एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के खाली हैं 1279 पद, एविएशन सेफ्टी में अहम रोल निभाते हैं ATC कर्मचारी
सिविल एविएशन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लोकसभा में बताया, 'एयर ट्रैफिक को एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (AAI) मैनेज करता है. इसके पास कुल 5,537 एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (ATCO) के पद हैं. पिछले कुछ समय में हुए विमान हादसों की वजह से एविएशन सेफ्टी पर कई तरह के सवाल उठे हैं.
सरकार ने गुरुवार को बताया कि एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के लिए मंजूर 5,537 पदों में से कुल 1,279 पद खाली हैं. एयर ट्रैफिक को सरकारी एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) मैनेज करता है, जो देश में अकेला एयर नेविगेशन सर्विस प्रोवाइडर (ANSP) भी है. सिविल एविएशन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लोकसभा में बताया, ‘एयर ट्रैफिक को एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (AAI) मैनेज करता है. इसके पास कुल 5,537 एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (ATCO) के पद हैं. ATCO की कुल खाली जगहें 1,279 हैं.’
कैसे होती है तैनाती?
मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में अब तक, देश के सात ऑपरेशनल ट्रेनिंग सेंटर्स पर 4,320 ATC कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है. मंत्री ने कहा कि ATCOs की तैनाती AAI द्वारा डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन – सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) ऑन वॉच ड्यूटी टाइम लिमिटेशन्स (WDTL) के आधार पर की जाती है, जो इंटरनेशनल नॉर्म्स के अनुसार और एयरपोर्ट्स पर एयर ट्रैफिक वॉल्यूम के अनुसार भी है, ताकि सुरक्षित और कुशल एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट सुनिश्चित किया जा सके.
ऑपरेशनल यूनिट नहीं हुई हैं बंद
मोहोल ने एक लिखित जवाब में कहा, ‘मौजूदा नियमों और स्टैंडर्ड के हिसाब से मौजूद मैनपावर का सबसे अच्छा इस्तेमाल करके एविएशन सेफ्टी बनाए रखी जाती है. मैनपावर की कमी की वजह से कोई भी जरूरी ऑपरेशनल यूनिट बंद नहीं हुई है.’ भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते सिविल एविएशन मार्केट में से एक है.
सेफ्टी ऑडिट में एयरक्राफ्ट्स में समाने आई समस्या
पिछले कुछ समय में हुए विमान हादसों की वजह से एविएशन सेफ्टी पर कई तरह के सवाल उठे हैं. पिछले हफ्ते सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने लोकसभा में बताया था कि भारत के एविएशन रेगुलेटर ने पिछले साल जनवरी से 3 फरवरी के बीच सेफ्टी ऑडिट के दौरान जिन 754 एयरक्राफ्ट का एनालिसिस किया, उनमें से आधे यानी 377 में ‘बार-बार होने वाले डिफेक्ट’ पाए गए थे.
इन्हें मिनिमम इक्विपमेंट लिस्ट (MEL) में रिपोर्ट किया जाता है और एयरक्राफ्ट को इनके साथ ऑपरेट करने की इजाजत होती है. एयरलाइंस के पास क्रिटिकैलिटी के आधार पर, बाद के दिनों में इन कमियों को ठीक करने का समय होता है.
किस एयरलाइन के कितने प्लेन?
मंत्रालय ने कहा कि एयरलाइंस ने 2025 के दौरान 353 तकनीकी खराबी की रिपोर्ट की, जो 2023 में 448 से कम है. मंत्रालय ने सालवार डेटा शेयर करते हुए कहा, ‘पिछले तीन साल में, फ्लाइट्स में रिपोर्ट की गई तकनीकी खराबी में कमी आई है.’
एयरलाइन के हिसाब से डेटा के हिसाब से इंडिगो लिस्ट में सबसे ऊपर है, जिसके 148 एयरक्राफ्ट में बार-बार खराबी की पहचान की गई है. इसके बाद एयर इंडिया के 137, एयर इंडिया एक्सप्रेस के 54, स्पाइसजेट के 16, अकासा एयर के 14 और अलायंस एयर के आठ एयरक्राफ्ट हैं.
