Crude Oil Price Today: 1 महीने में कच्चा तेल 58% महंगा, ब्रेंट $103 के पार; जानें WTI का लेटेस्ट रेट
पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है. होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है और ब्रेंट 103 डॉलर के पार पहुंच गया है. हालांकि राहत की बात यह है कि भारत के जहाजों को फिलहाल इस समुद्री मार्ग से गुजरने का रास्ता मिल रहा है.
Crude Oil Price Today: पश्चिम एशिया में बढ़ते ईरान-अमेरिका संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल आपूर्ति बाधित होने से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेज उछाल देखने को मिल रहा है. ताजा आंकड़ों के अनुसार क्रूड ऑयल करीब 98.71 डॉलर और ब्रेंट 103.14 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. युद्ध और समुद्री रास्तों पर खतरे की वजह से तेल सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे कीमतें लगातार बढ़ रही हैं.
होर्मुज जलडमरूमध्य बना सबसे बड़ा कारण
दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल की सप्लाई होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरती है. मौजूदा युद्ध और सुरक्षा खतरे के कारण इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है. इससे वैश्विक बाजार में तेल की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है और कीमतों में तेजी आ रही है.
क्रूड ऑयल और ब्रेंट दोनों में तेजी
ताजा बाजार आंकड़ों के मुताबिक क्रूड ऑयल की कीमत 98.71 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है, जिसमें करीब 3.11 प्रतिशत की रोजाना बढ़त दर्ज की गई. वहीं ब्रेंट क्रूड 103.14 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया और इसमें 2.67 प्रतिशत की तेजी देखी गई है. युद्ध लंबा चला तो कीमतें और बढ़ सकती हैं. बीते एक महीने में WTI 58.3 प्रतिशत तो वहीं ब्रेंट 50.16 प्रतिशत महंगा हुआ है.

यह भी पढ़ें: होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकले LPG जहाज शिवालिक और नंदा देवी, 16-17 मार्च को पहुंचेंगे भारत; सरकार ने दी जानकारी
युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई पर असर
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य हमलों और तेल ढांचे पर हमलों के कारण वैश्विक सप्लाई प्रभावित होने लगी है. कुछ रिपोर्टों के मुताबिक इस संघर्ष की वजह से तेल परिवहन में भारी गिरावट आई है और कई टैंकरों ने इस क्षेत्र से दूरी बनानी शुरू कर दी है.
महंगाई बढ़ने की आशंका
अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव जारी रहा तो तेल की कीमतें 100 डॉलर से भी ऊपर स्थिर रह सकती हैं. इससे दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं और महंगाई बढ़ने का खतरा भी पैदा हो सकता है. इस क्षेत्र में तनाव के बावजूद भारत के लिए एक राहत की खबर है. हार्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों की आवाजाही जारी है और उन्हें सुरक्षित रास्ता मिल रहा है. भारतीय जहाजों को फिलहाल इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने में कोई बड़ी बाधा नहीं आई है. सरकार और नौसेना लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि भारत की ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार प्रभावित न हो. Shivalik और Nanda Devi नाम के ये दो जहाजों को ईरान ने रास्ता दे दिया है. ये दोनों जहाज भारत की ओर बढ़ रहे हैं.
Latest Stories
ईरान युद्ध से मेटल सेक्टर पर असर, Hindalco ने एल्यूमिनियम प्रोडक्ट्स की रोकी बिक्री; सप्लाई चेन पर बढ़ा संकट
क्या खुलने वाला है होर्मुज स्ट्रेट? ट्रंप ने चीन, फ्रांस, जापान जैसे देशों से युद्धपोत भेजने को कहा; ईरान को दी चेतावनी
बोतलों में तेल लेने वालों की खैर नहीं, मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी; नियम तोड़ने पर पट्रोल पंपों पर होगी कार्रवाई
