रूस से दूरी! ब्राजील से नजदीकी, BPCL करेगी 780 मिलियन डॉलर की बड़ी डील, 12 मिलियन बैरल खरीदेगी तेल
BPCL और ब्राजील की राष्ट्रीय तेल कंपनी पेट्रोब्रास के बीच यह करार अगले हफ्ते इंडिया एनर्जी वीक सम्मेलन में किया जाएगा. यह चार दिन का कार्यक्रम 27 जनवरी से शुरू होगा, जहां कई देशों की ऊर्जा कंपनियां हिस्सा लेंगी. इस दौरान भारत ऊर्जा क्षेत्र में नए साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ाने की कोशिश करेगा.
BPCL: भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने और तेल आयात के सोर्स को बढ़ोने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है. सरकार के मुताबिक सरकारी कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी BPCL जल्द ही ब्राजील की तेल कंपनी पेट्रोब्रास के साथ एक बड़ा समझौता करने जा रही है. इस डील के तहत भारत साल 2027 वित्त वर्ष में 12 मिलियन बैरल कच्चा तेल खरीदेगा, जिसकी कीमत करीब 780 मिलियन डॉलर होगी.
यह डील पिछले साल के मुकाबले दोगुना बताया जा रहा है. इसका मकसद रूस से आने वाले तेल पर निर्भरता को कुछ हद तक कम करना है. साथ ही भारत अब मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका जैसे क्षेत्रों से ज्यादा तेल खरीदने की रणनीति पर काम कर रहा है.
अगले हफ्ते होगा समझौते पर हस्ताक्षर
Reuters के अनुसार BPCL और ब्राजील की राष्ट्रीय तेल कंपनी पेट्रोब्रास के बीच यह करार अगले हफ्ते इंडिया एनर्जी वीक सम्मेलन में किया जाएगा. यह चार दिन का कार्यक्रम 27 जनवरी से शुरू होगा, जहां कई देशों की ऊर्जा कंपनियां हिस्सा लेंगी. इस दौरान भारत ऊर्जा क्षेत्र में नए साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ाने की कोशिश करेगा.
अन्य बड़े समझौते भी होंगे
इंडिया एनर्जी वीक के दौरान भारत की एक और सरकारी रिफाइनरी कंपनी नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड यानी NRL फ्रांस की कंपनी TotalEnergies के साथ शुरुआती समझौता करेगी. इसका उद्देश्य ओडिशा के पारादीप में हर साल 200 किलो टन क्षमता का सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल प्रोजेक्ट बनाना है. यह ईंधन पर्यावरण के लिहाज से बेहतर माना जाता है और भविष्य में विमानन क्षेत्र की जरूरतों को पूरा कर सकता है.
LNG खरीद पर भी बातचीत
इसके अलावा नुमालीगढ़ रिफाइनरी और ऑयल इंडिया लिमिटेड फ्रांस की TotalEnergies के साथ LNG खरीदने के लिए भी शुरुआती समझौता करने जा रही हैं. इससे आने वाले समय में दोनों भारतीय कंपनियों की गैस जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी.
सरकार ने यह भी बताया कि BPCL की इकाई भारतपेट्रो रिसोर्सेज लिमिटेड दुनिया भर में तेल और गैस कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदने के लिए शेल के साथ करार करने जा रही है. इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मौजूदगी बढ़ाना और ऊर्जा संसाधनों में निवेश करना है. रूस से आपूर्ति में कमी आने के बाद भारतीय रिफाइनर अपनी रणनीति बदल रहे हैं. अब वे मध्य पूर्व, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका से ज्यादा तेल खरीद रहे हैं
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