अब इन 10 एयरपोर्ट पर मिलेगी सस्ती कैब, AAI ने Bharat Taxi से किया MoU, Ola-Uber-Rapido को टक्कर!

एयरपोर्ट यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने भारत टैक्सी के साथ समझौता किया है. इसके तहत देश के कई एयरपोर्ट्स पर बिना सर्ज चार्ज वाली टैक्सी सेवा शुरू होगी. इस पहल से यात्रियों को राहत मिलेगी और स्थानीय ड्राइवरों को सहकारी मॉडल के जरिए सशक्त बनाया जाएगा.

AAI Sign MoU With Bharat Taxi Image Credit: AAI

AAI Sign MoU With Bharat Taxi: एयरपोर्ट से घर या शहर तक पहुंचने में यात्रियों को अब ज्यादा सुविधा मिलने वाली है. एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और भारत टैक्सी के बीच एक समझौता हुआ है, जिसके तहत देश के कई हवाई अड्डों पर व्यवस्थित, पारदर्शी और यात्री के हितों को ध्यान में रखते हुए टैक्सी सेवाएं शुरू की जाएंगी. इस पहल का मकसद यात्रियों को बिना सरचार्ज के भरोसेमंद सफर देना और ड्राइवरों को सशक्त बनाना है. अब तक Ola, Uber, Rapido जैसी राइड हेलिंग प्लेटफॉर्म ही इस सेक्टर की दिग्गज कंपनियों में नाम में शामिल हैं. मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग साइन होने के बाद ग्राहकों को एक और विकल्प मिलेगा.

AAI और भारत टैक्सी के बीच समझौता

एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने भारत टैक्सी के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस समझौते के तहत एयरपोर्ट परिसर में यात्रियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी. इस MoU का आदान-प्रदान AAI के चेयरमैन विपिन कुमार ने किया. इसका उद्देश्य एयरपोर्ट से आने-जाने वाले यात्रियों को सुरक्षित, आसान और पारदर्शी टैक्सी सेवा देना है.

ड्राइवर-ओनर मॉडल और बिना सरचार्ज किराया

भारत टैक्सी एक ड्राइवर की स्वामित्व वाली सहकारी टैक्सी सेवा है, जिसे सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड संचालित करता है. यह सेवा पारंपरिक ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं से अलग है, क्योंकि इसमें कोई सर्ज प्राइसिंग नहीं होती. यानी यात्रियों को तय और उचित किराया देना होगा. साथ ही इस मॉडल में ड्राइवरों को मालिकाना हक और बेहतर कल्याण सुविधाएं मिलती हैं.

इन शहरों के एयरपोर्ट पर शुरू होगी सेवा

इस साझेदारी के तहत राजकोट, वडोदरा, सूरत, भुज, पुणे, औरंगाबाद, वाराणसी, कानपुर, प्रयागराज और आगरा के एयरपोर्ट पर भारत टैक्सी सेवाएं शुरू करने का प्रस्ताव है. यह पहल आत्मनिर्भर भारत, सहकार से समृद्धि और विकसित भारत 2047 जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप है. इससे न केवल यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा, बल्कि स्थानीय ड्राइवरों को भी रोजगार और सम्मानजनक आजीविका का अवसर मिलेगा.

इन कंपनियों को मिलेगी सीधी चुनौती

फिलहाल भारत का राइड-हेलिंग बाजार Uber, Ola और Rapido जैसी प्राइवेट कंपनियों के कंट्रोल में है. भारत टैक्सी को एक स्वदेशी और ड्राइवर-ओन्ड विकल्प के तौर पर उतारा गया है, जो विदेशी निवेश आधारित प्लेटफॉर्म्स को सीधी चुनौती देगा. यह प्लेटफॉर्म Multi-State Cooperative Societies Act 2002 के तहत रजिस्टर्ड है और इसकी शुरूआत 6 जून 2025 को की गई थी.