India-USA Trade Deal: टैरिफ कट होते ही इन सेक्टर्स की खुली किस्मत, टेक्सटाइल से ऑटो पार्ट्स तक, कमाई को मिलेगा बूस्ट
भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते से भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलने के आसार है. अमेरिका द्वारा टैरिफ में 32% तक की कटौती किए जाने से टेक्सटाइल, सीफूड, ऑटो पार्ट्स और केमिकल जैसे सेक्टर्स को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है. इससे भारतीय कंपनियों के मुनाफा और कारोबार दोनों बढ़ सकते हैं.
India-USA Trade Deal: India-USA के बीच एक अहम और ऐतिहासिक व्यापार समझौता हुआ है, जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है. इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले कई उत्पादों पर टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर दिया है. इसके साथ ही रूस से तेल व्यापार के कारण लगाया गया अतिरिक्त 25% टैक्स भी पूरी तरह खत्म कर दिया गया है. कुल मिलाकर देखें तो भारतीय कंपनियों को करीब 32% तक की टैरिफ राहत मिली है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यह समझौता तत्काल प्रभाव से लागू होगा. इससे अमेरिका में कारोबार करने वाली भारतीय कंपनियों की लागत घटेगी, मुनाफे में सुधार होगा और नए ऑर्डर मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी.
किन सेक्टर्स को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
टैरिफ में कटौती का सीधा फायदा उन सेक्टर्स को मिलेगा, जिनका अमेरिका में बड़ा एक्सपोजर यानी कारोबार है. पहले 27 अगस्त से 50% तक टैरिफ लागू होने से भारतीय निर्यातकों पर भारी दबाव था, लेकिन अब हालात सुधरने की उम्मीद है. खासतौर पर टेक्सटाइल, सीफूड, ऑटो पार्ट्स, केमिकल्स और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा मिल सकता है.
टेक्सटाइल सेक्टर को लाभ
अमेरिका भारतीय टेक्सटाइल इंडस्ट्री का बड़ा बाजार है. टैरिफ घटने से इन कंपनियों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और ऑर्डर में तेजी आ सकती है. इससे उन कंपनियों को फायदा मिले जो इस सेक्टर में काम और अमेरिकी बाजार में कारोबार कर रही है. उदाहरण के लिए नीचे दिए कंपनियों का अमेरिकी बाजार में कारोबार अच्छा है.
- इंडो काउंट इंडस्ट्रीज (Indo Count Industries)
- काइटेक्स (Kitex)
- गोकलदास एक्सपोर्ट्स (Gokaldas Exports)
- पर्ल ग्लोबल (Pearl Global)
- वेलस्पन इंडिया (Welspun India)
- हिमात्सिंका साइड (Himatsingka Seide)
- ट्राइडेंट (Trident)
- वर्धमान टेक्सटाइल्स (Vardhman Textiles)
- अरविंद (Arvind)
सीफूड सेक्टर
अमेरिका भारतीय झींगा और अन्य सीफूड उत्पादों का बड़ा खरीदार है. टैरिफ राहत से इस सेक्टर की मांग फिर से बढ़ सकती है. लाभ पाने वाली कंपनियों में कुछ नाम नीचे दिए गए हैं.
- एपेक्स फ्रोजन फूड्स (Apex Frozen Foods)
- वॉटरबेस (Waterbase)
- अवंती फीड्स (Avanti Feeds)
ऑटो और ऑटो पार्ट्स सेक्टर
ऑटो कंपोनेंट्स की अमेरिका में मजबूत मांग है. टैरिफ कम होने से भारतीय कंपनियों को लागत में राहत और नए कॉन्ट्रैक्ट मिलने की संभावना है. इस सेक्टर की प्रमुख कंपनियां हैं –
- सोना बीएलडब्ल्यू (Sona BLW)
- रामकृष्ण फोर्जिंग (Ramkrishna Forging)
- भारत फोर्ज (Bharat Forge)
- टाटा मोटर्स (Tata Motors)
- संवर्धन मदरसन (Samvardhana Motherson)
- बालकृष्ण टायर्स (Balkrishna Tyres)
- सनसेरा इंजीनियरिंग (Sansera Engineering)
केमिकल और एग्रोकेमिकल सेक्टर
केमिकल सेक्टर भी इस डील का बड़ा फायदा उठा सकता है, क्योंकि अमेरिका भारतीय स्पेशलिटी और एग्रोकेमिकल्स का अहम बाजार है. इस डील के बाद इन कंपनियों को फायदा होने वाला है.
- यूपीएल (UPL)
- एसआरएफ (SRF)
- जुबिलेंट इनग्रेविया (Jubilant Ingrevia)
- आरती इंडस्ट्रीज (Aarti Industries)
- पीआई इंडस्ट्रीज (PI Industries)
कंज्यूमर गुड्स कंपनियां
खाद्य और FMCG से जुड़ी कंपनियों को भी टैरिफ राहत से फायदा मिलने की उम्मीद है. इनमें शामिल हैं-
- एलटी फूड्स (LT Foods – Daawat)
- केआरबीएल (KRBL – India Gate)
- टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (Tata Consumer Products)
कुल मिलाकर असर
भारत–अमेरिका ट्रेड डील से भारतीय निर्यात को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है. टैरिफ में कमी से कंपनियों की कमाई और मुनाफा दोनों बढ़ सकते हैं. साथ ही, अमेरिका में भारतीय उत्पादों की मांग फिर से रफ्तार पकड़ सकती है, जो आने वाले समय में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक संकेत है. साथ ही इन सेक्टर्स की जो कंपनियां बाजार में लिस्टेट है उसके शेयरों में भी तेजी दिख सकती है.




