Dream Street के साथ स्टॉक ब्रोकिंग इंडस्ट्री में कदम रखेगी Dream11 की पेरेंट कंपनी, जानें- किसे टारगेट करने का प्लान
कंपनी को सभी जरूरी लाइसेंस मिल गए हैं और वह अभी प्रोडक्ट की अंदरूनी तौर पर टेस्टिंग कर रही है. इसे जल्द ही आम लोगों के लिए लॉन्च किए जाने की उम्मीद है. Dream Sports ने मई 2025 में Dream Money को लॉन्च करके फाइनेंशियल सर्विसेज के क्षेत्र में पहली बार कदम रखा था.
स्पोर्ट्स एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म Dream11 की पेरेंट कंपनी, Dream Sports, Dream Street के साथ भारत के कड़े मुकाबले वाले स्टॉक ब्रोकिंग इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही है. कंपनी का मकसद देश में तेजी से बढ़ रहे रिटेल निवेशकों के बेस का फायदा उठाना है. Dream Sports के CEO हर्ष जैन ने Moneycontrol को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि कंपनी को सभी जरूरी लाइसेंस मिल गए हैं और वह अभी प्रोडक्ट की अंदरूनी तौर पर टेस्टिंग कर रही है. इसे जल्द ही आम लोगों के लिए लॉन्च किए जाने की उम्मीद है.
Dream Sports स्टॉक ब्रोकिंग के क्षेत्र में क्यों उतर रही है?
Dream Street का मकसद टियर-2 और टियर-3 शहरों के ग्राहकों को AI-पावर्ड, उनकी जरूरत के हिसाब से बने निवेश के टूल्स उपलब्ध कराना है. जैन ने कहा, ‘आज की समस्या यह है कि 90 फीसदी लोग बाजार में अपना पैसा गंवा देते हैं, और कोई भी उनकी गहराई से और उनकी जरूरत के हिसाब से मदद नहीं कर रहा है. हम देखते हैं कि हर कोई उन 10 फीसदी लोगों पर ही ध्यान दे रहा है जो पैसा कमाते हैं और प्लेटफॉर्म पर बने रहते हैं.’
Dream Street का नेतृत्व कौन करेगा?
Dream Sports के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर राहुल मीरचंदानी, Dream11 के प्रोडक्ट लीडर्स करण बंसल और निखिल लालवानी के साथ मिलकर, इस ब्रोकरेज विंग को को-फाउंडर्स के तौर पर लीड करेंगे. मीरचंदानी इसके CEO होंगे, बंसल CBO और लालवानी CPO होंगे. यह कदम मुंबई स्थित इस स्टार्टअप के बड़े फाइनेंशियल सर्विसेज और वेल्थ मैनेजमेंट पोर्टफ़ोलियो के ताजा विस्तार को दिखाता है.
Dream Sports ने मई 2025 में Dream Money को लॉन्च करके फाइनेंशियल सर्विसेज के क्षेत्र में पहली बार कदम रखा था. शुरुआत में, इस ऐप के जरिए यूजर्स सोने और फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश कर सकते थे, और अब इसका विस्तार म्यूचूअल फ़ंड और हाल ही में, लोन तक हो गया है. इन सुविधाओं को देने के लिए कंपनी ने Augmont, ICICI Prudential Mutual Fund और Incred Finance जैसी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप की है.
स्टॉक ब्रोकिंग इंडस्ट्री में क्यों बढ़ी दिलचस्पी
Dream11 की एंट्री ऐसे समय में हुई है, जब फिनटेक और कंज्यूमर इंटरनेट कंपनियों की एक नई लहर भारत के स्टॉक ब्रोकिंग मार्केट में कदम रख रही है. MobiKwik जैसे खिलाड़ी, जिन्हें ब्रोकिंग शुरू करने के लिए रेगुलेटरी मंजूरी मिल चुकी है, और साथ ही Flipkart-समर्थित Super.money और Kunal Shah के नेतृत्व वाली CRED जैसी कंपनियां, निवेश से जुड़ी नई सुविधाएं लाने पर विचार कर रही हैं या उन्हें तैयार कर रही हैं.
यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है, जब यह मार्केट पहले से ही काफी भीड़भाड़ वाला और प्रतिस्पर्धी है, जिस पर Groww, Zerodha और Angel One जैसी डिजिटल-फर्स्ट कंपनियों का दबदबा है.
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