4 दिन की रैली पर लगा ब्रेक! सोने की कीमत में आई ₹1700 की गिरावट, ऑल टाइम हाई से चांदी भी फिसली

लगातार चार दिन की रिकॉर्ड तेजी के बाद सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है. दिल्ली में सोना 1,700 रुपये टूटकर 1,35,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी भी 1,000 रुपये सस्ती हुई. कमजोर वैश्विक संकेत और मुनाफावसूली से बुलियन बाजार में दबाव देखने को मिला.

सोने-चांदी का भाव Image Credit: @Canva/Money9live

Gold and Silver Price Today: चार दिनों तक लगातार रिकॉर्ड बनाने के बाद मंगलवार, 16 दिसंबर को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के मुताबिक, मुनाफावसूली और कमजोर ग्लोबल संकेतों के चलते राजधानी दिल्ली में सोना 1,700 रुपये सस्ता होकर 1,35,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. इससे पहले सोमवार, 15 दिसंबर को 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 1,37,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था. बीते चार दिनों में सोने की कीमतों में कुल मिलाकर करीब 6,000 रुपये की तेजी देखने को मिली थी, जिसके बाद निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया.

ग्लोबल मार्केट से बढ़ा दबाव

कमोडिटी और करेंसी मार्केट के जानकारों के मुताबिक, ग्लोबल मार्केट में कमजोरी का असर घरेलू कीमतों पर भी पड़ा. LKP Securities के वीपी (रिसर्च) जतीन त्रिवेदी ने बताया कि सोने में मुनाफावसूली देखी गई और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें 4,275 डॉलर प्रति औंस के आसपास फिसलने से दबाव बना रहा. वहीं HDFC Securities के रिसर्च एनालिस्ट दिलीप परमार ने कहा कि घरेलू बाजार में भी सोने की कीमतें नरम हुईं, जिससे चार दिन की तेजी थम गई. हालांकि, भारतीय रुपये की लगातार कमजोरी के कारण गिरावट का असर कुछ हद तक सीमित रहा. रुपये ने हाल ही में डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तरों को छुआ है.

चांदी भी हुई सस्ती

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई. स्थानीय सर्राफा बाजार में चांदी 1,000 रुपये टूटकर 1,98,500 रुपये प्रति किलो (सभी टैक्स समेत) पर आ गई. इससे पहले चांदी 1,99,500 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी, जो इसका अब तक का सबसे ऊंचा स्तर था.

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ज्वेलरी डिमांड कमजोर, निवेशकों की रुचि बरकरार

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अशुभ काल की शुरुआत के चलते डोमेस्टिक ज्वेलरी की मांग कमजोर रह सकती है. हालांकि, मौजूदा अनिश्चित वैश्विक माहौल और जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के कारण निवेश के रूप में सोने की मांग मजबूत बनी रह सकती है. विदेशी बाजारों में भी सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली. स्पॉट गोल्ड पांच दिन की लगातार तेजी के बाद 27.80 डॉलर यानी 0.65 फीसदी गिरकर 4,277.42 डॉलर प्रति औंस पर आ गया.

दिलीप परमार के अनुसार, निवेशक इस हफ्ते आने वाले अमेरिका के अहम आर्थिक आंकड़ों से पहले सतर्क रुख अपनाए हुए हैं. ये आंकड़े यह संकेत दे सकते हैं कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आगे ब्याज दरों में कटौती करेगा या नहीं, जो सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों के लिए बेहद अहम होता है.

चांदी की वैश्विक कीमतों में भी गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर भी कमजोर रहा और 1.07 डॉलर यानी 1.67 फीसदी गिरकर 63.02 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट प्रवीण सिंह के मुताबिक, निवेशक फिलहाल सतर्क हैं क्योंकि अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल (NFP) डेटा का इंतजार किया जा रहा है. यह आंकड़ा अक्टूबर और नवंबर दोनों महीनों की रोजगार स्थिति को दिखाएगा, जिससे आगे बाजार की दिशा तय हो सकती है.

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