Blinkit की फूड क्वालिटी पर फिर सवाल! दही खाने से ग्राहक बीमार, पहुंचा अस्पताल; FSSAI ने भेजा नोटिस
क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Blinkit एक बार फिर विवादों में घिर गया है. आरोप है कि Blinkit से मंगाया गया दही खाने के बाद एक ग्राहक की तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल जाना पड़ा. शिकायत मिलने के बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब और विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

अगर आप भी फटाफट ग्रॉसरी डिलीवरी के लिए क्विक कॉमर्स ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ा अलर्ट है. ब्लिंकिट से मंगाया गया दही खाने के बाद एक ग्राहक की तबीयत इतनी बिगड़ गई कि उसे अस्पताल भागना पड़ा. इस गंभीर मामले पर देश की सबसे बड़ी फूड रेगुलेटर संस्था FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) ने कड़ा रुख अपनाया है. FSSAI ने ब्लिंकिट को नोटिस भेजकर इस पर तुरंत सफाई और पूरी रिपोर्ट मांगी है.
दही खाते ही पेट में उठा भयंकर दर्द
बिजनेस स्टैंडर्ड ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट किया है कि एक ग्राहक ने ब्लिंकिट ऐप से दही ऑर्डर किया था. आरोप है कि इस दही को खाने के कुछ ही देर बाद उसके पेट में तेज दर्द शुरू हो गया और उल्टी-दस्त की शिकायत हो गई.
हालत इतनी खराब हो गई कि उसे डॉक्टर के पास जाना पड़ा. पीड़ित ग्राहक ने अपनी मेडिकल पर्ची के साथ FSSAI में लिखित शिकायत दर्ज कराई. इस पर एक्शन लेते हुए FSSAI ने 29 मई को ब्लिंकिट (Blink Commerce Pvt Ltd) के सीईओ और ऑपरेशंस प्रभारी को पत्र लिखकर जवाब तलब किया है.
लगातार मिल रही हैं शिकायतें
यह कोई पहला मामला नहीं है जब ब्लिंकिट ऐप के जरिए डिलीवर हो रहे सामान पर सवाल उठे हों. FSSAI को पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि ब्लिंकिट के जरिए लोगों को गंदा, सड़ा हुआ या एक्सपायर्ड खाना डिलीवर किया जा रहा है.
इसी महीने की शुरुआत में, सोशल मीडिया पर ग्राहकों के गुस्से को देखते हुए FSSAI ने ब्लिंकिट पर खराब क्वालिटी के अंडे बेचने के आरोपों पर भी जवाब मांगा था.
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कानूनन जिम्मेदारी से बच नहीं सकती कंपनियां
फूड सेफ्टी कानून के तहत, इंटरनेट के जरिए खाना या ग्रॉसरी बेचने वाली (E-commerce FBOs) कंपनियों की यह सीधी जिम्मेदारी है कि वे ग्राहकों तक सुरक्षित और साफ-सुथरा सामान ही पहुंचाएं. वे अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकतीं.
सिर्फ ब्लिंकिट ही नहीं, FSSAI ने हाल ही में रेलवे की आईआरसीटीसी (IRCTC) को भी एक सोशल मीडिया वीडियो के आधार पर नोटिस भेजा है, जिसमें ट्रेन के टॉयलेट के अंदर बर्तन धोए जा रहे थे.