Coal India का ग्लोबल रेयर अर्थ मिशन, चीन पर निर्भरता खत्म करने का मास्टर प्लान? इन देशों पर नजर
भारत अपनी रणनीति बदल रहा है. अब भारत सिर्फ आयात पर निर्भर रहने के बजाय खुद खनन और Partnership के जरिए इन महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच बनाना चाहता है. इसी दिशा में कोल इंडिया की सहयोगी कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड ने बड़ा कदम उठाया है.
Coal India eyes rare earth: दुनिया धीरे-धीरे उन खनिजों की तरफ मुड़ रही है जिनके बिना आधुनिक तकनीक चल ही नहीं सकती. इन्हें रेयर अर्थ मिनरल्स कहा जाता है. मोबाइल फोन, इलेक्ट्रिक वाहन, सोलर पैनल, पवन ऊर्जा, Defence equipment और सेमीकंडक्टर बनाने में इनकी अहम भूमिका होती है. अभी तक इन खनिजों की वैश्विक सप्लाई पर चीन का दबदबा रहा है. पिछले साल चीन ने अपने रेयर अर्थ खनिजों के निर्यात पर सख्ती बढ़ा दी, जिससे कई देशों की Industrial supply chain पर खतरा पैदा हो गया.
ऐसे में भारत अपनी रणनीति बदल रहा है. अब भारत सिर्फ आयात पर निर्भर रहने के बजाय खुद खनन और Partnership के जरिए इन महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच बनाना चाहता है. इसी दिशा में कोल इंडिया की सहयोगी कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड ने बड़ा कदम उठाया है. कंपनी अब ऑस्ट्रेलिया, रूस और अफ्रीका समेत कई देशों में रेयर अर्थ खनन में Partnership तलाश रही है.
कोल इंडिया की नई global रणनीति
कोल इंडिया की सहायक कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड विदेशों में रेयर अर्थ खनिजों के खनन में निवेश और Partnership पर विचार कर रही है. कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि शुरुआती स्तर पर बातचीत चल रही है. कंपनी ऑस्ट्रेलिया, रूस, अर्जेंटीना, चिली और कई अफ्रीकी देशों में संभावनाएं तलाश रही है. मकसद साफ है कि भारत को चीन पर निर्भरता कम करनी है और अपनी खुद की सुरक्षित सप्लाई चेन बनानी है.
भारत में भी साझेदारी की तैयारी
विदेशों के साथ-साथ कोल इंडिया भारत में भी रेयर अर्थ खनन के लिए सरकारी कंपनियों के साथ काम करेगी. इसके लिए IREL, खानिज बिदेश इंडिया लिमिटेड और हिंदुस्तान कॉपर के साथ सहयोग किया जाएगा. इसका फायदा यह होगा कि भारत अपने ही संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर सकेगा और विदेशी निर्भरता घटेगी.
IPO का पैसा निवेश में लगेगा
हाल ही में BCCL का 119 मिलियन डॉलर का IPO आया, जिसे निवेशकों ने रिकॉर्ड तरीके से सब्सक्राइब किया. यह इश्यू करीब 147 गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ था. अब कंपनी इसी पैसे का इस्तेमाल रेयर अर्थ खनन और नई Projects में करेगी. कंपनी अगले हफ्ते शेयर बाजार में List होने जा रही है.
ऑस्ट्रेलिया और रूस में कोकिंग कोल खदानें
रेयर अर्थ के अलावा BCCL ऑस्ट्रेलिया और रूस में कोकिंग कोल की खदानें खरीदने की भी योजना बना रही है. अगले दो से तीन साल में यह सौदा पूरा होने की उम्मीद है. कंपनी का टारगेट है कि साल 2030 तक अपनी कोकिंग कोल Production capacity 40.5 मिलियन टन से बढ़ाकर 56 मिलियन टन प्रति वर्ष कर दी जाए.
भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा फायदा
भारत में सड़क, रेलवे, पुल, मेट्रो और बड़े Industrial projects तेजी से बन रहे हैं. इसके लिए स्टील की भारी जरूरत है. कोकिंग कोल स्टील बनाने का मुख्य कच्चा माल है. इसलिए निवेशक मान रहे हैं कि BCCL को इस बढ़ते बुनियादी ढांचे के निर्माण से बड़ा फायदा होगा. कोल इंडिया की यह पहल सिर्फ कारोबारी नहीं बल्कि रणनीतिक भी है. इससे भारत की खनिज सुरक्षा मजबूत होगी, चीन पर निर्भरता कम होगी और देश की Industrial capacity बढ़ेगी.
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