मिनिमम बैलेंस न रखने पर बैंकों ने 3 साल में वसूले ₹19000 करोड़ रुपये की पेनल्टी; टॉप पर ये प्राइवेट बैंक

पिछले तीन वित्तीय वर्षों में भारतीय बैंकों ने मिनिमम एवरेज बैलेंस (MAB) नहीं रखने पर ग्राहकों से करीब 19,083 करोड़ रुपये पेनल्टी चार्ज वसूले हैं. लोकसभा में सरकार ने बताया कि इस राशि में सरकारी और प्राइवेट दोनों बैंकों की वसूली शामिल है, जिसमें प्राइवेट बैंकों की हिस्सेदारी ज्यादा रही. देखें पूरी सूची कि किस विर्त वर्ष में किस सरकारी और प्राइवेट बैंक ने कितने रुपये वसूले हैं.

मिनिमम बैलेंस के नाम पर भारी वसूली Image Credit: @Money9live

Banks Collected 19000 Crore in 3 Yrs for MAB: देश के बैंकों ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में मिनिमम एवरेज बैलेंस (MAB) नहीं बनाए रखने की वजह से ग्राहकों से बड़ी रकम वसूली है. सरकार द्वारा संसद में दी गई जानकारी के मुताबिक FY 2022-23 से FY 2024-25 के बीच भारतीय बैंकों ने कुल मिलाकर करीब 19,083 करोड़ रुपये बतौर पेनल्टी चार्ज वसूले हैं. इस राशि में पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs) और प्राइवेट सेक्टर बैंकों दोनों की वसूली शामिल है. आंकड़े बताते हैं कि प्राइवेट बैंकों ने इस मामले में सरकारी बैंकों की तुलना में लगभग दोगुनी रकम ग्राहकों से वसूली है.

सरकारी बैंकों ने कितनी वसूली की?

वित्त मंत्रालय ने 9 मार्च 2026 को लोकसभा में लिखित जवाब में बताया कि सरकारी बैंकों ने तीन वर्षों में करीब 8,092.83 करोड़ रुपये ग्राहकों से मिनिमम बैलेंस न रखने पर वसूले. यह राशि PSBs की कुल आय का लगभग 0.23 फीसदी बताई गई है. आंकड़े को वर्षवार के हिसाब से तोड़ते हुए देखें तो-

  • FY 2022-23: 2,407.82 करोड़ रुपये
  • FY 2023-24: 2,909.10 करोड़ रुपये
  • FY 2024-25: 2,775.91 करोड़ रुपये

हालांकि FY 2024-25 में यह वसूली पिछले साल के मुकाबले करीब 4.58 फीसदी कम रही, लेकिन FY 2022-23 की तुलना में अभी भी 13 फीसदी से ज्यादा ज्यादा है.

प्राइवेट बैंकों ने वसूली दोगुनी रकम

प्राइवेट सेक्टर बैंकों की बात करें तो उन्होंने इसी अवधि में कुल 10,990.91 करोड़ रुपये पेनल्टी के रूप में वसूले. इसे भी अगर वर्षवार आंकड़े के आधार पर तोड़ा जाए तो:

  • FY 2022-23: 3,171.96 करोड़ रुपये
  • FY 2023-24: 3,620.07 करोड़ रुपये
  • FY 2024-25: 4,198.88 करोड़ रुपये

FY 2024-25 में प्राइवेट बैंकों की यह वसूली पिछले साल की तुलना में करीब 16 फीसदी बढ़ी, जबकि FY 2022-23 के मुकाबले इसमें 32 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई.

किन बैंकों ने ज्यादा चार्ज वसूले?

