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भारत की इकोनॉमी का दिखा दम, Fitch ने BBB रेटिंग रखी बरकरार, GDP ग्रोथ 6.5% रहने का अनुमान

ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच ने भारत की सॉवरेन रेटिंग को बीबीबी पर कायम रखा है. साथ ही जीडीपी ग्रोथ का अनुमान भी जारी किया है. इस दौरान एजेंसी ने GST रिफॉर्म्‍स को देश के ग्रोथ के लिए बेहतर कदम माना, हालांकि ट्रंप टैरिफ से जुड़े रिस्‍क के बारे में भी बताया.

भारत की इकोनॉमी पर फिच की रेटिंग Image Credit: money9

Fitch Ratings on Indian economy: ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच ने भारत की दमदार इकोनॉमी को देखते हुए सोमवार को भारत की सॉवरेन रेटिंग को ‘BBB’ पर कायम रखा, साथ ही स्टेबल आउटलुक का ऐलान किया है. एजेंसी का कहना है कि भारत की शानदार ग्रोथ रिकॉर्ड और बेहतर होती फिस्कल क्रेडिबिलिटी स्ट्रक्चरल मेट्रिक्स में सुधार लाएगी. इससे भारत के लिए वैश्विक निवेशकों का भी भरोसा बढ़ेगा.

पिछले दो साल में ग्रोथ का मोमेंटम भले ही थोड़ा कम हुआ हो, लेकिन इसके बावजूद भारत की इकोनॉमिक आउटलुक पीयर्स यानी कॉम्पिटीटर के मुकाबले मजबूत बनी हुई है. इसी को ध्‍यान में रखते हुए फिच ने FY26 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 6.5% रखा है, जो FY25 जितना ही है और ‘BBB’ के बीच 2.5% से कहीं ज्यादा है.

डोमेस्टिक डिमांड रहेगी मजबूत

फिच के अनुसार डोमेस्टिक डिमांड मजबूत बनी रहेगी, क्‍योंकि पब्लिक कैपेक्स ड्राइव और प्राइवेट कंजम्प्शन के दम पर इसके सही से चलने की उम्‍मीद है. हालांकि US टैरिफ रिस्क्स के चलते प्राइवेट इनवेस्टमेंट मॉडरेट रहने की संभावना है. एजेंसी ने नॉमिनल GDP ग्रोथ में स्लोडाउन का जिक्र किया, जो FY26 में 9.0% रहने का अनुमान है, ये FY25 के 9.8% और FY24 के 12.0% से कम है. हालांकि इन वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत निवेशकों को आकर्षित कर रहा है.

टैरिफ रिस्‍क पर दी चेतावनी

फिच ने टैरिफ से जुड़े खतरों पर चेतावनी दी है. चूंकि US एक्सपोर्ट्स GDP का सिर्फ 2% हैं, इसलिए डायरेक्ट इंपैक्ट मॉडेस्ट होगा, लेकिन टैरिफ अनिश्चितता से बिजनेस सेंटिमेंट और इनवेस्‍टमेंट प्रभावित हो सकता है. चूंकि ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन 27 अगस्त तक भारत पर 50% हेडलाइन टैरिफ लगाने की योजना बना रहा है. अगर US टैरिफ, एशियन कॉम्‍पिटीटरों से ज्यादा रहते हैं, तो भारत को चाइना से सप्लाई चेन शिफ्ट्स का फायदा कम मिलेगा. लेकिन, अच्छी खबर यह है कि प्रस्तावित GST रिफॉर्म्स कंजम्प्शन को सपोर्ट करेंगे और इन ग्रोथ रिस्क्स को कम करने में मदद करेंगे.

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GST रिफॉर्म्स से मिलेगा बूस्‍ट

फिच ने GST रिफॉर्म्स की सराहना की. एजेंसी के मुताबिक इसके लागू होने पर कंजम्प्शन को बूस्ट मिलेगा. बता दें केंद्र सरकार ने GST रेट रेशनलाइजेशन के लिए ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स को 2-टियर स्ट्रक्चर का प्रस्ताव दिया है: जिसमें मेरिट’ गुड्स के लिए 5%, स्टैंडर्ड के लिए 18% और 5-7 गुड्स के लिए 40% रहने का प्रस्‍ताव है. यह मौजूदा 12% और 28% स्लैब्स को खत्म कर देगा.