होर्मुज स्ट्रेट ब्लॉकेड के चलते फारस की खाड़ी में फंसे 28 भारतीय जहाज, एक्टिवेट हुआ 24 घंटे चलने वाले कंट्रोल रूम

. पोर्ट्स, शिपिंग और वॉटरवेज मंत्रालय के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने एक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि इनमें से 24 जहाज, जिनमें 677 क्रू मेंबर हैं, होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में हैं. बाकी चार जहाज, जिनमें 101 लोग हैं, पूर्वी तरफ हैं. 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ US और इजरायली हमलों की शुरुआत के बाद से इस पतले पानी के रास्ते से नेविगेशन लगभग रुक गया है.

होर्मुज स्ट्रेट ब्लॉकेड. Image Credit: Freepik

ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद से पश्चिमी एशिया में तनाव गहरा गया है, जिसकी वजह से एनर्जी की सप्लाई पर असर पड़ा है. बुधवार को एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि 778 नाविकों को ले जा रहे 28 भारतीय जहाज अभी फारस की खाड़ी में हैं. पोर्ट्स, शिपिंग और वॉटरवेज मंत्रालय के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने एक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि इनमें से 24 जहाज, जिनमें 677 क्रू मेंबर हैं, होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में हैं. बाकी चार जहाज, जिनमें 101 लोग हैं, पूर्वी तरफ हैं.

मजबूत किया गया प्रोटोकॉल

सिन्हा ने जोर देकर कहा कि मंत्रालय इस इलाके में बदलते समुद्री माहौल पर कड़ी नजर रख रहा है. पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात को देखते हुए, अधिकारियों ने सभी भारतीय समुद्री संपत्तियों और लोगों की सुरक्षा की गारंटी के लिए मॉनिटरिंग और तैयारी प्रोटोकॉल को मजबूत किया है.

अधिकारी ने कहा, ‘हम सभी जहाजों की सेफ्टी और सिक्योरिटी के लिए एक्टिवली मॉनिटरिंग कर रहे हैं. अथॉरिटी, शिप मैनेजर और रिक्रूटमेंट एजेंसियां, इंडियन एम्बेसी और लोकल अथॉरिटी के साथ मिलकर उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित कर रही हैं और उन्हें मेडिकल मदद दे रही हैं.’

फॉर्मल एडवाइजरी जारी

सरकार शिपिंग कंपनियों और नाविकों, दोनों को जरूरी मदद देने के लिए इंडस्ट्री के स्टेकहोल्डर्स के साथ लगातार बातचीत भी कर रही है. इसके लिए, शिपिंग डायरेक्टरेट जनरल (DG) ने फॉर्मल एडवाइजरी जारी की हैं. इन निर्देशों के मुताबिक, सभी भारतीय झंडे वाले जहाज और क्रू मेंबर को कड़े सुरक्षा उपाय करने होंगे और रियल-टाइम रिपोर्टिंग और कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा.

भारत में पोर्ट ऑपरेशन स्थिर

घरेलू असर के बारे में सिन्हा ने कहा कि पूरे भारत में पोर्ट ऑपरेशन स्थिर हैं. बड़े पोर्ट ने खास ऑपरेशनल स्ट्रेटेजी अपनाई हैं, जैसे एजेंट और शिपिंग लाइन के साथ कोऑर्डिनेशन में जहाजों के ट्रैफिक की रियल-टाइम ट्रैकिंग, साथ ही इलाके के डेवलपमेंट का लगातार असेसमेंट किया जा रहा है.

24 घंटे एक्टिव है कंट्रोल रूम

तुरंत जवाब देने की क्षमता सुनिश्चित करने के लिए, मिनिस्ट्री और शिपिंग के DG दोनों में 24 घंटे चलने वाले कंट्रोल रूम एक्टिवेट कर दिए गए हैं. DG समय पर अपडेट देने के लिए शिप ऑपरेटर और नाविक यूनियन के सीधे संपर्क में भी हैं. इसके अलावा, पोर्ट को एक्सपोर्टर्स को जरूरी मदद देने का निर्देश दिया गया है ताकि व्यापार में होने वाली रुकावटों को कम किया जा सके और भारत के EXIM ऑपरेशन जारी रहें.

तेल की सप्लाई में रुकावट

28 फरवरी को ईरान के खिलाफ US और इजरायली हमलों की शुरुआत के बाद से इस पतले पानी के रास्ते से नेविगेशन लगभग रुक गया है. पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव ने दुनिया भर में तेल की सप्लाई के लगभग 20 फीसदी के एक्सपोर्ट को रोक दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय ईंधन की कीमतें 2022 के बाद से रिकॉर्ड किए गए लेवल तक बढ़ गईं.

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