सरकारी बैंकों में पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक और भारतीय स्टेट बैंक जैसे बड़े बैंकों ने सबसे ज्यादा पेनल्टी चार्ज वसूले. यह रही पूरी सूची-

बैंक का नामFY 2022-23FY 2023-24FY 2024-25
बैंक ऑफ बड़ौदा387.52443.30441.35
बैंक ऑफ इंडिया174.99194.25170.83
बैंक ऑफ महाराष्ट्र131.77143.69152.86
केनरा बैंक390.85358.67277.71
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया150.81135.3197.19
इंडियन बैंक295.23367.66503.38
इंडियन ओवरसीज बैंक13.0015.0615.55
पंजाब एंड सिंध बैंक19.0242.5348.57
पंजाब नेशनल बैंक486.16674.04417.67
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया211.47302.95418.40
यूको बैंक18.3043.4353.56
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया128.70188.21178.84
कुल2,407.822,909.102,775.91
सोर्स- RBI

वहीं प्राइवेट बैंकों में HDFC बैंक, Axis बैंक और ICICI बैंक इस सूची में शीर्ष पर रहे. उदाहरण के तौर पर FY 2024-25 में  HDFC Bank ने लगभग 1,518 करोड़ रुपये, Axis Bank ने 1,001 करोड़ रुपये और ICICI Bank ने करीब 391 करोड़ रुपये बतौर मिनिमम बैलेंस पेनल्टी वसूले. देखें पूरी लिस्ट-

बैंक का नामFY 2022-23FY 2023-24FY 2024-25
एक्सिस बैंक878.23826.451,001.29
सिटी यूनियन बैंक75.3531.8635.45
CSB बैंक25.2935.5844.15
DCB बैंक8.739.9411.75
फेडरल बैंक86.21102.76132.42
HDFC बैंक1,036.051,316.801,518.92
ICICI बैंक400.45433.06391.28
IDBI बैंक76.1759.3175.73
IDFC फर्स्ट बैंक91.93120.44119.18
इंडसइंड बैंक92.68108.76170.60
कोटक महिंद्रा बैंक192.26261.24254.26
RBL बैंक28.3328.9233.43
साउथ इंडियन बैंक41.8362.6189.45
तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक26.7128.7630.03
यस बैंक59.7569.66119.89
कुल3,171.963,620.074,198.88
सोर्स- RBI

मिनिमम बैलेंस न रखने पर क्यों लगता है चार्ज?

बैंक आम तौर पर अपने ग्राहकों से खाते के प्रकार और शाखा के स्थान के आधार पर मिनिमम एवरेज बैलेंस (MAB) बनाए रखने की शर्त रखते हैं. अगर ग्राहक निर्धारित औसत बैलेंस नहीं रखते, तो बैंक 25 रुपये से लेकर 500 रुपये या उससे ज्यादा तक का मासिक शुल्क लगा सकते हैं. इस पर 18 फीसदी GST भी लागू होता है. RBI के निर्देशों के अनुसार, पेनल्टी लगाने से पहले बैंक ग्राहकों को SMS, ईमेल, पत्र या अन्य माध्यमों से सूचना देते हैं और उन्हें बैलेंस बहाल करने का समय भी दिया जाता है.

कौन से खाते इस नियम से बाहर हैं?

हालांकि सभी खातों पर यह नियम लागू नहीं होता. सरकार के अनुसार Basic Savings Bank Deposit Account (BSBDA) में मिनिमम बैलेंस की कोई अनिवार्यता नहीं होती. इसी तरह प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) के तहत खोले गए खातों पर भी मिनिमम बैलेंस रखने की शर्त नहीं है. इन खातों में ग्राहक बिना किसी पेनल्टी के जमा, निकासी और एटीएम सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं. वित्त मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक सुप्रीम कोर्ट या किसी हाई कोर्ट ने ऐसा कोई सामान्य आदेश जारी नहीं किया है, जिसमें बैंकों को इन पेनल्टी चार्ज को माफ करने या ग्राहकों को वापस लौटाने का निर्देश दिया गया हो.

क्या कहते हैं नियम?

सरकार का कहना है कि बैंक अपने बोर्ड द्वारा तय नीतियों और व्यावसायिक जरूरतों के आधार पर मिनिमम बैलेंस से जुड़े शुल्क तय करते हैं. हालांकि नियामक दिशानिर्देशों के तहत ग्राहकों को पहले सूचना देना और उन्हें बैलेंस ठीक करने का मौका देना जरूरी है, ताकि बिना जानकारी के उन पर अतिरिक्त शुल्क न लगे.

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