फ्रांस से 114 राफेल खरीदने का रास्ता साफ, DAC ने 3.25 लाख करोड़ की डील पर लगाई मुहर, IAF की बढ़ेगी ताकत

यह मंजूरी एक दिन पहले वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ, एयर मार्शल नागेश कपूर की उस बात के बाद मिली है, जिसमें उन्होंने राफेल फाइटर जेट को ऑपरेशन सिंदूर का 'हीरो' बताया था. IAF के साथ पहले से ही ऑपरेशनल, राफेल भारत की हवाई लड़ाई की क्षमता का एक अहम हिस्सा बनकर उभरा है.

बड़ी डिफेंस डील. Image Credit: Money9live

डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने गुरुवार को इंडियन एयर फोर्स के लिए 114 राफेल फाइटर जेट और इंडियन नेवी के लिए छह P-8I मैरीटाइम सर्विलांस एयरक्राफ्ट खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. डिफेंस खरीद की सबसे बड़ी संस्था की मीटिंग की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की. ये मंजूरी ऐसे समय में मिली है जब इंडियन एयर फोर्स की स्क्वाड्रन की संख्या घटकर 29 रह गई है, जो इसकी मंजूर 42 स्क्वाड्रन की संख्या से काफी कम है – जो दशकों में सबसे कम है.

ऑपरेशन सिंदूर का ‘हीरो’ था राफेल

राफेल के अलावा, DAC ने SCALP क्रूज मिसाइलों, और अतिरिक्त P-8I समुद्री पेट्रोल एयरक्राफ्ट खरीदने को भी मंजूरी दी है. यह मंजूरी एक दिन पहले वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ, एयर मार्शल नागेश कपूर की उस बात के बाद मिली है, जिसमें उन्होंने राफेल फाइटर जेट को ऑपरेशन सिंदूर का ‘हीरो’ बताया था. उन्होंने इशारा किया कि इंडियन एयर फोर्स (IAF) अतिरिक्त मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) शामिल करने की इच्छुक है, जिसमें राफेल भी विचाराधीन ऑप्शन में से एक है.

क्या है मंजूर फ्रेमर्क?

मंजूर फ्रेमवर्क के तहत, भारत 114 राफेल एयरक्राफ्ट खरीदेगा, जिसमें से 18 जेट उड़ने के लिए तैयार हालत में डिलीवर किए जाएंगे और बाकी देश में ही बनाए जाएंगे. मेक इन इंडिया पहल के तहत फ्लीट के लगभग 90 एयरक्राफ्ट भारत में बनने की उम्मीद है. इस एग्रीमेंट से भारत के राफेल फ्लीट में 176 एयरक्राफ्ट हो जाएंगे, जिसमें इंडियन एयर फोर्स के पास पहले से सर्विस में मौजूद 36 राफेल और नेवी द्वारा कैरियर ऑपरेशन के लिए ऑर्डर किए गए 26 राफेल-M जेट शामिल हैं.

एयरफोर्स की बढ़ेगी ताकत?

इस डील से भारत की फाइटर कैपेबिलिटी में काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, ऐसे समय में जब IAF के पास लगभग 30 स्क्वाड्रन हैं, जो उसकी ऑथराइज्ड 42 की स्ट्रेंथ से काफी कम है और वेस्टर्न और नॉर्दर्न दोनों फ्रंट पर चल रही सिक्योरिटी चैलेंजेस हैं.

इस प्रोग्राम के तहत IAF 88 सिंगल-सीट और 26 ट्विन-सीट वेरिएंट शामिल करने वाला है. लोकल प्रोडक्शन फ्रेंच एयरोस्पेस की बड़ी कंपनी डसॉल्ट एविएशन और भारतीय प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों के बीच मिलकर काम करके किया जाएगा, जिससे घरेलू डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को काफी बढ़ावा मिलेगा.

IAF के साथ पहले से ही ऑपरेशनल, राफेल भारत की हवाई लड़ाई की क्षमता का एक अहम हिस्सा बनकर उभरा है. इसके एडवांस्ड सेंसर और लंबी दूरी की स्ट्राइक प्रोफाइल, जिसमें मीटियोर बियॉन्ड-विजुअल-रेंज मिसाइल और SCALP क्रूज मिसाइल जैसे हथियार शामिल हैं, ने इस एयरक्राफ्ट को एक अहम फोर्स मल्टीप्लायर के तौर पर जगह दी है.

राफेल प्रोग्राम प्राइसिंग

AoN के लागू होने के बाद, राफेल प्रोग्राम प्राइसिंग, डिलीवरी शेड्यूल, इंडस्ट्रियल पार्टनरशिप और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को कवर करने वाली डिटेल्ड बातचीत में आगे बढ़ेगा. अधिकारियों ने बताया कि फॉर्मल कॉन्ट्रैक्ट साइन होने से पहले आने वाले महीनों में डील की आखिरी रूपरेखा सामने आने की उम्मीद है.

यह फैसला भारत-फ्रांस डिफेंस कोऑपरेशन को भी मजबूत करता है, जो हाल के सालों में लगातार बढ़ा है और नई दिल्ली के बड़े स्ट्रेटेजिक और मिलिट्री जुड़ाव का आधार बना हुआ है.

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