अब 21 दिन से पहले नहीं बुक कर पाएंगे LPG सिलेंडर, गैस के दाम बढ़ने के बाद नई सख्ती; ईरान संकट का असर

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच LPG सिलेंडर को लेकर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने नया नियम लागू किया है. अब घरेलू उपभोक्ता 21 दिन से पहले नया सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे. हाल में गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और LNG सप्लाई को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच यह कदम पैनिक बुकिंग रोकने के लिए उठाया गया है.

अब 21 दिन से पहले नहीं बुक कर पाएंगे LPG Image Credit: @PTI

LPG Cylinder Booking Days Change: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत के घरेलू गैस बाजार पर भी दिखाई देने लगा है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने LPG सिलेंडर बुकिंग को लेकर बड़ा फैसला लिया है. TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नए नियम के मुताबिक अब घरेलू उपभोक्ता 21 दिन से पहले नया LPG सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे. कंपनियों ने यह कदम हाल के दिनों में तेजी से बढ़ी ‘पैनिक बुकिंग’ को देखते हुए उठाया है, ताकि सप्लाई चेन पर दबाव कम किया जा सके और गैस की उपलब्धता सामान्य बनी रहे. मौजूदा समय तक ग्राहक सिलेंडर की बुकिंग कभी भी कर सकते थे और उसकी डिलीवरी कुछ ही दिनों में हो भी जाती थी लेकिन नए नियम के बाद ऐसा नहीं किया जा सकेगा.

अभी बढ़े थे सिलेंडर के दाम!

मालूम हो कि शुक्रवार की रात दिल्ली में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई. 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई. इसके बाद सिलेंडर का दाम 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गया. दरअसल, ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और मिडिल ईस्ट में अनिश्चित हालात के कारण लोगों में गैस सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसी वजह से कई शहरों में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने तय समय से पहले ही सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिया. इससे LPG की मांग अचानक बढ़ गई और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क पर दबाव बनने लगा. हालांकि, इस खबर की पुष्टि मनी9लाइव स्वतंत्र रूप से नहीं करता है.

क्यों लागू किया गया 21 दिन का नियम

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने शुक्रवार से यह नई व्यवस्था लागू कर दी है. इस नियम के तहत अब किसी भी घरेलू ग्राहक को नया LPG सिलेंडर बुक करने के लिए पिछले सिलेंडर की डिलीवरी के बाद कम से कम 21 दिन का इंतजार करना होगा. ऑल इंडिया भारत गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोशिएशन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (पूर्वी क्षेत्र) सुकोमल सेन ने TOI से कहा कि बुधवार के बाद से ही बुकिंग में असामान्य बढ़ोतरी देखी गई. उदाहरण के तौर पर कोलकाता और आसपास के इलाकों में एक दिन में करीब 1.5 लाख LPG बुकिंग दर्ज की गईं, जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या लगभग 1 लाख के आसपास रहती है.

इस अचानक बढ़ी मांग ने सप्लाई सिस्टम को अस्थायी रूप से प्रभावित कर दिया. LPG डीलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स के प्रवक्ता बिहारी बिसवास ने टाइम्स ऑफ इंडियो से कहा कि अगर पैनिक बुकिंग जारी रहती तो इससे सप्लाई चेन पर भारी दबाव पड़ सकता था. इसलिए कंपनियों ने उपभोक्ताओं को सिलेंडर जमा करने या अतिरिक्त बुकिंग से रोकने के लिए यह लॉक-इन अवधि लागू की है.

गैस की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल ही में भारत में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी. बढ़ती अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों और सप्लाई जोखिमों के कारण तेल कंपनियों ने रसोई गैस की कीमतों में संशोधन किया था. मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियो पॉलिटिकल टेंशन, कच्चे तेल और गैस की बढ़ती कीमतों के चलते ऊर्जा बाजार पहले से दबाव में है. ऐसे में अगर वैश्विक सप्लाई में व्यवधान आता है तो घरेलू गैस की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है.

कतर की LNG सप्लाई पर संकट ने बढ़ाई चिंता

ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ने की एक बड़ी वजह कतर से LNG सप्लाई को लेकर सामने आई खबरें भी हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और हमलों के कारण कुछ LNG इंफ्रास्ट्रक्चर प्रभावित हुआ है, जिसके चलते कतर ने कुछ देशों को सप्लाई को लेकर ‘फोर्स मेज्योर’ नोटिस जारी किया है. हालांकि भारत के पास LNG के कई वैकल्पिक स्रोत मौजूद हैं, लेकिन इस घटनाक्रम ने एशिया के ऊर्जा बाजार में चिंता जरूर बढ़ा दी है. ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो तेल और गैस दोनों की वैश्विक सप्लाई पर असर पड़ सकता है.

सप्लाई पर्याप्त, घबराने की जरूरत नहीं

तेल कंपनियों के अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से घबराकर बुकिंग करने से बचने की अपील की है. IOC के चीफ जनरल मैनेजर (LPG) के एम ठाकुर ने टीओआई से कहा कि फिलहाल LPG की सप्लाई पर्याप्त है और किसी तरह की कमी नहीं है. IOC के अधिकारियों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में कुछ इलाकों में बुकिंग 15-20 फीसदी तक बढ़ी है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है और सप्लाई चेन सामान्य रूप से काम कर रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, 21 दिन का लॉक-इन नियम लागू होने से अनावश्यक बुकिंग कम होगी और गैस की डिलीवरी सिस्टम धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगा. फिलहाल कंपनियों की कोशिश है कि उपभोक्ताओं तक गैस की सप्लाई बिना किसी रुकावट के पहुंचती रहे और बाजार में कृत्रिम कमी की स्थिति पैदा न हो.

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