इलेक्ट्रिक गाड़ियों की खरीद पर छप्परफाड़ फायदे, ये बैंक दे रहे हैं सबसे सस्ता लोन; सरकार से भी मिलेगी सीधी छूट
बढ़ती महंगाई और ईंधन संकट के इस दौर में एक ऐसा विकल्प सामने आया है जो न केवल आपकी जेब पर हल्का पड़ेगा, बल्कि पर्यावरण को भी राहत देगा. दिलचस्प बात ये है कि इस विकल्प को अपनाने के लिए बैंकों ने भी अपनी पॉलिसी में बड़े बदलाव किए हैं.
EV loan: बढ़ती महंगाई, ईंधन की ऊंची कीमतें और प्रदूषण से जुड़ी चिंता के बीच अब भारत में लोग पारंपरिक पेट्रोल-डीजल गाड़ियों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं. इस बदलाव के पीछे पर्यावरण के प्रति जागरूकता तो है ही लेकिन आसान फाइनेंसिंग विकल्पों बढ़ती मांग का एक बढ़ा कारण है. बैंकों ने इस ग्रीन क्रांति को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों पर कार लोन की ब्याज दरें कम रखनी शुरू कर दी हैं. ऐसे में सवाल है कि इलेक्ट्रिक गाड़ी लेना किस लिहाज से फायदे का सौदा है और कौन-कौन से बैंक दे रहे हैं सस्ते लोन?
इलेक्ट्रिक वाहन लोन क्या है?
HDFC बैंक के मुताबिक, “ईवी कार लोन एक ऐसा ऑटो लोन है जो विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिए डिजाइन किया गया है. यह पारंपरिक कार लोन की तरह ही काम करता है, जिसमें बैंक आपको वाहन खरीदने के लिए पैसा देता है और आप उसे मासिक किस्तों में चुकाते हैं.”
किस बैंक में कितना सस्ता ईवी लोन?
ईवी लोन को लेकर बैंकबाजार डॉट कॉम द्वारा 22 मई, 2025 को जारी आंकड़ों के मुताबिक, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों में ब्याज दरें इस प्रकार हैं:
- इंडियन ओवरसीज बैंक: ईवी पर 8.15%, नॉन ईवी पर 8.35%
- यूनियन बैंक: ईवी पर 8.20%, नॉन ईवी पर 8.30%
- पंजाब नेशनल बैंक: ईवी पर 8.35%, नॉन ईवी पर 8.40%
- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया: दोनों पर 8.35%
- पंजाब एंड सिंध बैंक: ईवी पर 8.40%, नॉन ईवी पर 8.50%
- केनरा बैंक: ईवी पर 8.55%, नॉन ईवी पर 8.65%
- इंडियन बैंक: ईवी पर 8.70%, नॉन ईवी पर 8.75%
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया: ईवी पर 9.10%, नॉन ईवी पर 9.20%
- एचडीएफसी बैंक: ईवी पर 9.20%, नॉन ईवी पर 9.27%
- कर्नाटका बैंक: ईवी पर 9.32%, नॉन ईवी पर 9.42%
क्यों लें इलेक्ट्रिक वाहन?
नीति आयोग के अनुसार, ईवी पर कई प्रकार के फायदे मिलते हैं:
- वाहन की कीमत पर सीधी छूट
- ब्याज दरों पर सबवेंशन (डिस्काउंट)
- रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट
- पुराने पेट्रोल-डीजल वाहन स्क्रैप करने पर अतिरिक्त लाभ
- कुछ राज्यों में ब्याज-मुक्त लोन और सब्सिडी