ट्रंप का बड़ा ऐलान…. अमेरिका-वेनेजुएला के बीच 5.2 अरब डॉलर का तेल समझौत
फ्लोरिडा में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वेनेजुएला के नए नेताओं ने उनसे संपर्क किया. उन्होंने बताया कि वेनेजुएला के पास तेल रखने की जगह खत्म हो रही थी. इसलिए उन्होंने पूछा कि क्या अमेरिका 50 मिलियन बैरल तेल ले सकता है.
Trump Venezuela Oil Deal: ग्लोबल तेल राजनीति में एक बड़ा मोड़ आया है. अमेरिका और वेनेजुएला के बीच अचानक एक समझौता होता दिख रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक तौर पर घोषणा की है कि वेनेजुएला ने अमेरिका को 50 मिलियन बैरल कच्चा तेल देने की पेशकश की है. इसकी कीमत करीब 5.2 अरब डॉलर बताई जा रही है. ट्रंप ने इसे तुरंत स्वीकार कर लिया है. यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलास मादुरो को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में हिरासत में लिया गया था.
ट्रंप ने कहा कि अब वे वेनेजुएला की नई अंतरिम सरकार के साथ काम कर रहे हैं. उनके मुताबिक देश में नेतृत्व बदलने के बाद हालात बेहतर हुए हैं और दबाव कम हुआ है. यह समझौता केवल तेल का लेन-देन नहीं है, बल्कि दोनों देशों के रिश्तों में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है. इससे अमेरिका की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो सकती है, जबकि वेनेजुएला को आर्थिक राहत मिल सकती है.
ट्रंप का बड़ा बयान
फ्लोरिडा में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वेनेजुएला के नए नेताओं ने उनसे संपर्क किया. उन्होंने बताया कि वेनेजुएला के पास तेल रखने की जगह खत्म हो रही थी. इसलिए उन्होंने पूछा कि क्या अमेरिका 50 मिलियन बैरल तेल ले सकता है. ट्रंप ने तुरंत जवाब दिया कि हम ले लेंगे.
उन्होंने कहा कि यह डील करीब 5.2 अरब डॉलर का है. ट्रंप ने यह भी कहा कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार के साथ उनके रिश्ते बहुत अच्छे हैं. उनके अनुसार निकोलास मादुरो की गिरफ्तारी के बाद देश में नया माहौल बना है और दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ा है.
निकोलास मादुरो के बाद बदली तस्वीर
निकोलास मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका ने कहा था कि वह वेनेजुएला में transition period के दौरान निगरानी करेगा. ट्रंप ने पहले ही साफ कर दिया था कि अमेरिका को वेनेजुएला के तेल और अन्य संसाधनों तक पूरी पहुंच चाहिए. अब यह नया समझौता उसी नीति का हिस्सा माना जा रहा है. वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने भी ट्रंप से लंबी बातचीत की पुष्टि की है. उन्होंने इसे सकारात्मक और उपयोगी बताया. ट्रंप ने इसे शानदार पार्टनरशिप करार दिया है.
दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक
वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल भंडार हैं. अमेरिकी ऊर्जा एजेंसी EIA के मुताबिक देश में करीब 303 अरब बैरल तेल मौजूद है. यह वैश्विक तेल भंडार का लगभग पांचवां हिस्सा है. बावजूद इसके, खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रतिबंधों के कारण वेनेजुएला अपनी क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाया.
अमेरिकी कंपनियों की बड़ी एंट्री
ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला में बड़े पैमाने पर निवेश करेंगी. उनका कहना है कि अमेरिका अरबों डॉलर खर्च कर वहां की खराब तेल सुविधाओं को सुधारेगा. इससे उत्पादन बढ़ेगा और दोनों देशों को फायदा होगा. एक्सपर्ट का मानना है कि अगर यह समझौता लागू होता है तो वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को नई सांस मिल सकती है. वहीं अमेरिका अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए एक बड़ा और स्थिर स्रोत हासिल कर सकता है.
सोर्स: ANI
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