दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में सरकार बेच रही सस्ता प्याज, जानें कहां से करें खरीदारी
केंद्र सरकार ने 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेचना शुरू कर दिया है. इस बार प्याज का बफर स्टॉक अधिक है. इसलिए सरकार दिवाली तक कम दरों पर प्याज बेचने के लिए तैयार है. सरकार की ओर से 4.7 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक तैयार है वहीं लगभग 38 लाख टन प्याज अभी भी किसानों और व्यापारियों के पास भंडार में है.
सरकार लोगों को महंगाई से राहत देने के तर्ज पर लोगों को प्याज की कीमतों को कम करने का फैसला लिया है. प्याज की कीमतें लगातार आसमान छू रही हैं. ऐसे में केंद्र सरकार ने 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेचना शुरू कर दिया है. जबकि इसकी खरीद लागत करीब 28 रुपये है. इस बार प्याज का बफर स्टॉक अधिक है. इसलिए सरकार दिवाली तक कम दरों पर प्याज बेचने के लिए तैयार है. बफर स्टॉक खत्म होने तक प्याज की अगली फसल तैयार हो जाएगी.
केंद्र सरकार ने दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में प्याज की बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए 35 रुपये किलो पर प्याज की खुदरा बिक्री शुरू कर दी है. सरकार की ओर से 4.7 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक तैयार है. एनसीसीएफ और नैफेड अपने स्टोर और मोबाइल वैन के जरिए खुदरा बिक्री करेंगे. दिल्ली-एनसीआर और मुंबई के परेल और मलाड में 38 खुदरा दुकानों पर प्याज बेचा जाएगा. इसके साथ ही ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों और केन्द्रीय भंडार तथा मदर डेयरी के सफल आउटलेटों पर भी प्याज रियायती दर पर बेचा जाएगा.
अगले सप्ताह इन शहरों में होगी शुरुआत
वर्तमान में राजधानी में प्याज की खुदरा कीमत 60 रुपये किलो से अधिक हैं. लॉन्च के बाद, खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्याज की कीमतों के रुझान के अनुसार प्याज की मात्रा और निपटान चैनलों को बढ़ाया जाएगा. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में और भी शहरों को कवर किया जाएगा. अगले सप्ताह शुरू होने वाले दूसरे चरण में कोलकाता, गुवाहाटी, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु, अहमदाबाद और रायपुर जैसे प्रमुख राजधानी शहरों को कवर किया जाएगा. पूरे भारत में यह बिक्री सितंबर के तीसरे सप्ताह से शुरू होगी.
38 लाख टन प्याज व्यापारियों के पास
भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (एनसीसीएफ) और भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) ने बफर स्टॉक के लिए 28 रुपये प्रति किलोग्राम की औसत कीमत पर प्याज खरीदा है. उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने कहा कि ये एजेंसियां भारत भर में अन्य सहकारी समितियों और बड़ी खुदरा श्रृंखलाओं के साथ भी गठजोड़ कर रही हैं. उन्होंने कहा कि लगभग 38 लाख टन प्याज अभी भी किसानों और व्यापारियों के पास भंडार में है.
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