₹640 की तेजी के साथ ₹1,38,340 पर पहुंचा सोना, चांदी ₹1,600 टूटी, नए साल में बुलियन बाजार का बदला मिजाज
नए साल की शुरुआत में बुलियन बाजार की चाल ने निवेशकों का ध्यान खींचा है. घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संकेत अलग-अलग दिशा दिखा रहे हैं, जबकि पिछले साल का मजबूत प्रदर्शन अभी भी बाजार की धारणा को प्रभावित कर रहा है. आगे की राह वैश्विक फैक्टर्स पर निर्भर करेगी.
Gold and Silver Rally: नए साल की शुरुआत के साथ ही घरेलू सर्राफा बाजार में सोने ने मजबूती दिखाई है. गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने की कीमतों में अच्छी तेजी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और ज्वेलरी कारोबारियों के बीच फिर से हलचल दिखी. हालांकि, चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट बनी रही. बीते साल दोनों कीमती धातुओं ने जबरदस्त रिटर्न दिया था, और अब 2026 को लेकर भी बाजार की नजरें वैश्विक संकेतों पर टिकी हुई हैं.
दिल्ली में सोने की कीमत में उछाल
All India Sarafa Association के अनुसार, गुरुवार को दिल्ली में सोने का भाव Rs 640 बढ़कर Rs 1,38,340 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. इससे पहले बुधवार को 99.9% शुद्धता वाला सोना Rs 1,37,700 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. नए साल के पहले कारोबारी दिन सोने में आई यह तेजी घरेलू मांग और सुरक्षित निवेश की धारणा को दर्शाती है.
जहां सोना मजबूत हुआ, वहीं चांदी की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली. चांदी Rs 1,600 टूटकर Rs 2,37,400 प्रति किलो (सभी टैक्स सहित) पर आ गई. इससे पहले चांदी Rs 2,39,000 प्रति किलो के स्तर पर बंद हुई थी. यह लगातार दूसरा दिन है जब चांदी में गिरावट दर्ज की गई है.
2025 में शानदार रहा प्रदर्शन
पिछला साल यानी 2025 सोने और चांदी दोनों के लिए ऐतिहासिक रहा. सोने ने करीब 73.45% का मजबूत रिटर्न दिया, जबकि चांदी ने सोने को भी पीछे छोड़ते हुए लगभग 164% की जबरदस्त तेजी दिखाई. यही वजह है कि निवेशकों के बीच बुलियन को लेकर उत्साह बना हुआ है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुख
अंतरराष्ट्रीय बाजार में हालांकि सोने पर दबाव देखने को मिला. स्पॉट गोल्ड बुधवार को USD 28 या 0.65% गिरकर USD 4,310.89 प्रति औंस पर बंद हुआ. Mirae Asset ShareKhan के कमोडिटी हेड प्रवीण सिंह के मुताबिक, साल 2025 के आखिरी कारोबारी दिन अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी के कारण सोने की कीमतों में गिरावट आई. उनका कहना है कि शॉर्ट टर्म में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना सीमित दायरे में रह सकता है.
2026 के लिए क्या हैं संकेत
Mehta Equities के कमोडिटी वाइस प्रेसिडेंट राहुल कलंत्री का मानना है कि 2026 में सोने और चांदी की चाल कई बड़े फैक्टर्स पर निर्भर करेगी. इनमें अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, डॉलर की मजबूती या कमजोरी, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और ETF में निवेश शामिल हैं.
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इसके अलावा, भू-राजनीतिक तनाव या वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता के दौर में सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बढ़ सकती है. बाजार विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि चीन द्वारा चांदी के निर्यात पर लगाए गए नए प्रतिबंध वैश्विक सप्लाई को प्रभावित कर सकते हैं, जिसका असर आने वाले समय में बुलियन कीमतों पर दिख सकता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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