क्या वाकई 14.2KG की जगह 10 किलो का सिलेंडर मिलेगा? सरकार ने बताई सच्चाई; 10 सेक्टर्स को राहत

सरकार ने साफ किया है कि 14.2 किलो गैस सिलेंडर को 10 किलो करने की कोई योजना नहीं है. साथ ही कमर्शियल LPG सप्लाई को लेकर नए फैसले लिए गए हैं, जिससे कारोबार और आम लोगों को राहत मिलेगी. पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर बड़े स्तर पर देश के एनर्जी सेक्टर पर पड़ता हुआ दिख रहा है.

एलपीजी सिलेंडर Image Credit: money9live

LPG Cylinder Rumors and Government: देश में गैस सप्लाई और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सरकार ने स्थिति को लेकर कई अहम स्पष्टिकरण और फैसले सामने रखे हैं, जिससे आम लोगों और कारोबारियों दोनों को राहत मिल सकती है. इनमें से सबसे बड़ा और अहम स्पष्टिकरण सिलेंडर में गैस कि क्वांटिटी को कम करने को लेकर है. आइए समझते हैं कि सरकार ने क्या कहा है.

10 किलो सिलेंडर को लेकर क्या है सच्चाई?

पेट्रोलियम मंत्रालय की ज्वाइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने साफ तौर पर कहा है कि 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर को घटाकर 10 किलो करने की कोई योजना सरकार के पास नहीं है. उन्होंने इसे पूरी तरह अफवाह बताया. सरकार का फोकस फिलहाल छोटे और जरूरतमंद उपभोक्ताओं, खासकर प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो के सिलेंडर की उपलब्धता बढ़ाने पर है. गुजरात में पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारों को लेकर भी उन्होंने कहा कि यह केवल पैनिक का नतीजा है, न कि सप्लाई की कमी. राज्य में ईंधन की कोई किल्लत नहीं है और सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं.

10 सेक्टर्स को मिली कमर्शियल LPG की राहत

सरकार ने पैनिक बुकिंग और सप्लाई के दबाव को कम करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. अब कमर्शियल एलपीजी का 50 फीसदी हिस्सा सीधे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित किया जाएगा, ताकि स्थानीय जरूरतों को तेजी से पूरा किया जा सके. इसके तहत 10 प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है, जिनमें-

  • रेस्टोरेंट और ढाबे
  • होटल
  • इंडस्ट्रियल कैंटीन
  • फूड प्रोसेसिंग यूनिट
  • डेयरी यूनिट
  • राज्य सरकार की सब्सिडी वाली कैंटीन
  • कम्युनिटी किचन
  • मजदूरों के लिए विशेष मेस
  • स्ट्रीट फूड वेंडर्स
  • छोटे खाद्य उद्योग

यह कदम छोटे कारोबारियों और फूड सेक्टर को सुचारू रखने में मदद करेगा.

मजदूरों के लिए खास इंतजाम

सरकार ने साफ किया है कि मजदूरों और दिहाड़ी वर्ग को गैस की कमी से बचाने के लिए 5 किलो के सिलेंडर को प्राथमिकता दी जा रही है. इसके अलावा, एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए PNG कनेक्शन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. पिछले तीन हफ्तों में ही 3.5 लाख नए PNG कनेक्शन जारी किए गए हैं. बताया गया है कि जो उपभोक्ता PNG अपनाएंगे, उन्हें अतिरिक्त 10 फीसदी तक फायदा देने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है. अब तक बाजार में करीब 15,500 टन एलपीजी की सप्लाई की जा चुकी है, जिससे स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होती दिख रही है.

विदेश में फंसे भारतीयों पर सरकार की नजर

वहीं, इजरायल-ईरान संघर्ष को लेकर विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि अधिकांश भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं. हालांकि इस संघर्ष में अब तक 6 भारतीयों की मौत हो चुकी है और एक व्यक्ति लापता है. एक अन्य घायल नागरिक का इलाज जारी है. सरकार ने बताया कि 28 फरवरी से अब तक करीब 3.75 लाख भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है. खाड़ी देशों से लगातार फ्लाइट्स ऑपरेट हो रही हैं, सिर्फ यूएई से ही आज करीब 95 उड़ानों की उम्मीद है, जबकि कतर एयरवेज भी 8-10 विशेष उड़ानें चला रहा है. ईरान में फंसे 1000 से अधिक भारतीयों, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हैं, को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित निकाला गया है. वहीं इजरायल से भारतीयों को जॉर्डन के जरिए वापस लाया जा रहा है.

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