Union Budget 2026 में टैक्सपेयर्स को राहत! ITR, TDS और TCS से जुड़े कई अहम बदलावों का ऐलान
केंद्रीय बजट की टैक्स से जुड़ी घोषणाओं ने आम करदाताओं और अंतरराष्ट्रीय लेनदेन करने वालों का ध्यान खींचा है. रिटर्न फाइलिंग, कटौती और टैक्स कलेक्शन से जुड़े नियमों में संकेत मिल रहे हैं कि सिस्टम को ज्यादा सरल और राहतपूर्ण बनाया जा रहा है, जिसका असर आने वाले समय में व्यक्तिगत वित्तीय फैसलों पर दिख सकता है.
Budget 2026 TDS TCS changes: केंद्रीय बजट के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर से जुड़े कई अहम प्रस्ताव रखे, जिनका सीधा असर आम करदाताओं, NRI, विदेश यात्रा करने वालों और कंपनियों पर पड़ेगा. ITR, TDS और TCS से जुड़े बदलावों के जरिए सरकार ने टैक्स सिस्टम को ज्यादा सरल, राहतपूर्ण और अनुपालन-अनुकूल बनाने का संकेत दिया है. बजट भाषण में किए गए ये ऐलान न केवल टैक्स बोझ को कम करते हैं, बल्कि रिटर्न फाइलिंग और अंतरराष्ट्रीय लेनदेन से जुड़े नियमों को भी आसान बनाते हैं.
ITR रिवीजन के लिए बढ़ा समय
बजट में इनकम टैक्स रिटर्न को संशोधित करने वाले करदाताओं को बड़ी राहत दी गई है. वित्त मंत्री ने घोषणा की कि अब ITR रिवाइज करने की समयसीमा 31 दिसंबर की बजाय 31 मार्च तक बढ़ा दी गई है. इसके लिए नाममात्र शुल्क लिया जाएगा. इसके अलावा, ITR-1 और ITR-2 फाइल करने वाले व्यक्ति 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल कर सकेंगे, जबकि नॉन-ऑडिट बिजनेस केस और ट्रस्ट्स को 31 अगस्त तक का समय मिलेगा.
इस बदलाव से उन करदाताओं को फायदा मिलेगा, जिनसे अनजाने में रिटर्न फाइल करते समय गलती हो जाती है या अतिरिक्त जानकारी बाद में सामने आती है.
मोटर एक्सीडेंट मुआवजे पर टैक्स से राहत
बजट में मोटर एक्सीडेंट क्लेम से जुड़े मामलों में भी राहत का ऐलान किया गया. वित्त मंत्री ने कहा कि मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए ब्याज को अब आयकर से मुक्त किया जाएगा. इसके साथ ही, ऐसे अमाउंट पर TDS काटने की अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई है. इससे दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिवारों को वास्तविक मुआवजा बिना टैक्स कटौती के मिलेगा.
बजट में TDS से जुड़े एक अहम बदलाव का भी प्रस्ताव रखा गया है. मैनपावर सर्विसेज की सप्लाई को अब स्पष्ट रूप से ‘कॉन्ट्रैक्टर को भुगतान’ की कैटेगरी में शामिल किया जाएगा. इसका मतलब यह है कि ऐसी सेवाओं पर TDS की दर 1 फीसदी या 2 फीसदी ही लागू होगी. इस बदलाव का उद्देश्य नियमों में मौजूद अस्पष्टता को खत्म करना है.
NRI प्रॉपर्टी बिक्री पर TDS में कटौती
NRI के लिए बजट में एक अहम बदलाव किया गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि एनआरआई द्वारा भारत में अचल संपत्ति बेचने पर लगने वाले TDS को कम किया जाएगा. यह TDS रेजिडेंट खरीदारों द्वारा PAN-आधारित चालान के जरिए जमा किया जाएगा. इस कदम से एनआरआई प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन में टैक्स प्रक्रिया सरल होगी और अनुपालन भी आसान बनेगा.
विदेश यात्रा पर TCS में बड़ी कटौती
विदेश यात्रा की योजना बना रहे भारतीयों के लिए बजट में बड़ी राहत दी गई है. ओवरसीज टूर प्रोग्राम पैकेज पर लगने वाला TCS अब 5 फीसदी और 20 फीसदी से घटाकर सीधे 2 फीसदी कर दिया गया है. इसमें किसी न्यूनतम राशि की शर्त नहीं होगी. इसका मतलब है कि इंटरनेशनल टूर पैकेज बुक करते समय यात्रियों को पहले के मुकाबले काफी कम टैक्स देना होगा.
इसके अलावा, लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत विदेश में शिक्षा और मेडिकल जरूरतों के लिए विदेश भेजी जाने वाली राशि पर भी TCS को 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी कर दिया गया है. सरकार का मानना है कि इससे विदेश पढ़ाई और इलाज के लिए जाने वाले लोगों पर टैक्स बोझ कम होगा.
कैश फ्लो पर फोकस
वित्त मंत्री ने कहा कि TCS दरों की बहुलता को कम करने और कैश फ्लो से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए कुछ खास वस्तुओं पर TCS दरों को रिजनेबल बनाया गया है.
| क्रम संख्या | रसीद की प्रकृति | मौजूदा TCS दर | प्रस्तावित TCS दर |
|---|---|---|---|
| 1 | शराब की बिक्री | 1% | 2% |
| 2 | तेंदू पत्तों की बिक्री | 5% | 2% |
| 3 | स्क्रैप की बिक्री | 1% | 2% |
| 4 | खनिजों की बिक्री (कोयला, लिग्नाइट या लौह अयस्क) | 1% | 2% |
| 5 | LRS के तहत रेमिटेंस – शिक्षा या मेडिकल इलाज के लिए | 5% | 2% |
| LRS के तहत रेमिटेंस – अन्य उद्देश्यों के लिए | 20% | 20% | |
| 6 | ओवरसीज टूर प्रोग्राम पैकेज की बिक्री | 5% / 20% | 2% |
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क्लाउड सर्विस देने वाली विदेशी कंपनियों को टैक्स हॉलिडे
बजट में टेक और डिजिटल इकोनॉमी से जुड़ी कंपनियों के लिए भी बड़ा ऐलान किया गया. वित्त मंत्री ने कहा कि जो विदेशी कंपनियां भारतीय कंपनियों को क्लाउड सर्विस देती हैं, उन्हें वर्ष 2047 तक टैक्स हॉलिडे दिया जाएगा. इससे भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलने और ग्लोबल टेक कंपनियों के निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.




