अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनी के दो सीनियर आधिकारियों को CBI ने किया गिरफ्तार, जांच में हुआ ये अहम खुलासा
यह जांच RCOM, अनिल अंबानी और अन्य लोगों से जुड़ी है. यह जांच भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी. एजेंसी ने बताया कि उन्होंने आरोपी कंपनी को सुविधाएं मंजूर करवाने और उनका वितरण करवाने के लिए बैंकों के साथ तालमेल बिठाया था.
CBI ने सोमवार को बताया कि उसने अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनी, रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) के दो सीनियर अधिकारियों को एक कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया है. एजेंसी ने इन अधिकारियों की पहचान RCOM के वाइस प्रेसिडेंट अनिल कालिया और जॉइंट प्रेसिडेंट डी. विश्वनाथ के तौर पर की है. यह केंद्रीय एजेंसी अदालत से इन अधिकारियों की रिमांड मांगेगी.
SBI की शिकायत
यह जांच RCOM, अनिल अंबानी और अन्य लोगों से जुड़ी है. यह जांच भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बैंक ने कंपनी को क्रेडिट सुविधाएं मंजूर की थीं, लेकिन आरोपी कर्जदारों की ‘धोखाधड़ी वाली’ गतिविधियों के कारण बैंक को करीब 2,929.05 करोड़ रुपये का गलत नुकसान हुआ. शिकायत के अनुसार, 17 पब्लिक सेक्टर के बैंकों और वित्तीय संस्थानों को कुल 19,694 करोड़ रुपये का गलत नुकसान हुआ.
जांच में क्या पता चला?
जांच में पता चला कि RCOM ने कंपनी के अधिकारियों द्वारा नियंत्रित ‘शेल’ संस्थाओं के जरिए ‘घुमावदार’ लेन-देन किए. इसके अलावा, CBI ने एक बयान में कहा कि RCOM ने अपने ग्रुप की संस्थाओं के साथ ‘फर्जी’ सेवा-संबंधी लेन-देन के लिए खोले गए डिस्काउंटेड लेटर ऑफ क्रेडिट (LCs) हासिल किए. ये LC बाद में बैंक पर आ पड़े (डिफॉल्ट हो गए), जिससे बैंकों को भारी नुकसान हुआ.
एजेंसी के अनुसार, विश्वनाथ ग्रुप के बैंकिंग कामकाज के समग्र प्रभारी थे, और उन्होंने ही फंड के गलत इस्तेमाल का निर्देश दिया था. एजेंसी ने बताया कि उन्होंने आरोपी कंपनी को सुविधाएं मंजूर करवाने और उनका वितरण करवाने के लिए बैंकों के साथ तालमेल बिठाया था.
विश्वनाथ की क्या थी भूमिका
जांच एजेंसी ने कहा कि कालिया ने विश्वनाथ का ‘सक्रिय रूप से’ साथ दिया. एजेंसी ने आगे कहा कि ये दोनों ही RCOM के ‘महत्वपूर्ण’ अधिकारी थे, जो कॉरपोरेट फाइनेंस, बैंकिंग कामकाज, भुगतान और फंड के इस्तेमाल का प्रबंधन देखते थे.
हजारों करोड़ के कथित फ्रॉड
पिछले कुछ महीनों में, एजेंसी ने अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप के खिलाफ विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और LIC द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर सात मामले दर्ज किए हैं. ये शिकायतें हजारों करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी से जुड़ी हैं.
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