Budget 2026: अब महिलाओं का होगा अपना फ्लिकार्ट- अमेजन जैसा पोर्टल, बनेगा SHE-MART; जानें कैसे होगी कमाई

केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लखपति दीदी योजना का दायरा बढ़ाया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सामुदायिक स्वामित्व वाले SHE-Marts शुरू करने का ऐलान किया. इसका मकसद ग्रामीण महिलाओं को उद्यम का मालिक बनाना और सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स को मजबूत करना है.

बजट से उम्मीदें Image Credit: Money9 Live

Union Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 में महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सरकार की प्रमुख महिला सशक्तिकरण योजना लखपति दीदी योजना को बजट 2026 में नया विस्तार दिया गया है. इसके तहत देशभर में सामुदायिक स्वामित्व वाले SHE-Marts शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे महिला उद्यमियों को अपने प्रोडक्ट बेचने के लिए एक स्थायी बाजार मिल सके. अपने रिकॉर्ड नौवें बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस अपग्रेड का मकसद ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक अवसर बढ़ाना और सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स को और मजबूत करना है, जो इस योजना की रीढ़ हैं.

इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण (Budget 2026) में कहा कि मोदी सरकार भारतीय महिलाओं को विश्व लीडर के तौर पर पेश करने के लिए काम कर रही है. इसके लिए बड़े पैमाने पर काम चल रहा है. साथ ही हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल खोला जाएगा. इससे महिलाओं की शिक्षा के स्तर का विस्तार होगा.

बनेगा सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर मार्ट्स

वित्त मंत्री ने कहा कि लखपति दीदी कार्यक्रम की सफलता को आगे बढ़ाते हुए अब महिलाओं को केवल क्रेडिट-लिंक्ड आजीविका तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें उद्यम का मालिक बनने में मदद की जाएगी. इसके लिए क्लस्टर-लेवल फेडरेशंस के तहत सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर (SHE) मार्ट्स स्थापित किए जाएंगे, जो समुदाय के स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट्स के रूप में काम करेंगे. इन मार्ट्स को बेहतर और इनोवेटिव फाइनेंसिंग टूल्स के जरिए सहयोग दिया जाएगा.

SHE-MART कैसे करेगा काम?

लखपति दीदी योजना क्या है?

ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा लागू की गई लखपति दीदी योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है. इस योजना के तहत सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स से जुड़ी महिलाओं को माइक्रो-एंटरप्राइज शुरू करने में मदद दी जाती है, ताकि वे सालाना कम से कम एक लाख रुपये की स्थायी आय अर्जित कर सकें. इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को सिलाई, प्लंबिंग, एलईडी बल्ब निर्माण से लेकर ड्रोन संचालन तक की ट्रेनिंग दी जाती है और उन्हें एक से अधिक आजीविका विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.

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साल 2023 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि उनका सपना देश में 2 करोड़ लखपति दीदी बनाने का है, जिसके लिए देशभर में सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स से जुड़ी करीब 10 करोड़ महिलाओं की ताकत का इस्तेमाल किया जाएगा.