दरवाजा भी नहीं टूटा, अलार्म भी नहीं बजा… फिर कैसे चोरी हो गई कार? जानिए रिले अटैक का खेल
कीलेस एंट्री और पुश स्टार्ट वाली कारों में रिले अटैक के जरिए साइलेंट चोरी का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. इस तरीके में न दरवाजा टूटता है, न अलार्म बजता है और कार बिना किसी नुकसान के अनलॉक हो जाती है. चोर की-फोब से निकलने वाले सिग्नल को रिले डिवाइस के जरिए पकड़कर कार तक पहुंचा देते हैं, जिससे कार को लगता है कि चाबी पास ही है.
Car Relay Attack: आज के दौर में कारें जितनी स्मार्ट हो रही हैं, उतने ही स्मार्ट तरीके अपराधी भी अपना रहे हैं. हाल के वर्षों में कीलेस एंट्री और पुश स्टार्ट वाली कारों में चोरी का एक खतरनाक तरीका तेजी से फैल रहा है, जिसे रिले अटैक कहा जाता है. यह चोरी पूरी तरह “साइलेंट” होती है. न शीशा टूटता है, न अलार्म बजता है और न ही किसी तरह की तोड़फोड़ के निशान दिखाई देते हैं. सुबह जब कार मालिक बाहर आता है, तब पता चलता है कि या तो कार खुली पड़ी है या फिर कार ही गायब है.
क्या होता है रिले अटैक
अगर आपकी कार में कीलेस एंट्री सिस्टम है, तो यह सिस्टम कार और चाबी यानी की-फोब के बीच रेडियो सिग्नल के जरिए काम करता है. आमतौर पर जब चाबी कार के पास होती है, तभी कार अनलॉक होती है. लेकिन रिले अटैक में चोर इस सिस्टम को धोखा दे देते हैं. स्थिति कुछ ऐसी होती है कि कार घर के बाहर या पार्किंग में खड़ी रहती है और चाबी घर के अंदर टेबल या दरवाजे के पास रखी होती है. रात में चोर आते हैं और बिना किसी नुकसान के कार को अनलॉक कर लेते हैं.
असली चाल क्या है
चोर एक खास तरह की रिले डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं. यह डिवाइस घर के अंदर रखी चाबी से निकलने वाले सिग्नल को पकड़ लेती है. इसके बाद उसी सिग्नल को बढ़ाकर कार तक भेज दिया जाता है. कार को लगता है कि चाबी पास ही है और वह अपने आप अनलॉक हो जाती है. पूरी प्रक्रिया सिर्फ 10 से 20 सेकंड में पूरी हो जाती है और कोई आवाज भी नहीं होती.
लोग समझ क्यों नहीं पाते
इस तरह की चोरी की सबसे बड़ी परेशानी यही है कि इसमें कोई निशान नहीं मिलता. न कोई शीशा टूटा हुआ दिखाई देता है और न ही अलार्म बजता है. सीसीटीवी फुटेज में भी सिर्फ कोई सामान्य व्यक्ति चलता हुआ नजर आता है. इसी वजह से कई बार लोग इसे अपनी गलती या लापरवाही समझ लेते हैं और असली कारण तक पहुंच ही नहीं पाते.
बचाव के सही और आसान तरीके
इस तरह की चोरी से बचाव मुश्किल नहीं है, बस थोड़ी समझदारी जरूरी है. रात में कार की चाबी को फेरेडे पाउच यानी सिग्नल ब्लॉक पाउच में रखें. अगर पाउच उपलब्ध न हो, तो धातु के डिब्बे या एल्यूमिनियम फॉयल में चाबी रखना भी कारगर साबित हो सकता है. पार्किंग में हमेशा स्टीयरिंग लॉक लगाएं. अगर आपकी कार में कीलेस फीचर बंद करने का विकल्प मौजूद है, तो रात में उसे बंद रखें. चाबी को दरवाजे या खिड़की के पास न रखें और स्पेयर चाबी भी बाहर या कार के पास छोड़ने से बचें.
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