Gold Rate Prediction 2026: वेंचुरा का बुलिश व्यू, अभी ताबड़तोड़ बढ़ेगा दाम, जानें कहां तक जाएगी अगली रैली
2026 में सोना कहां जाएगा? इस सवाल का जवाब हर कोई चाहता है. पिछले दिनों तमाम ब्रोकरेज और रिसर्च फर्म की तरफ से अलग-अलग अनुमान व्यक्त किए गए हैं. मोटे तौर पर ज्यादातर रिसर्च और ब्रोकरेज रिपोर्ट में एक कॉमन फैक्टर गोल्ड को लेकर बुलिश व्यू है.
गोल्ड मार्केट में फिर तेजी की आहट है. वेंचुरा की ताजा रिपोर्ट संकेत देती है कि 2026 सोने के लिए अभूतपूर्व रैली वाला साल साबित हो सकता है. वैश्विक केंद्रीय बैंकों की खरीद, COMEX इन्वेंट्री में कमी और फेड के संभावित रेट कट्स का मिलाजुला असर सोने को मौजूदा लेवल से काफी ऊपर धकेल सकता है.
वेंचुरा की रिपोर्ट के मुताबिक 2026 सोने की कीमतों के लिए ऐतिहासिक हो सकता है, क्योंकि दुनियाभर के केंद्रीय बैंक सोने को दूसरे सबसे बड़े रिजर्व एसेट के रूप में तेजी से जोड़ रहे हैं. यह स्ट्रक्चरल डिमांड कीमतों को पैराबोलिक दिशा में ले जा सकती है, जिससे रिटेल और संस्थागत दोनों निवेशकों की भागीदारी और बढ़ने की उम्मीद है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह रुझान 2026 में सोने को 4,600 से 4,800 डॉलर प्रति आउंस की रेंज तक पहुंचा सकता है.
कंसोलिडेशन के बाद नया ब्रेकआउट
सोना पिछले नौ क्वार्टर से गोल्ड प्राइस नई ऊंचाइयां छू रहा है. यह 10 साल लंबी बुल-साइकल की मजबूती दिखाता है. अक्टूबर 2025 में गोल्ड 4,398 डॉलर प्रति आउंस के हाई पर पहुंचा. इसके बाद 11% की गिरावट के साथ 3,891 डॉलर तक फिसला, लेकिन दिसंबर में तेजी से रीकवर होकर 4,299 डॉलर प्रति आउंस पर लौट आया. यह कंसोलिडेशन बताता है कि बुल्स अभी भी पूरी तरह सक्रिय हैं और डिप्स पर मजबूत खरीद देखने को मिल रही है.
फेड कट की उम्मीद से रैली
दिसंबर 9–10 की संभावित फेड मीटिंग में रेट कट की उम्मीद ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में गोल्ड को तगड़ी सपोर्ट दी है. निवेशक मान रहे हैं कि अमेरिका में घटती महंगाई और कमजोर श्रम आंकड़े फेड को ढील देने की ओर धकेलेंगे. यही वजह है कि डॉलर इंडेक्स दबाव में है और यील्ड्स में तेजी के बावजूद गोल्ड में लॉन्ग पोजिशन मजबूत बनी हुई है. रिपोर्ट के अनुसार, 75 बेस पॉइंट तक के संभावित कट बाजार की रैली को पावर दे सकते हैं.
COMEX इन्वेंट्री 20% नीचे
रिपोर्ट बताती है कि COMEX इन्वेंट्री अपने पीक से करीब 20% नीचे है, जो फिजिकल गोल्ड की उपलब्धता में कमी का संकेत है. इसी के साथ ग्लोबल गोल्ड ETF होल्डिंग्स तीन साल के हाई पर पहुंच चुकी हैं. ETF मार्केट का साइज अमेरिकी ट्रेजरी मार्केट से लगभग 70 गुना छोटा है, इसलिए इसमें हल्की भी फ्लो इन्टेंस रैली ट्रिगर कर सकती है.
भारत में सोना 15% महंगा
भारत में घरेलू सोने की कीमतें दुबई की तुलना में करीब 15% ज्यादा हैं. रिपोर्ट कहती है कि इंपोर्ट ड्यूटी और कमजोर रुपये के चलते यह प्रीमियम बना हुआ है. इसका सीधा असर क्रॉस-बॉर्डर बुलियन फ्लो पर पड़ रहा है और फिजिकल डिमांड के पैटर्न को बदल रहा है. यह प्राइस ट्रेंड भारत के रिटेल निवेशकों के लिए भी अहम है.
क्या है टेक्निकल व्यू?
टेक्निकली 4200–4056 डॉलर पर मजबूत सपोर्ट है. इसके बाद 4300 डॉलर के पार उछाल तेजी से बढ़ सकती है. शॉर्ट टर्म में गोल्ड का सपोर्ट 4,200 से 4,190 डॉलर के बीच है. इसके बाद 4,160 से 4,114 डॉलर पर भी मजबूत सपोर्ट है. वहीं, रेजिस्टेंस 4,255 से 4,265 पर है. इसके बाद 4,300 का स्तर पार करने के बाद नई रैली शुरू हो सकती है, जो 4,381 से 4,441 की ओर बढ़ेगी.
क्या है रिस्क फैक्टर?
रिपोर्ट यह भी साफ चेतावनी देती है कि लगातार तेजी के बीच समय-समय पर शार्प करेक्शन आ सकते हैं. अगर Fed अपेक्षा से कम कट करता है या वैश्विक तनाव कम पड़ता है, तो मुनाफा-वसूली तेज हो सकती है.
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