भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद बड़ा ट्विस्ट! व्हाइट हाउस का चौंकाने वाला आदेश, 25% पेनल्टी की रकम होगी रिफंड: रिपोर्ट
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड रिश्तों में एक बार फिर नई गर्माहट देखने को मिल रही है. हाल ही में हुई ट्रेड डील के बाद अमेरिका ने भारत को बड़ी राहत दी है, जिससे भारतीय कारोबारियों और निर्यातकों में उम्मीद जगी है. अमेरिका ने न सिर्फ टैरिफ दर को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, बल्कि रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर लगाई गई 25 प्रतिशत की अतिरिक्त पेनल्टी को भी रिफंड करने का फैसला किया है.
India-US trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड रिश्ते लगातार बेहतर हो रहे हैं. दोनों देशों के बीच हुई ट्रेड डील के बाद अमेरिका ने भारत के पक्ष में एक और बड़ी राहत दे दी है. अमेरिका ने भारत पर रूसी तेल खरीदने को लेकर 25% पेनल्टी लगाई थी, जो 27 अगस्त 2025 से लागू हुई थी. इसी को लेकर व्हाइट हाउस ने भारत के पक्ष में एक बड़ी खबर दी है. व्हाइट हाउस ने आदेश दिया है कि 27 अगस्त 2025 से 26 फरवरी के बीच अमेरिका ने भारत से जो भी आयात किया, उस पर लगाई गई पेनल्टी रिफंड की जाएगी.
दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस ने आदेश दिया है कि 27 अगस्त 2025 से 26 फरवरी के बीच अमेरिका ने भारत से जो भी आयात किया, उस पर लगाई गई पेनल्टी की रकम रिफंड की जाएगी. यह फैसला ऐसे समय आया है जब दोनों देश आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. व्हाइट हाउस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक यह रिफंड कुछ तय तारीखों के बीच हुए आयात पर लागू होगा. इससे भारतीय कंपनियों को हजारों करोड़ रुपये की राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है. आपको बता दें कि मनी9 लाइव इस खबर की स्वतंत्र रुप से पुष्टि नहीं करता है.
भारत को कितना मिलेगा फायदा
व्हाइट हाउस के अनुसार अमेरिका 27 अगस्त 2025 से 6 फरवरी 2026 के बीच भारत से जिन सामानों का आयात करेगा और जिन पर यह 25 प्रतिशत पेनल्टी लगाई गई थी, वह रकम अब वापस की जाएगी. यह रिफंड अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन कानून के तहत दिया जाएगा. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि भारतीय निर्यातकों को सीधे कितना पैसा मिलेगा, क्योंकि पहले यह रकम अमेरिकी आयातकों को लौटाई जाएगी. इसके बाद वे भारतीय कंपनियों से बातचीत कर तय करेंगे कि रिफंड का कितना हिस्सा उन्हें दिया जाएगा.
अनुमान लगाया जा रहा है कि इससे कारोबारियों को करीब 40 हजार करोड़ रुपये तक की राहत मिल सकती है. अमेरिकी ट्रेजरी के आंकड़ों के अनुसार अमेरिका ने 2024 में आयातित सामानों पर 79 अरब डॉलर का टैरिफ वसूला था. 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 194 अरब डॉलर हो गया. अमेरिका के कुल आयात में भारत की हिस्सेदारी करीब 3.5 प्रतिशत है और भारत से आने वाले 60 प्रतिशत सामानों पर टैरिफ लगता है. इसी आधार पर माना जा रहा है कि 50 प्रतिशत टैरिफ के कारण अब तक करीब 4 अरब डॉलर यानी लगभग 40 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त वसूले गए थे, जिन्हें लौटाया जाएगा.
दोबारा पेनल्टी लग सकती है
ट्रेड डील के अंतरिम समझौते के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन मंत्रियों की एक टास्क फोर्स बनाई है. इसमें वाणिज्य मंत्री, विदेश मंत्री और वित्त मंत्री शामिल हैं. यह समिति इस बात पर नजर रखेगी कि क्या भारत फिर से रूस से तेल आयात शुरू करता है या नहीं. अगर समिति को ऐसा लगता है तो वह राष्ट्रपति को 25 प्रतिशत पेनल्टी दोबारा लगाने की सिफारिश कर सकती है.




