होर्मुज से सबसे पहले इन 10 जगहों पर आती है गैस, खाड़ी देशों से घर तक का ऐसे होता है सफर; जानें पूरी सप्लाई चेन
भारत अपनी एनर्जी जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर LPG का आयात करता है, जिसमें खाड़ी देशों की अहम भूमिका होती है. यह तेल और गैस सबसे पहले मुंद्रा, कांडला, वाडिनार जैसे प्रमुख पोर्ट्स पर पहुंचते हैं और फिर पाइपलाइन्स, रेल और रोड के जरिए देशभर में सप्लाई किए जाते हैं. स्ट्रेट ऑफ होरमुज से गुजरने वाला यह रूट भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. जामनगर और लोनी जैसे केंद्र इस सप्लाई चेन के प्रमुख हिस्से हैं.
India LPG Supply Chain: भारत अपनी एनर्जी जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, खासकर LPG और कच्चे तेल. देश की कुल LPG जरूरत का लगभग 90 फीसदी हिस्सा खाड़ी देशों, जैसे यूएई, कतर और सऊदी अरब से आयात किया जाता है. ऐसे में यह सवाल अहम हो जाता है कि जब यह गैस भारत पहुंचती है, तो सबसे पहले किस शहर या पोर्ट पर उतरती है और वहां से देशभर में कैसे पहुंचती है. तो चलिए आपको बताते हैं.
सबसे पहले इन पोर्ट्स पर पहुंचती है गैस
विदेश से आने वाले LPG के जहाज सबसे पहले भारत के बड़े समुद्री पोर्ट्स पर पहुंचते हैं. इनमें सबसे अहम हैं गुजरात के मुंद्रा, कांडला, वाडिनार और पिपावाव. ये पोर्ट्स इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये पश्चिमी तट (वेस्ट कोस्ट) पर स्थित हैं और खाड़ी देशों से आने वाले जहाजों के लिए सबसे नजदीक पड़ते हैं. इसके अलावा मुंबई और जेएन पोर्ट भी बड़े एंट्री पॉइंट हैं. दक्षिण भारत में न्यू मैंगलोर और कोच्चि पोर्ट्स पर भी तेल और गैस उतरते हैं, जबकि पूर्वी तट पर विशाखापत्तनम, पारादीप और हल्दिया जैसे पोर्ट्स का उपयोग किया जाता है.
कैसे पहुंचती है भारत तक गैस
खाड़ी देशों से निकलने वाले जहाज सबसे पहले स्ट्रेट ऑफ होरमुज से गुजरते हैं, जो दुनिया का एक बेहद महत्वपूर्ण एनर्जी मार्ग है. इसके बाद ये जहाज अरब सागर होते हुए हिंद महासागर के रास्ते भारत के पश्चिमी तट तक पहुंचते हैं. इस पूरे रूट पर भारत की भारी निर्भरता है, जिससे जियोपॉलिटिकल टेंशन या शिपिंग डिले का सीधा असर सप्लाई पर पड़ सकता है.
पोर्ट पर उतरने के बाद क्या होता है
जब तेल या LPG भारत के पोर्ट्स पर पहुंचता है, तो उसे सबसे पहले बड़े स्टोरेज टैंक्स में उतारा जाता है. इसके बाद इसे पाइपलाइन्स, रेल या रोड के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाता है. गुजरात के जामनगर (रिफाइनरीज) और उत्तर प्रदेश के लोनी (बॉटलिंग प्लांट्स) जैसे केंद्र इस सप्लाई चेन के अहम हिस्से हैं. यहां तेल को रिफाइन किया जाता है और LPG को सिलेंडर में भरकर घरों तक पहुंचाया जाता है.
घर तक कैसे पहुंचती है गैस
पोर्ट से निकलने के बाद LPG सिलेंडर बॉटलिंग प्लांट्स में तैयार होते हैं और फिर ट्रकों के जरिए डिस्ट्रीब्यूटर्स तक पहुंचते हैं. वहीं PNG के मामले में गैस को नेशनल गैस ग्रिड के जरिए सीधे शहरों और घरों तक पाइपलाइन्स से पहुंचाया जाता है.
क्यों अहम हैं ये एंट्री पॉइंट्स
भारत की एनर्जी सिक्योरिटी इन पोर्ट्स पर काफी हद तक निर्भर करती है. अगर किसी वजह से इन रूट्स या पोर्ट्स पर बाधा आती है, तो पूरे देश में तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है. यही कारण है कि सरकार लगातार नए पोर्ट्स, पाइपलाइन्स और स्टोरेज कैपेसिटी को मजबूत करने पर जोर दे रही है.
यह भी पढ़ें: 3 महीने में 432% तक चढ़े 5 स्टॉक्स, 2 बने मल्टीबैगर; भाव ₹20 से कम, जानें कौन है असली रिटर्न किंग?
Latest Stories
WITT Summit 2026: दिल्ली में सजेगा बड़ा मंच, पॉलिसी से बिजनेस तक बड़े मुद्दों पर होगा मंथन; PM मोदी करेंगे संबोधित
IDBI Bank में हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में सरकार, OFS के जरिए बढ़ेगा पब्लिक शेयरहोल्डिंग
सोने की चमक और पड़ेगी फीकी, 1983 के बाद सबसे खराब हफ्ता; जियो पॉलिटिकल टेंशन के बीच लगातार गिरावट
