यूपी के किसानों को बड़ा फायदा, हाई-वोल्टेज लाइन से प्रभावित जमीन पर मिलेगा अब 200% मुआवजा; लागू होंगी RoW गाइडलाइंस
उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है. हाई वोल्टेज बिजली लाइनों और ट्रांसमिशन टावरों से प्रभावित जमीन पर अब किसानों को 200 फीसदी तक मुआवजा मिल सकता है. राज्य सरकार केंद्र की Right of Way गाइडलाइंस को लागू करने जा रही है, जिससे मुआवजा व्यवस्था पूरे प्रदेश में एक समान हो जाएगी.
UP farmers compensation: उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को राहत देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. राज्य में हाई-वोल्टेज बिजली लाइनों और ट्रांसमिशन टावरों से प्रभावित जमीन के लिए मिलने वाले मुआवजे को अब मौजूदा व्यवस्था की तुलना में दोगुना से भी ज्यादा किया जाएगा. प्रस्तावित नई नीति के तहत किसानों को ट्रांसमिशन टावर के लिए इस्तेमाल होने वाली जमीन पर 200 फीसदी तक मुआवजा देने की तैयारी है. यह फैसला केंद्र सरकार की Right of Way (RoW) गाइडलाइंस को अपनाने के बाद लागू किया जाएगा, जिन्हें करीब तीन साल पहले नोटिफाई किया गया था.
क्यों लिया गया यह फैसला
Hindustan Times की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक उत्तर प्रदेश में केंद्र की संशोधित RoW गाइडलाइंस लागू नहीं थीं. इसकी वजह से अलग-अलग जिलों में किसानों को अलग-अलग दरों पर मुआवजा मिलता रहा. कई मामलों में जिलाधिकारियों द्वारा तय की गई राशि को लेकर विवाद सामने आए और किसान अदालत तक पहुंचे. सरकार का मानना है कि नई नीति से मुआवजा व्यवस्था में समानता आएगी और किसानों को सही मुआवजा मिल सकेगा.
कब मिल सकती है मंजूरी
ऊर्जा विभाग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, केंद्र की संशोधित गाइडलाइंस को अपनाने का प्रस्ताव इसी महीने मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली Energy Task Force के सामने रखा जाएगा. वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे राज्य मंत्रिमंडल के सामने अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा. कैबिनेट की हरी झंडी मिलते ही नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी.
नई मुआवजा नीति में क्या बदलेगा
- ट्रांसमिशन टावर वाली जमीन पर मुआवजा: पहले जहां किसानों को करीब 85 फीसदी मुआवजा मिलता था, अब उसे बढ़ाकर 200 फीसदी किया जाएगा.
- बाजार मूल्य के आधार पर गणना: मुआवजे की गणना कलेक्टर गाइडलाइंस के अनुसार तय बाजार मूल्य के आधार पर की जाएगी.
- टावर के आसपास की जमीन भी शामिल: टावर के बेस के चारों ओर एक से दो मीटर अतिरिक्त जमीन को भी मुआवजे के दायरे में लाने का प्रस्ताव है.
ट्रांसमिशन लाइन कॉरिडोर के लिए भी मुआवजा
सरकार का प्रस्ताव है कि दो ट्रांसमिशन टावरों के बीच गुजरने वाली हाई-वोल्टेज लाइन के नीचे आने वाली जमीन के लिए भी किसानों को मुआवजा दिया जाए. इसके तहत इस कॉरिडोर एरिया में आने वाली जमीन पर प्रति मीटर करीब 30 फीसदी मुआवजा देने की योजना है. इससे खेती पर लगने वाली पाबंदियों और जमीन की कीमत में आई गिरावट की भरपाई हो सकेगी.
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