भारत-US ट्रेड डील से खुले नए रास्ते, किसानों से लेकर MSME समेत इन सेक्टर्स में फिर लौटेगी हरियाली
नए ट्रेड समझौते को लेकर सरकार और कारोबारी जगत में काफी उत्साह है. इस समझौते से भारतीय किसानों, स्मॉल इंडस्ट्री, एक्सपोर्टर और स्कील लेबर को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. इससे ‘मेक इन इंडिया’ को नई रफ्तार मिलेगी और अमेरिका से नई तकनीक आने का रास्ता भी खुलेगा.
India-US trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच हुए नए ट्रेड समझौते को लेकर सरकार और कारोबारी जगत में काफी उत्साह है. इस समझौते से भारतीय किसानों, स्मॉल इंडस्ट्री, एक्सपोर्टर और स्कील लेबर को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. इससे ‘मेक इन इंडिया’ को नई रफ्तार मिलेगी और अमेरिका से नई तकनीक आने का रास्ता भी खुलेगा. लंबे समय से ऊंचे टैरिफ की वजह से कई सेक्टर मुश्किल में थे. खासकर कपड़ा, चमड़ा और समुद्री प्रोडक्ट जैसे Labor-based industries पर भारी दबाव था. अब टैरिफ घटने से इन सेक्टर्स में फिर से ऑर्डर बढ़ने की उम्मीद है.
Piyush Goyal ने क्या कहा
केंद्रीय Commerce मंत्री पियूष गोयल ने कहा कि भारत और United States के बीच हुआ यह समझौता घरेलू किसानों, MSME, Entrepreneurs और skilled लेबर के लिए बड़े मौके खोलेगा. उन्होंने कहा कि इससे ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजाइन इन इंडिया’ और ‘इनोवेट इन इंडिया’ को वैश्विक पहचान मिलेगी.
टैरिफ घटाकर 18 फीसदी
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने प्रधानमंत्री Narendra Modi से बातचीत के बाद कहा कि भारतीय सामान पर लगने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी किया जाएगा. इससे भारतीय प्रोडक्ट अमेरिकी बाजार में सस्ते होंगे. वाणिज्य सचिव Rajesh Agrawal ने इसे ऐतिहासिक करार दिया. उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के लिए समृद्धि और विकास के नए रास्ते खोलेगा.
टैरिफ में राहत से किन सेक्टर्स और कंपनियों को फायदा?
| सेक्टर | कंपनियां |
|---|---|
| टेक्सटाइल और अपैरल | Indo Count Industries, Kitex, Gokaldas Exports, Pearl Global, Welspun India, Himatsingka Seide, Trident, Vardhman Textiles, Arvind |
| सीफूड सेक्टर | Apex Frozen Foods, Waterbase, Avanti Feeds |
| ऑटो और ऑटो पार्ट्स | Sona BLW, Ramkrishna Forging, Bharat Forge, Tata Motors, Samvardhana Motherson, Balkrishna Tyres, Sansera Engineering |
| केमिकल और एग्रोकेमिकल | UPL, SRF, Jubilant Ingrevia, Aarti Industries, PI Industries |
| कंज्यूमर कंपनियां | LT Foods, KRBL, Tata Consumer Products |
निर्यातकों को बड़ी राहत की उम्मीद
थिंक टैंक Global Trade Research Initiative ने कहा कि अभी यह साफ होना जरूरी है कि किन प्रोडक्ट को इस समझौते में शामिल किया गया है. जूता उद्योग से जुड़े कारोबारी Aqeel Panaruna ने कहा कि इससे भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत होगी. Federation of Indian Export Organisations के अध्यक्ष एस.सी. रल्हान ने कहा कि यह एशियाई देशों के मुकाबले भारतीय निर्यात को ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाएगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि कपड़ा, चमड़ा और फुटवियर जैसे सेक्टरों में रुके हुए ऑर्डर फिर से शुरू होंगे.
आंकड़ों में अमेरिका के साथ व्यापार
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर 2025 में भारत का अमेरिका को निर्यात 1.83 फीसदी घटकर 6.88 अरब डॉलर रहा था. उसी महीने आयात बढ़कर 4.03 अरब डॉलर हो गया. अप्रैल से दिसंबर की अवधि में हालांकि निर्यात बढ़कर 65.87 अरब डॉलर पहुंचा.
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