Budget 2026 Speech Highlights: अबतक के बजट के पांच बड़े ऐलान! इन सेक्टर्स को सबसे ज्यादा फायदा

शुरुआती स्पीच में ही तीन स्पष्ट संकल्पों के जरिए यह बताया गया कि सरकार का फोकस आर्थिक मजबूती, लोगों की क्षमता निर्माण और संसाधनों की समान पहुंच पर रहेगा.

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Budget 2026 Speech Highlights: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण की शुरुआत में ही सरकार के विजन और प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए यह संकेत दे दिया कि यह बजट आने वाले वर्षों के लिए दिशा तय करने वाला रोडमैप है. कर्तव्य भवन में पेश किए गए इस पहले बजट में सरकार ने गरीब, वंचित और पिछड़े वर्गों को केंद्र में रखते हुए विकास की व्यापक रूपरेखा सामने रखी. शुरुआती स्पीच में ही तीन स्पष्ट संकल्पों के जरिए यह बताया गया कि सरकार का फोकस आर्थिक मजबूती, लोगों की क्षमता निर्माण और संसाधनों की समान पहुंच पर रहेगा.

सरकार के तीन संकल्प क्या हैं

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार तीन कर्तव्यों से प्रेरित होकर आगे बढ़ रही है. पहला कर्तव्य है उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ाकर आर्थिक विकास को तेज करना और अस्थिर वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को लचीला बनाना. दूसरा कर्तव्य देश के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का निर्माण करना है, ताकि वे भारत की समृद्धि की यात्रा में सक्रिय भागीदार बन सकें. तीसरा कर्तव्य ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विजन के अनुरूप यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार, हर समुदाय, हर क्षेत्र और हर सेक्टर को संसाधनों तक समान पहुंच मिले.

MSME और इंडस्ट्री क्लस्टर पर बड़ा दांव

बजट स्पीच के शुरुआती हिस्से में ही MSME सेक्टर को लेकर बड़ा ऐलान किया गया. वित्त मंत्री ने करीब 2000 इंडस्ट्री क्लस्टर को फिर से सक्रिय करने का प्रस्ताव रखा. इसके साथ ही ₹10,000 करोड़ के MSME ग्रोथ फंड की घोषणा की गई, जिससे छोटे और मझोले उद्योगों को पूंजी, विस्तार और रोजगार सृजन में मदद मिलने की उम्मीद है. यह संकेत माना जा रहा है कि सरकार जमीनी स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग और लोकल इकोनॉमी को मजबूत करना चाहती है.

टेक्सटाइल सेक्टर के लिए मेगा प्लान

टेक्सटाइल सेक्टर को नई ऊर्जा देने के लिए मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव भी बजट की शुरुआती झलकियों में शामिल रहा. इससे न केवल टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि निर्यात और रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे.

रेयर अर्थ कॉरिडोर पर फोकस

वित्त मंत्री ने ओडिशा, केरल और आंध्र प्रदेश जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों का जिक्र करते हुए रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट पर जोर दिया. माइनिंग और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए 3 रेयर अर्थ कॉरिडोर की बात कही गई, जिसे रणनीतिक और भविष्य की तकनीकों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.

बायोफार्मा शक्ति से हेल्थकेयर को मजबूती

हेल्थकेयर सेक्टर के लिए भी बड़ा संकेत देते हुए वित्त मंत्री ने अगले पांच साल में ₹10,000 करोड़ के खर्च के साथ ‘बायोफार्मा शक्ति’ का प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा कि नॉलेज, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के जरिए हेल्थ एडवांसमेंट पर आधारित यह रणनीति भारत के डिजिटल हेल्थकेयर इकोसिस्टम को और मजबूत करेगी.