जनवरी में बढ़ी खुदरा महंगाई, 2.75% पर पहुंची, नई CPI सीरीज में खाने की चीजों का वेट घटा; घरेलू खपत पर फोकस

नई सीरीज से पता चलता है कि कीमतें लगातार तीन महीनों से लगातार बढ़ रही हैं, क्योंकि इंडेक्स दिसंबर में 104.10 और नवंबर में 104.01 से बढ़कर जनवरी में 104.46 हो गया. रिवाइज्ड सीरीज के तहत खाने की चीजों की महंगाई बढ़कर 2.13 फीसदी हो गई.

खुदरा महंगाई दर में इजाफा. Image Credit: Getty image

नई जारी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) सीरीज के तहत FY26 जनवरी में भारत की रिटेल महंगाई 2.75 फीसदी रही, जबकि पिछले महीने यह 1.33 फीसदी (पुरानी सीरीज के तहत) थी. यह रिलीज एक दशक से अधिक समय में भारत की रिटेल महंगाई सीरीज में पहला बड़ा बदलाव है, जिसमें बेस ईयर 2012 से 2024 तक अपडेट किया गया है. दिसंबर का हेडलाइन नंबर, जो 2012 बेस ईयर सीरीज में आखिरी था, 1.33 फीसदी था. पिछले साल के आखिर में महंगाई बढ़ने लगी थी, जो पिछली सीरीज के तहत एक महीने पहले के 0.71 फीसदी से दिसंबर में बढ़कर 1.33 फीसदी हो गई थी.

लगातार बढ़ रही हैं कीमतें

नई सीरीज से पता चलता है कि कीमतें लगातार तीन महीनों से लगातार बढ़ रही हैं, क्योंकि इंडेक्स दिसंबर में 104.10 और नवंबर में 104.01 से बढ़कर जनवरी में 104.46 हो गया.

ग्रामीण खपत को दिया गया अधिक वेट

रिवाइज्ड CPI में एक बड़ा बदलाव खाने की चीजों का कम दबदबा है. खाने की चीजों का वेटेज पहली बार 40 फीसदी से नीचे आ गया है, जबकि नॉन-फूड कैटेगरी अब इंडेक्स में 60 फीसदी से ज्यादा हैं, जो पहले लगभग 45 फीसदी था. साथ ही, ग्रामीण खपत को ज्यादा इफेक्टिव वेट दिया गया है, जो कुल डिमांड में इसके बढ़ते योगदान को दिखाता है.

रिवाइज्ड सीरीज के तहत खाने की चीजों की महंगाई बढ़कर 2.13 फीसदी हो गई, हालांकि कम वेटेज के कारण हेडलाइन महंगाई पर इसका कुल असर पिछली सीरीज की तुलना में कम होने की उम्मीद है.

CPI बास्केट में इजाफा

नए CPI बास्केट में भी काफी बढ़ोतरी हुई है, जिसमें पहले के 299 आइटम के मुकाबले 350 से ज्यादा आइटम शामिल हैं, साथ ही अलग-अलग मार्केट में ज्यादा प्राइस कलेक्शन भी हुआ है. नए जोड़े गए आइटम में AirPods जैसे वायरलेस ईयरफ़ोन, पेट फूड, सैनिटाइजर, फिटनेस बैंड और एयर प्यूरीफायर शामिल हैं, ये चीजें शहरीकरण, ज्यादा डिस्पोजेबल इनकम और महामारी के बाद हेल्थ अवेयरनेस से बने बदलते कंजम्पशन पैटर्न को दिखाने के लिए जोड़ी गई हैं.

कैटेगरी वेट बदले गए

कैटेगरी वेटेज भी बदल गए हैं. हाउसिंग, पानी, बिजली, गैस और दूसरे फ्यूल अब इंडेक्स में 17.7 फीसदी हैं, जो पहले 16.9 फीसदी था. हेल्थ सर्विस 5.9 फीसदी से बढ़कर 6.1 फीसदी हो गई हैं, जबकि ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन 8.6 फीसदी से तेजी से बढ़कर 12.4 फीसदी हो गए हैं, जो बढ़ी हुई मोबिलिटी, डिजिटल कनेक्टिविटी और सर्विस के इस्तेमाल को दिखाता है.

रिवाइज्ड सीरीज से उम्मीद है कि महंगाई की रीडिंग शॉर्ट-टर्म फूड प्राइस वोलैटिलिटी के प्रति कुछ कम सेंसिटिव होंगी, जबकि सर्विस, हाउसिंग और डिस्क्रिशनरी कंजम्पशन के ट्रेंड ज्यादा साफ तौर पर दिखेंगे.

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