफाई, BUY और Sell… क्या है एक्सपर्ट की सलाह

Reliance Power Share Outlook: अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की इस कंपनी ने पिछले कुछ महीनों में कई पॉजिटिव कदम उठाए हैं, लेकिन समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ कार्रवाई के चलते, इस स्टॉक सेंटीमेंट कमजोर हुआ है.आने वाले दिनों में शेयर की चाल कैसी रहेगी? निवेशकों को इस स्टॉक पर क्या करना चाहिए, आइए एक्सपर्ट से जान लेते हैं.

रिलायंस पावर शेयर आउटलुक. Image Credit: AI

Reliance Power Share Outlook: रिलायंस पावर के शेयर में पिछले कुछ दिनों में तेज गिरावट देखने को मिली है, जिससे निवेशकों की टेंशन बढ़ गई है. क्योंकि पिछले कुछ महीने पहले स्टॉक में जोरदार तेजी आई थी, लेकिन अब ये लाल निशान में नजर आ रहा है और गिरावट का सिलसिला जारी है. शुक्रवार को रिलायंस के शेयर 2 फीसदी से अधिक की गिरावट के साथ 44.25 रुपये पर बंद हुआ था. अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की इस कंपनी ने पिछले कुछ महीनों में कई पॉजिटिव कदम उठाए हैं, लेकिन समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ कार्रवाई के चलते, इस स्टॉक सेंटीमेंट कमजोर हुआ है. आने वाले दिनों में शेयर की चाल कैसी रहेगी? निवेशकों को इस स्टॉक पर क्या करना चाहिए, आइए एक्सपर्ट से जान लेते हैं.

क्यों टूट रहा है शेयर

रिलायंस कम्युनिकेशंस और अनिल अंबानी के खिलाफ सीबीआई की कार्रवाई से जुड़ी हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के चलते रिलायंस पावर का सेंटीमेंट कमजोर हुआ है और लगातार गिरावट आ रही है. हालांकि, कंपनी ने पिछले दिनों अपना स्पष्टीकरण जारी किया था. कंपनी का कहना है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस और अनिल अंबानी के खिलाफ कार्रवाई के घटनाक्रम का उसके व्यावसायिक ऑपरेशन, वित्तीय प्रदर्शन, शेयरधारकों, कर्मचारियों या अन्य हितधारकों पर ‘कोई प्रभाव’ नहीं पड़ेगा.

रिलायंस पावर ने कही ये बात

कंपनी ने कहा है कि पब्लिक डोमेन में उपलब्ध खुलासे और रिकॉर्ड बताते हैं कि भारतीय स्टेट बैंक द्वारा दर्ज की गई शिकायत 10 साल से भी अधिक पुराने मामलों से संबंधित है. उस समय, अंबानी रिलायंस कम्युनिकेशंस के एक साधारण नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर थे और डे-टू-डे मैनेजमेंट में उनकी कोई भूमिका नहीं थी. उन्होंने 2019 में रिलायंस कम्युनिकेशंस के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था.

कंपनी ने आगे स्पष्ट किया कि रिलायंस पावर एक अलग और स्वतंत्र लिस्टेड यूनिट है, जिसका रिलायंस कम्युनिकेशंस से कोई व्यावसायिक या वित्तीय संबंध नहीं है और अनिल डी. अंबानी साढ़े तीन साल से ज्यादा समय से इसके बोर्ड में नहीं हैं.

रिलायंस पावर का प्रोजेक्ट

रिलायंस पावर पारंपरिक और रिन्यूएबल एनर्जी सोर्स, दोनों का इस्तेमाल करके पावर प्रोजेक्ट डेवलप और ऑपरेट करती है. उपयोग करके पावर प्रोजेक्ट को डेवलप और ऑपरेट करती है.

रिलायंस पावर ने पिछले दिनों बताया था कि उसकी सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस एंटरप्राइज ने रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट के लिए भूटान में जीडीएल रिलायंस सोलर नाम से एक ज्वाइंट वेंचर का गठन किया है. भूटान की सरकारी कंपनी, ग्रीन डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड और रिलायंस एंटरप्राइजेज के बीच यह ज्वाइंट वेंचर एक विशेष प्रशासनिक क्षेत्र, गेलेफू माइंडफुलनेस के अहत 50:50 की पार्टनरशिप के साथ हुआ है.

रिलायंस पावर के शेयर को बेचें या खरीदें?

रिलायंस पावर पर लक्ष्मीश्री सिक्योरिटीज के के HoR अंशुल जैन ने अपन नजरिया दिया. उन्होंने कहा कि स्टॉक का स्ट्रक्चर काफी कमजोर है. अगर ये 53.64 के लेवल पर वापस से आता है, तो थोड़ा बहुत ठीक हो जाएगा. फिलहाल इस स्टॉक पर न तो मैं बाय की सलाह दूंगा और ना ही खरीदने की सलाह दूंगा, मेरी सलाह इस स्टॉक को अवॉइड करने की है. स्टॉक में 41.8 का मेजर सपोर्ट है और यहीं पर गैप भी था. अगर टूटा तो बड़ी डाउन साइड खुल जाएगी. वहीं, अगर स्टॉक 53.64 के लेवल को निकालता है, तो फिर से 64 रुपये के लेवल तक जा सकता है.

उन्होंने कहा कि न तो मैं डाउन साइड प्ले करना चाहता हूं और ना ही अप साइ़ड. यानी एक्सपर्ट की सलाह है कि फिलहाल इस शेयर से दूरी बनाकर रखें.

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डिस्क्लेमर: मनी9लाइव किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.