विदेशी काले धन पर बड़ी मार! 9 महीनों में ₹4,009 करोड़ टैक्स, 41000 करोड़ से ज्यादा की पेनाल्टी डिमांड

विदेशों में छिपे काले धन पर सरकार की सख्ती तेज हो गई है. FY26 के 9 महीनों में ही 4,009 करोड़ रुपये से ज्यादा का टैक्स लगाया गया है. पनामा और पेंडोरा जैसे खुलासों के बाद कार्रवाई और तेज हुई है, जिससे बड़े पैमाने पर टैक्स और पेनाल्टी की मांग उठी है.

विदेशी काले धन पर सख्ती Image Credit: FreePik

विदेशों में छिपाई गई आय और संपत्तियों पर सरकार की सख्ती लगातार बढ़ती जा रही है. चालू वित्त वर्ष में इनकम टैक्स विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हजारों करोड़ रुपये का टैक्स वसूली के दायरे में लाया है. काले धन पर नकेल कसने के लिए बनाए गए कानून के तहत यह कार्रवाई बताती है कि विदेशी खातों और संपत्तियों पर नजर अब और तेज हो गई है.

9 महीने में 4,000 करोड़ से ज्यादा टैक्स

वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों, यानी दिसंबर 2025 तक, इनकम टैक्स विभाग ने 4,009.64 करोड़ रुपये का टैक्स undisclosed foreign income और assets पर लगाया है. यह कार्रवाई ब्लैक मनी (Undisclosed Foreign Income and Assets) and Imposition of Tax Act, 2015 के तहत की गई है.

पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा 4,556.64 करोड़ रुपये रहा था, जिससे साफ है कि सरकार लगातार इस दिशा में सक्रिय है.

संसद में सरकार ने दी जानकारी

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि जैसे ही विदेशी आय या संपत्तियों से जुड़ी कोई विश्वसनीय जानकारी मिलती है, उस पर जांच की जाती है और जरूरी कार्रवाई की जाती है.

उन्होंने यह भी बताया कि इन मामलों में आयकर अधिनियम 1961 और ब्लैक मनी एक्ट 2015 जैसे कानूनों के तहत कार्रवाई होती है.

पनामा-पेंडोरा जैसे खुलासों से बड़ी कार्रवाई

सरकार ने पनामा, पैराडाइज और पेंडोरा पेपर्स जैसे बड़े खुलासों के आधार पर भी कार्रवाई की है. इन मामलों में अब तक 14,636 करोड़ रुपये की undisclosed foreign income और assets को टैक्स के दायरे में लाया जा चुका है.

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सरकार के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 तक कुल 1,368 असेसमेंट पूरे किए जा चुके हैं. इनसे 41,257 करोड़ रुपये से ज्यादा का टैक्स और पेनाल्टी डिमांड उठाई गई है. साथ ही 167 मामलों में अभियोजन (prosecution) की शिकायतें भी दर्ज की गई हैं, जो यह दिखाता है कि सरकार सिर्फ टैक्स वसूली ही नहीं, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी कर रही है.

हालांकि सरकार ने यह साफ किया है कि देश के भीतर या विदेश में छिपे कुल काले धन का कोई आधिकारिक अनुमान उपलब्ध नहीं है.