पश्चिम एशिया तनाव के बीच ईरान ने दिखाई नरमी, जरूरी सामान वाले जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की दी अनुमति

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने जरूरी सामान ले जाने वाले जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी है. इससे आपूर्ति को आंशिक राहत मिली है. अब तक 8 भारतीय जहाज इस मार्ग से गुजर चुके हैं. हालांकि वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है.

होर्मुज स्टेट को लेकर ईरान का बड़ा फैसला Image Credit: Money9live

Iran ship passage Hormuz Strait: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने एक अहम फैसला लिया है. इसके तहत ईरान ने अपने बंदरगाहों तक जरूरी सामान ले जाने वाले जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दे दी है. यह जानकारी Tasnim News Agency द्वारा जारी एक लेटर के हवाले से सामने आई है. हालांकि इसका खुलासा Reuters ने अपनी रिपोर्ट में किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने साफ किया है कि जो जहाज जरूरी सामान लेकर उसके बंदरगाहों की ओर जा रहे हैं, उन्हें स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी जाएगी. हालांकि इसके लिए जहाजों को पहले संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय करना होगा और तय प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा.

खास बात यह भी है कि यह नियम उन जहाजों पर भी लागू होगा जो फिलहाल ओमान की खाड़ी में मौजूद हैं. 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-ईजरायल और ईरान के बीच युद्ध ने हमलों के जवाब में होर्मुज स्ट्रेट प्रभावी हुआ है. यह स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है. यहां से सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है.

दुनिया भर के देशों को मिली राहत

ऐसे में ईरान के इस फैसले से जहां एक तरफ जरूरी सामान की सप्लाई को सीमित राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है. अगर स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है.

अब तक किन भारतीय जहाजों ने किया ट्रांजिट

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारत उन देशों में शामिल हो गया है, जिनके जहाज होर्मुज से सबसे अधिक निकले हैं. 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद अब तक 8 भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार कर चुके हैं.

भारत के जिन 8 जहाजो ने यह चुनौतीपूर्ण रास्ता पार किया, उनमें एलपीजी कैरियर्स श‍िवालिक, नंदा देवी, पाइन गैस, जग वसंत, ग्रीन सान्वी, बीडब्ल्यू टायर और बीडब्ल्यू एल्म शामिल हैं. इसके अलावा ‘जग लाड़की’ नाम का क्रूड ऑयल टैंकर भी इस सूची में शामिल है. इन जहाजों ने हजारों टन एलपीजी और कच्चा तेल भारत के विभिन्न बंदरगाहों मुंद्रा, कांडला, मुंबई और न्यू मैंगलोर तक पहुंचाया. शुरुआती जहाजों ने करीब 92,000 टन एलपीजी की सप्लाई सुनिश्चित की, जो घरेलू जरूरतों के लिए बेहद अहम है.

अब तक कितने जहाज होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजरे?

केप्लर के शुक्रवार सुबह तक के आंकड़ों के अनुसार, 1 मार्च से Strait of Hormuz से केवल 221 मालवाहक जहाज गुजरे हैं, जिनमें से कुछ एक से अधिक बार गुजरे हैं. जिन जहाजों ने समुद्री यात्रा पूरी की, उनमें से 60 प्रतिशत या तो ईरान से आए थे या वहीं जा रहे थे. लॉयड्स लिस्ट के अनुसार, युद्ध से पहले सामान्य स्थिति में प्रति दिन इस रास्ते से 120 जहाज़ गुजरते थे. Gulf News के मुताबिक, लगभग 2,000 जहाज वर्तमान में होर्मुज स्ट्रेट के दोनों ओर मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं.

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