IPL पर 40% टैक्स क्यों? टीमों का बड़ा सवाल- इसे एंटरटेनमेंट नहीं, खेल मानो; GST घटाने की मांग तेज
IPL टीमों ने सरकार से एक बड़ी मांग की है. उनका कहना है कि IPL को मनोरंजन नहीं बल्कि खेल के तौर पर देखा जाए. अभी IPL मैच टिकट पर बहुत ज्यादा GST लगाया जाता है, जिससे टिकट महंगे हो जाते हैं. टीमों का मानना है कि इससे फैंस और पूरे स्पोर्ट्स सेक्टर पर असर पड़ता है.

IPL Tax: भारत में क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक भावना है. हर साल स्टेडियम में हजारों फैंस मैच देखने पहुंचते हैं. लेकिन अब IPL टीमों ने सरकार से एक बड़ी मांग की है. उनका कहना है कि IPL को मनोरंजन नहीं बल्कि खेल के तौर पर देखा जाए. अभी IPL मैच टिकट पर बहुत ज्यादा GST लगाया जाता है, जिससे टिकट महंगे हो जाते हैं. टीमों का मानना है कि इससे फैंस और पूरे स्पोर्ट्स सेक्टर पर असर पड़ता है. अगर टैक्स कम किया जाता है तो इससे क्रिकेट और उससे जुड़े कारोबार को फायदा मिल सकता है. अब इस मामले पर सरकार और GST काउंसिल फैसला ले सकती है.
क्या है पूरा मामला
ET की एक रिपोर्ट के मुताबिक IPL टीमों ने वित्त मंत्रालय से मांग की है कि मैच टिकट पर GST को 40% से घटाकर 18% किया जाए. अभी IPL टिकट को एंटरटेनमेंट कैटेगरी में रखा गया है, जिस पर ज्यादा टैक्स लगता है. अगर इसे स्पोर्ट्स इवेंट माना जाता है, तो टैक्स कम होकर 18% हो जाएगा. यही दर अंतरराष्ट्रीय मैचों पर लागू होती है, जिन्हें Board of Control for Cricket in India आयोजित करता है.
क्यों उठा यह मुद्दा
40% GST आमतौर पर उन चीजों पर लगाया जाता है जिन्हें नुकसानदायक माना जाता है, जैसे तंबाकू, जुआ, सट्टा या लग्जरी चीजें. IPL टीमों का कहना है कि क्रिकेट एक स्वस्थ खेल है और इसे ऐसे कैटेगरी में रखना सही नहीं है. उनका मानना है कि IPL परिवार के साथ देखने वाला एक अच्छा मनोरंजन है, न कि कोई गलत गतिविधि.
अन्य सर्विस पर कितना टैक्स
टीमों ने यह भी कहा कि कई महंगी सेवाओं पर भी सिर्फ 18% GST लगता है. जैसे महंगे होटल, बिजनेस क्लास फ्लाइट और अन्य मनोरंजन कार्यक्रम. साथ ही थिएटर, डांस, म्यूजियम, थीम पार्क और अन्य इवेंट्स पर भी 18% टैक्स ही लिया जाता है. IPL पर ज्यादा टैक्स लगाने से स्पोर्ट्स सेक्टर को नुकसान हो सकता है. उनका कहना है कि IPL सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, बल्कि टूरिज्म, होटल, ट्रैवल और फूड इंडस्ट्री को भी बढ़ावा देता है.
क्या हो सकता है असर
अगर GST कम होता है, तो टिकट सस्ते हो सकते हैं और ज्यादा लोग स्टेडियम में मैच देखने आ सकते हैं. इससे खिलाड़ियों को भी फायदा होगा और नए टैलेंट को मौका मिलेगा. IPL टीमों की मांग है कि इस लीग को खेल के रूप में देखा जाए, न कि सिर्फ मनोरंजन के तौर पर. अब सभी की नजर GST काउंसिल के फैसले पर है, जो इस पूरे मामले में अंतिम निर्णय लेगी.
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