UP में मेंथा ऑयल इंडस्ट्री पर ट्रंप टैरिफ का असर, 400 करोड़ का कारोबार अधर में; खतरे में 10 लाख से ज्यादा किसानों की रोजी-रोटी
उत्तर प्रदेश के रामपुर में मेंथा तेल उद्योग को भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है. ट्रंप की 25 फीसदी एक्सट्रा टैरिफ 27 अगस्त, 2025 से लागू हो गया है. इससे पहले, 7 अगस्त को भारत और लगभग 70 अन्य देशों पर 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाया गया था. अब कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया है. अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने कहा कि यह टैरिफ 27 अगस्त की सुबह 12:01 बजे से लागू हो गया है.

Trump Tariff: उत्तर प्रदेश के रामपुर में मेंथा तेल उद्योग को भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है. अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले सामान पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है. जिससे इस उद्योग को करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है. यह टैरिफ किसानों और मजदूरों की आजीविका के लिए खतरा बन रहा है. ट्रंप की 25 फीसदी एक्सट्रा टैरिफ 27 अगस्त, 2025 से लागू हो गया है. इससे पहले, 7 अगस्त को भारत और लगभग 70 अन्य देशों पर 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाया गया था. अब कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया है. अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने कहा कि यह टैरिफ 27 अगस्त की सुबह 12:01 बजे से लागू हो गया है.
400 करोड़ से अधिक का नुकसान
मेंथा तेल से कई तरह के प्रोडक्ट बनता है. इसमें दवाइयां, टूथपेस्ट और सौंदर्य प्रसाधन शामिल है. लेकिन इस टैरिफ की वजह से इस इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है. भारतीय कंपनियां अब अमेरिका के बाजार में चीन और अन्य देशों से मुकाबला नहीं कर पा रही हैं. इस वजह से अकेले रामपुर जिले के मेंथा उद्योग को 400 करोड़ से अधिक का नुकसान होने की आशंका है.
निर्यातक अमृत कपूर ने बताया कि उनके बहुत सारे ऑर्डर रद्द हो गए हैं या रुक गए हैं. उन्होंने कहा, “हमारा एक प्रोडक्ट जो पहले 20 डॉलर में बिकता था, अब 50 प्रतिशत टैरिफ की वजह से उसकी कीमत 30 डॉलर हो गई है. अमेरिका में खरीदार इतना महंगा प्रोडक्ट खरीदने को तैयार नहीं हैं. इसलिए ऑर्डर रुक गए हैं. हमारे कारखानों में सामान बन रहा है, लेकिन हमें नहीं पता कि यह कब बिकेगा.”
करीब 10 लाख किसानों पर पड़ेगा असर
कपूर ने बताया कि इस संकट का असर सिर्फ कारखानों तक सीमित नहीं है. मेंथा तेल उद्योग से करीब 10 लाख किसान जुड़े हैं. अगर यह उद्योग प्रभावित हुआ, तो किसानों को उनकी फसल की सही कीमत नहीं मिलेगी. उन्हें अपनी लागत निकालना भी मुश्किल हो सकता है. इसके अलावा, कारखानों में काम करने वाले मजदूरों की नौकरियां भी खतरे में हैं. कपूर ने कहा, “अगर अमेरिका ने ऐसे ही टैरिफ बढ़ाए और हमारा प्रोडक्शन कम हुआ, तो हमें मजदूरों की संख्या कम करनी पड़ सकती है.”
उद्योग को बचाने की गुहार
रामपुर में इंडियन इंडस्ट्रीज फेडरेशन के अध्यक्ष शिरीष गुप्ता ने कहा कि सरकार को ऐसी योजनाएं बनानी चाहिए ताकि इस उद्योग को बचाया जा सके और लोगों की आजीविका सुरक्षित रहे. गुप्ता को भरोसा है कि यह एक अस्थायी समस्या है और जल्द ही इसका कोई सकारात्मक हल निकलेगा. रामपुर के अलावा, मुरादाबाद में भी निर्यातकों को परेशानी हो रही है. मुरादाबाद को ‘ब्रास सिटी’ के नाम से जाना जाता है. यहां हर साल 8,500 से 9,000 करोड़ रुपये के हस्तशिल्प सामान का निर्यात होता है. इसका 75 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका को जाता है बाकी यूरोप और खाड़ी देशों को.
निर्यातक हाजी इफ्तेखार ने क्या बताया
निर्यातक हाजी इफ्तेखार ने बताया कि 50 प्रतिशत टैरिफ की वजह से निर्यात पूरी तरह रुक गया है. 300 करोड़ रुपये के ऑर्डर रद्द हो चुके हैं और 150 करोड़ रुपये का कारोबार दूसरे देशों को जा रहा है. इफ्तेखार ने कहा कि अगर यही स्थिति रही, तो अमेरिका को होने वाला निर्यात 50 प्रतिशत तक कम हो सकता है. इससे करीब 2 लाख लोग बेरोजगार हो सकते हैं. कई कारखानों ने पहले ही मजदूरों को निकालना शुरू कर दिया है.
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