कोटक महिंद्रा बैंक 4,500 करोड़ में खरीदेगा डॉयचे बैंक का रिटेल बिजनेस, जानें- इस डील से क्या होगा फायदा?
इस समझौते को अगले हफ्ते तक फाइनल करके सार्वजनिक किया जा सकता है. कोटक के लिए, यह अधिग्रहण उसके कंज्यूमर बैंकिंग के दायरे को काफी बढ़ा देगा, जिससे लोन और डिपॉजिट का पैमाना बढ़ेगा. कोटक बैंक ने पहले स्टैंडर्ड चार्टर्ड से 3,330 करोड़ रुपये का पर्सनल लोन पोर्टफोलियो खरीदा था.
कोटक महिंद्रा बैंक डॉयचे बैंक की भारतीय रिटेल ब्रॉन्च को खरीदने के लिए एक कदम और करीब पहुंच गया है. बैंक टॉप बिडर के रूप में उभरा है और इस डील की अनुमानित कीमत लगभग 4,500 करोड़ रुपये है. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते को अगले हफ्ते तक फाइनल करके सार्वजनिक किया जा सकता है. हालांकि, बातचीत की गोपनीय प्रकृति के कारण, इसमें शामिल लोगों ने अपनी पहचान जाहिर करने से इनकार कर दिया.
27000 करोड़ का रिटेल पोर्टफोलियो
इस संभावित डील में लगभग 27,000 करोड़ रुपये का रिटेल पोर्टफोलियो शामिल है, जिसमें होम और पर्सनल लोन, MSME फाइनेंसिंग, इंडिविजुअल कस्टमर्स की जमा राशि और वेल्थ मैनेजमेंट एसेट्स शामिल हैं. इसमें से, अकेले वेल्थ सेगमेंट की वैल्यू लगभग 7,000 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि पोर्टफोलियो का अधिकांश हिस्सा रिटेल और MSME लेंडिंग से बना है. Deutsche Bank India की रिटेल यूनिट की नेट एसेट वैल्यू, देनदारियों को घटाने के बाद लगभग 4,300 करोड़ रुपये होने का अनुमान है.
वैल्यूएशन पर प्रीमियम
ET के अनुसार, इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि कोटक के इस वैल्यूएशन पर थोड़ा अधिक प्रीमियम देने की संभावना है, जिससे बोली प्रक्रिया में Federal Bank को पीछे छोड़ने के बाद डील की साइज लगभग 4,500 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी. हालांकि, सौदे के पूरा होने के समय अंतिम राशि में अभी भी कुछ बदलाव किया जा सकता है.
डॉयचे बैंक का ऑपरेशन
लगभग 17 ब्रांचों के साथ, डॉयचे बैंक के भारत में रिटेल ऑपरेशंस ने अमीर ग्राहकों के बीच एक खास जगह बना ली है. इस डिवीजन ने मार्च 2025 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए 2,455 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के 2,362 करोड़ रुपये से 4% ज्यादा है. मार्च 2025 तक इसके रिटेल बैंकिंग सेगमेंट में कुल एसेट्स 25,038 करोड़ रुपये थे.
अधिग्रहण के बाद कोटक बैंक को क्या मिलेगा?
कोटक के लिए, यह अधिग्रहण उसके कंज्यूमर बैंकिंग के दायरे को काफी बढ़ा देगा, जिससे लोन और डिपॉजिट का पैमाना बढ़ेगा, और साथ ही उसके MSME और वेल्थ मैनेजमेंट बिज़नेस भी मजबूत होंगे. इससे बैंक को ज्यादा नेट-वर्थ वाले लोगों के बीच अपनी मौजूदगी मजबूत करने और प्रीमियम शहरी लोन बाजारों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.
डॉयचे बैंक के लिए, यह प्रस्तावित बिक्री CEO Christian Sewing के तहत उसकी बड़ी ग्लोबल रीस्ट्रक्चरिंग योजना के मुताबिक है, जिसका मकसद मुनाफा बढ़ाना और भारत में रिटेल बैंकिंग जैसे गैर-जरूरी सेगमेंट को कम करके मुख्य ऑपरेशंस पर ध्यान देना है.
कोटक ने हाल ही में साफ किया कि बाजार में चल रही अटकलों के बावजूद, उसने IDBI बैंक के लिए कोई फाइनेंशियल बोली नहीं लगाई थी. बैंक ने जोर देकर कहा है कि उसकी अधिग्रहण रणनीति तीन मुख्य बातों पर आधारित है. लंबी अवधि की रणनीति के साथ तालमेल, वैल्यू बनाना, और एकीकरण में आसानी.
मौकों का आकलन
मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO अशोक वासवानी ने पहले बताया था कि मौकों का आकलन सबसे पहले इस आधार पर किया जाता है कि क्या वे बैंक की फ्रेंचाइजी को बेहतर बनाते हैं, फिर इस आधार पर कि क्या वे आर्थिक रूप से फायदेमंद हैं, और आखिर में इस आधार पर कि क्या उन्हें असरदार तरीके से इंटीग्रेट किया जा सकता है.
हाल ही में, एक्सिस बैंक ने 2022 में सिटीबैंक इंडिया के कंज्यूमर बिजनेस को लगभग 11,600 करोड़ रुपये में खरीदा था, जिसमें क्रेडिट कार्ड, रिटेल बैंकिंग, वेल्थ मैनेजमेंट और लोन शामिल थे, साथ ही लगभग 3,200 कर्मचारियों का ट्रांजिशन भी हुआ था.
कोटक ने खुद भी पहले स्टैंडर्ड चार्टर्ड से 3,330 करोड़ रुपये का पर्सनल लोन पोर्टफोलियो खरीदा था. डॉयचे बैंक ने अपनी तरफ से 2011 में अपना क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो इंडसइंड बैंक को बेच दिया था.
Latest Stories
सस्ता हुआ सोना-चांदी, ₹10500 तक टूटी कीमतें; लेकिन MCX पर सिल्वर ने दिखाई दमदार रिकवरी
संकट के बीच बड़ा फैसला! RoDTEP के 100% फायदे बहाल, निर्यातकों को सीधी राहत
विदेशी काले धन पर बड़ी मार! 9 महीनों में ₹4,009 करोड़ टैक्स, 41000 करोड़ से ज्यादा की पेनाल्टी डिमांड
