ट्रंप टैरिफ ने फिर बढ़ाई भारत की मुश्किलें, ईरान के साथ ₹1.52 लाख करोड़ के ट्रेड पर खतरा, जानें क्या खरीदते हैं दोनों देश

भारत और ईरान के बीच व्यापारिक संबंध अब तेल आधारित नहीं रह गए हैं, बल्कि गैर तेल उत्पादों पर फोकस हो गए हैं. वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों का कुल व्यापार लगभग 1.68 बिलियन डॉलर रहा, जिसमें भारत का निर्यात अधिक रहा. भारत से चावल, चाय, चीनी और दवाइयां ईरान भेजी जाती हैं, जबकि ईरान से खजूर और सूखे मेवे आते हैं.

fy 2024-25 में दोनों देशों का कुल व्यापार लगभग 1.68 बिलियन डॉलर रहा. Image Credit: money9live

India Iran Trade: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 13 जनवरी को ऐलान किया कि ईरान के साथ ट्रेड करने वाले देशों पर अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा. इस फैसले का असर भारत समेत दुनिया के कई देशों पर पड़ेगा. हालांकि भारत पर इसका असर ज्यादा हो सकता है, क्योंकि अमेरिका पहले से ही भारत पर करीब 50 फीसदी टैरिफ लागू कर चुका है.

भारत और ईरान के बीच लंबे समय से व्यापारिक संबंध रहे हैं. पहले यह रिश्ता कच्चे तेल पर आधारित था, लेकिन ईरानी तेल पर प्रतिबंध लगने के बाद परिस्थितियां बदल गईं. वैश्विक प्रतिबंधों और भू राजनीतिक कारणों से दोनों देशों के बीच व्यापार का स्वरूप बदला है. अब गैर तेल उत्पादों का व्यापार ज्यादा हो रहा है. वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और ईरान के बीच कुल व्यापार लगभग 1.68 बिलियन डॉलर रहा.

भारत और ईरान के बीच व्यापार

भारत और ईरान के बीच द्विपक्षीय व्यापार में दोनों देश एक दूसरे से समान खरीदते और बेचते हैं. हाल के वर्षों में भारत का निर्यात ईरान को ज्यादा रहा है. वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने ईरान को करीब 1.24 बिलियन डॉलर का सामान निर्यात किया. वहीं ईरान से भारत का आयात लगभग 0.44 बिलियन डॉलर रहा. इस तरह कुल द्विपक्षीय व्यापार 1.68 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया.

वर्षभारत का ईरान को निर्यात (अरब डॉलर में)ईरान से भारत का आयात (अरब डॉलर में)कुल द्विपक्षीय व्यापार (अरब डॉलर में)वृद्धि दर प्रतिशत
2018-193.5113.5317.0323.77
2019-203.381.394.77-72
2020-211.770.332.10-55.85
2021-221.450.461.91-9.1
2022-231.660.672.3321.77
2023-241.220.621.85-20.7
2024-251.240.441.68-8.89
Embassy of India, Tehran

भारत से ईरान जाने वाले प्रमुख उत्पाद

भारत से ईरान को मुख्य रूप से कृषि और उपभोक्ता उत्पाद भेजे जाते हैं. इसमें बासमती चावल एक अहम उत्पाद है. इसके अलावा चाय और चीनी की भी ईरान में अच्छी खासी मांग है. भारतीय दवाइयों की भी वहां मार्केट में मजबूत हिस्सेदारी है. फल और अन्य खाद्य उत्पाद भी भारत के प्रमुख निर्यात आइटम हैं. हाल के वर्षों में भारत का गैर तेल निर्यात लगातार बढ़ा है.

ईरान से भारत आने वाले उत्पाद

ईरान से भारत मुख्य रूप से खजूर और सूखे मेवे आयात करता है. इसमें पिस्ता और बादाम शामिल हैं. इसके अलावा कुछ पेट्रोकेमिकल उत्पाद भी भारत आते हैं. पहले ईरान भारत का बड़ा तेल सप्लायर था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के चलते तेल आयात लगभग बंद हो गया. अब दोनों देशों के बीच व्यापार गैर तेल समान तक सीमित हो गया है.

ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर से बढ़ेगा व्यापार

भारत और ईरान क्षेत्रीय कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर भी मिलकर काम कर रहे हैं. इंटरनेशनल नॉर्थ साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर इसका प्रमुख उदाहरण है. इस मार्ग से भारत से रूस और यूरोप तक माल भेजने का समय और लागत दोनों कम होती है. इसके अलावा अश्गाबात समझौता भी मध्य एशिया के देशों के साथ व्यापार को आसान बनाता है. इन परियोजनाओं से भविष्य में व्यापार बढ़ने की उम्मीद है.

ये भी पढ़ें- ईरान से कारोबार करने वालों पर ट्रंप का बड़ा वार, 25% टैरिफ का ऐलान

व्यापार बढ़ाने की नई कोशिशें

दोनों देश पारंपरिक व्यापार से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं. सर्विस और इंडस्ट्रियल सेक्टर में सहयोग पर भी बातचीत चल रही है. भारत और ईरान चाहते हैं कि व्यापार केवल सीमित उत्पादों तक न रहे. कृषि के साथ साथ फार्मा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी सहयोग बढ़ाया जाए. हालांकि प्रतिबंध और वैश्विक राजनीति अभी भी बड़ी चुनौती बने हुए हैं.

Latest Stories

Gold and Silver Rate Today: सोने-चांदी की कीमतों में दिखा उतार-चढ़ाव, मुनाफावसूली हावी, जानें आज के लेटेस्‍ट रेट

ईरान से कारोबार पड़ेगा भारी, Trump के 25% टैरिफ से हिलेंगे रूस-चीन-खाड़ी देश; क्या बदलेगा ग्लोबल ट्रेड गेम?

ईरान से कारोबार करने वालों पर ट्रंप का बड़ा वार, 25% टैरिफ का ऐलान; चीन और रूस पर सबसे ज्यादा असर

नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 8.8 फीसदी का उछाल, कॉरपोरेट टैक्स 8.63 लाख करोड़ रुपये रहा

क्या है Pax Silica, जो भारत को जल्द दे सकता है परमानेंट मेंबर बनने का न्योता, वैश्विक तकनीकी और सप्लाई चेन में इसके क्या मायने

सोने-चांदी ने फिर बनाया रिकॉर्ड, सिल्वर में आई ₹15000 की तेजी; ₹1.44 लाख के ऊपर निकला गोल्ड