होर्मुज खुलते ही कच्चे तेल का प्रोडक्शन बढ़ाएंगे OPEC के ये 8 देश, ब्रेंट $110 पहुंचा, WTI $112 पार

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है. इसी बीच ओपेक के आठ देशों ने हालात सामान्य होने पर उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है. कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर के करीब पहुंच गई हैं, जिससे दुनिया भर में ईंधन महंगा होने का दबाव बढ़ता जा रहा है.

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OPEC agree to increases production: वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी तनाव के बीच तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक (OPEC) के आठ सदस्य देशों ने बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने कहा है कि जैसे ही होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दोबारा सुरक्षित और चालू होगा, वे तेल उत्पादन बढ़ाएंगे. फिलहाल इस क्षेत्र में संघर्ष के कारण सप्लाई बुरी तरह प्रभावित है और तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. हालांकि इनकी शर्त है कि जब होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुलेगा तब ही ये प्रोडक्शन बढ़ाएंगे. इन देशों में Saudi Arabia, Russia, Iraq, UAE, Kuwait, Kazakhstan, Algeria और Oman का नाम शामिल है.

तेल उत्पादन बढ़ाने का ऐलान

ओपेक के सदस्य देशों ने मई महीने के लिए रोजाना 2.06 लाख बैरल तेल उत्पादन बढ़ाने की योजना बनाई है. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बढ़ोतरी केवल औपचारिक कदम है, क्योंकि मौजूदा हालात में कई बड़े देश वास्तव में उत्पादन बढ़ाने में सक्षम नहीं हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और इराक जैसे प्रमुख उत्पादकों का निर्यात ठप पड़ा है, जिससे सप्लाई पर भारी असर पड़ा है.

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तेल कीमतें 120 डॉलर के करीब

तेल की कीमतें बढ़कर लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जो पिछले चार साल का उच्च स्तर है. इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल और परिवहन लागत पर पड़ रहा है. दुनिया भर की सरकारें इस स्थिति से निपटने के लिए आपात कदम उठा रही हैं, क्योंकि महंगा तेल उद्योगों और आम उपभोक्ताओं दोनों पर दबाव बढ़ा रहा है.

उत्पादन बहाल करने में लगेगा समय

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण तेल से जुड़ी कई अहम इंफ्रास्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं. भले ही युद्ध तुरंत खत्म हो जाए और रास्ता खुल जाए, फिर भी उत्पादन सामान्य होने में कई महीने लग सकते हैं. साथ ही जब तक होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह सुरक्षित नहीं होता, तब तक तेल सप्लाई और कीमतों में अस्थिरता बनी रहेगी.

क्या है कच्चे तेल के भाव?

कच्चे तेल के भाव (Crude Oil Prices) इस समय ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं. ताजा आंकड़ों के अनुसार कच्चा तेल (WTI) करीब 112 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है, जिसमें हल्की बढ़त देखी गई है. वहीं ब्रेंट क्रूड लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर है और इसमें भी बढ़ोतरी दर्ज हुई है. तेल की कीमतों में यह तेजी वैश्विक तनाव, खासकर पश्चिम एशिया में हालात और सप्लाई में रुकावट के कारण आई है. कच्चे तेल के महंगे होने से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की आशंका रहती है, जिससे आम लोगों और उद्योगों पर सीधा असर पड़ता है.